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ऑडिटरों के इस्तीफे की वजह पूछेगी सरकार

रुचिका चित्रवंशी / नई दिल्ली 07 08, 2019

सरकार कंपनियों से इस्तीफे के बारे में ऑडिटरों से विस्तृत सूचनाएं मांगेगी। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को यह जानकारी दी है। रिलायंस कैपिटल और रिलायंस होम फाइनैंस से ऑडिटर के रूप में पीडब्ल्यूसी के इस्तीफे और कंपनी के खिलाफ उसकी शिकायत के बाद अधिकारियों ने कहा है कि दोनों पक्षों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी, उसके बाद ही इस मसले पर कोई फैसला किया जाएगा। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'हम सभी चरणों से गुजरेंगे। हम चेहरे के मुताबिक शिकायत नहीं ले सकते। हम कंपनी, संयुक्त ऑडिटर के साथ ऑडिट करने वाली कंपनी से गंभीर सवाल करेंगे।' हाल के दिनों में कई ऑडिटरों ने कंपनियों से इस्तीफे दिए हैं, जिससे वे खुद को कंपनी से दूर कर सकें, जिनके बही खाते सवालों के घेरे में हैं। हाल में डेलॉयट, केपीएमजी, ईवाई की ऑडिटर के रूप में भूमिका सरकार की जांच के घेरे में है और सरकार उनसे सवालों के जवाब की उम्मीद कर रही है। वैश्विक एकाउंटिंग फर्म केपीएमजी नेटवर्क की बीएसआर ऐंड एसोसिएट्स ने आईएलऐंडएफएस फाइनैंशियल सर्विसेज के ऑडिटर के पद से पिछले महीने इस्तीफा दे दिया था, जिसकी वित्तीय अनियमितता की जांच चल रही है। 

यह इस्तीफा सरकार के उस आवेदन की सुनवाई के एक दिन पहले हुआ था, जिसमें सरकार की ओर से राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) में कंपनी पर 5 साल का प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। कॉर्पोरेट प्रोफेशनल्स के पार्टनर अंकित सिंघी ने कहा, 'नियामकीय सख्ती और सरकारी एजेंसियों की निगरानी को लेकर ऑडिटर बहुत सतर्क हैं। जब आगे कोई रास्ता न हो तो इस्तीफा अंतिम विकल्प है। ऑडिटर के रूप मेंं अगर मुझे कुछ संदेहास्पद मिलता है तो मैं अपनी रिपोर्ट में उसे शामिल कर सकता हूं।' जून महीने में कंपनी मामलों के मंत्रालय को लिखे पत्र में पीडब्ल्यूसी ने कहा, 'हमने अपने पर्यवेक्षण के मुताबिक जानकारी मांगी, जिसका कोई पर्याप्त और संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसे देखते हुए हमने 24 अप्रैल 2019 को कंपनी अधिनियम की धारा 143 (12) व नियम 13 (2) (ए) के प्रावधानो के तहत पत्र भेजा।' 

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'ऑडिटर के छोडऩे के बारे में बहुत बुनियादी सवाल उठे हैं। इसके लिए एकसमान जांच की जरूरत है।' कंपनी अधिनियम की धारा 143 (12) में प्रावधान है कि अगर कंपनी में कोई धोखाधड़ी पाई जाती है तो ऑडिटर उसकी रिपोर्ट सरकार को दे। अधिकारियों के मुताबिक कंपनी द्वारा सहयोग न किए जाने के आधार पर ऑडिटर इस्तीफा दे सकता है। बहरहाल धारा 143 (12) के तहत रिपोर्ट दाखिल करने से यह साफ होता है कि धोखाधड़ी वाली कोई गतिविधि हुई है। इस सिलसिले में पूछे जाने पर पीडब्ल्यूसी ने कोई जानकारी देने से इनकार किया है।

Keyword: Govenment, Govt, Company, Auditor, PWC, Company, KPMG, IL&FS, NCLT,
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