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एनएचबी रखेगा एचएफसी पर नजर

सोमेश झा / नई दिल्ली July 07, 2019

आम बजट में की गई घोषणा के मुताबिक नियामकीय शक्तियां भारतीय रिजर्व बैंक के पास जाने के बाद भी नैशनल हाउसिंग बैंक (एनएचबी) हाउसिंग फाइनैंस कंपनियों का निरीक्षण करता रहेगा और उस पर जुर्माना भी लगा सकेगा। एनएचबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, एनएचबी एचएफसी का निरीक्षक रहेगा और आरबीआई सिर्फ नियामकीय भूमिका ग्रहण करेगा। यह कुछ उसी तरह का है जहां नाबार्ड का क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों के साथ संबंध है, वहीं आरबीआई उनका नियामक बना हुआ है।

वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, आरबीआई एनएचबी को हाउसिंग फाइनैंंस कंपनियों के खाते की जांच करने और उसकी रिपोर्ट सौंपने के लिए कह सकता है। एनएचबी स्वतंत्र रूप से भी एचएफसी के खाते की जांच वित्त विधेयक 2019 के प्रावधानों के मुताबिक कर सकता है। आगे सरकार एनएचबी को एचएफसी के लिए ज्यादा रीफाइनैंस का विंडो पेश करने की अनुमति दे सकता है।

संसद में वित्त विधेयक 2019 पारित होने के बाद पंजीकरण प्रमाणपत्र, नियम व दिशानिर्देश आरबीआई जारी करेगा। हालांकि वित्त विधेयक के मुताबिक पंजीकरण प्रमाणपत्र जारी करने से पहले आरबीआई एनएचबी से एचएफसी के आवेदक की खाता-बही की जांच करने के लिए कह सकता है। प्रस्ताव के मुताबिक, नियामकीय अधिकार आरबीआई के पास जाने के बाद भी एनएचबी खामियों की स्थिति में एचएफसी पर जुर्माना लगाना जारी रख सकता है। एनएचबी के एक अधिकारी ने कहा, एनएचबी का स्वामित्व मार्च 2019 में आरबीआई से लेकर वित्त मंत्रालय को हस्तांतरित किया गया था, जिसके चलते केंद्रीय बैंक के पास एचएफसी की नियामकीय भूमिका जा पाई। कुछ एचएफसी की संपत्ति-देनदारी में बेमेल के चलते दबाव देखा गया था।

वित्त मंत्री ने शुक्रवार को बजट पेश करते हुए कहा था, एनएचबी रीफाइनैंसर व लेनदार के अलावा हाउसिंग फाइनैंस क्षेत्र का नियामक भी है। यह एनएचबी के लिए कुछ हद तक मुश्किलें खड़ा करता है। मैं हाउसिंग फाइनैंस क्षेत्र के नियमन का अधिकार एनएचबी से आरबीआई को सौंपने का प्रस्ताव रखती हूं।

Keyword: Budget, Union Budget, Nirmala Sitaraman, Banking, NHB, National Housing Bank, RBI, नैशनल हाउसिंग बैंक,
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