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ऐक्सिस बैंक के प्रतिफल अनुपात में सुधार के आसार

श्रीपाद ऑटे /  July 07, 2019

आईसीआईसीआई बैंक के प्रतिस्पर्धी ऐक्सिस बैंक का शेयर वर्ष 2019 के शुरू से 30 प्रतिशत चढ़ चुका है। 2019 के शुरू में नए प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अमिताभ चौधरी ने इस बैंक की कमान संभाली थी। विश्लेषकों ने कई ऐसे कारकों का जिक्र किया है जिनसे भविष्य में बैंक का प्रतिफल अनुपात मजबूत हो सकता है। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के डार्पिन शाह और आकाश दत्तानी का मानना है कि सुधरती परिसंपत्ति गुणवत्ता, बेहतर जोखिम प्रबंधन प्रणालियों, अधिक प्रतिफल वाले उत्पादों पर ध्यान बढ़ाने और लागत सतर्कता से आय को मजबूती मिलेगी। इससे बैंक के प्रतिफल अनुपात में भी सुधार आने की संभावना है।

ब्रोकरों को वित्त वर्ष 2019 में फंसे कर्ज में कमी की भी संभावना है जिससे कुल आय में सुधार बरकरार रहेगा, हालांकि बैंक पर कुछ वृहद चुनौतियों से प्रभाव पड़ सकता है। फंसे कर्ज में कमी से संकेत मिलता है कि परिसंपत्ति गुणवत्ता चक्र (मुख्य रूप से कॉरपोरेट पूल से) में तेजी आई है। इसके अलावा रिटेल परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में प्रबंधन के भरोसे से भी खराब ऋणों में कमी आने की संभावना है। रिटेल परिसंपत्तियों की ऊंची भागीदारी (मार्च 2019 तक कुल अग्रिमों का 50 प्रतिशत) ने परिसंपत्ति गुणवत्ता के संदर्भ में और अधिक सुधार का मौका दिया है। 

सालाना रिपोर्ट में मजबूत जोखिम प्रबंधन ढांचे का जिक्र किया गया है जिससे प्रतिस्पर्धी के औसत की तुलना में ऐक्सिस बैंक को रिटेल में परिसंपत्ति गुणवत्ता बनाए रखने में मदद मिली है। स्लिपेज (खराब ऋण में कमी) में अगले दो वर्षों के दौरान 100 आधार अंक तक की कमी आने की संभावना है। सकल गैर-निष्पादित आस्तियों (एनसीए) या फंसे कर्ज में भी रुझान कमजोर होने की अनुमान है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके अलावा, प्रावधान कवरेज अनुपात (फंसे कर्ज को बट्टे खाते में डालने समेत) वित्त वर्ष 2018 के 65 प्रतिशत से सुधरकर वित्त वर्ष 2019 में 77 प्रतिशत पर पहुंच गया और इससे बैंक के लिए प्रावधान वृद्घि की जरूरत में कमी को बढ़ावा मिलेगा। 

प्रावधान, जोखिम और अनुपालन पर सतर्क दृष्टिकोण अपनाने के बैंक की रणनीति से भी प्रावधान को लेकर राहत मिली है। कमजोर परिसंपत्तियों को ध्यान में रखकर बैंक ने नियामकीय जरूरत की तुलना में प्रावधान में इजाफा किया। इसके अलावा, प्रौद्योगिकी पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किए जाने के बावजूद कम परिचालन लागत से भी मदद मिलेगी। बैंक ने अगले पांच वर्षों में लगभग 900 शाखाएं जोडऩे की योजना बनाई है। 

क्रेडिट कार्ड, पर्सनल लोन जैसे अधिक प्रतिफल वाले उत्पादों की अच्छी भागीदारी के साथ रिटेल उत्पाद मिश्रण में भी बदलाव आया है। इससे बैंक के राजस्व में सुधार लाने में भी मदद मिल सकती है। बैंकिंग उद्योग की धीमी जमा वृद्घि के बीच जमाओं की लागत में तेजी आने की संभावना है। मियादी जमाओं की ऐक्सिस बैंक की लागत भी वित्त वर्ष 2019 में 22 आधार अंक अधिक रही। सालाना रिपोर्ट के अनुसार, बैंक का ध्यान अब चालू एवं बचत खातों के साथ साथ खुदरा मियादी जमाओं पर केंद्रित है।

दरअसल, चौधरी का मानना है कि बैंकिंग उद्योग ने एनबीएफसी से ऋण मांग में सुधार की वजह से ऋण वृद्घि में तेजी और मूल्य निर्धारण ताकत में इजाफा दर्ष किया है। ऐक्सिस बैंक अपने शाखा नेटवर्क (4,050 शाखाएं) और पूंजी की मजबूत स्थिति (मार्च 2019 तक पूंजी पर्याप्तता 15.8 प्रतिशत) को देखते हुए इस अवसर का लाभ उठाने के लिए तैयार है। 

कुल मिलाकर, यदि बैंक उम्मीद के अनुसार प्रदर्शन करता है, तो इस शेयर में अच्छी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। कुछ विश्लेषकों ने अगले साल इस शेयर में मौजूदा स्तरों से 11-14 प्रतिशत की तेजी आने का अनुमान जताया है।
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