बिजनेस स्टैंडर्ड - एमएसएमई के लिए भुगतान प्लेटफॉर्म
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एमएसएमई के लिए भुगतान प्लेटफॉर्म

बीएस संवाददाता /  July 05, 2019

बजट 2019-20 में सूक्ष्म, लघु व मझोले उद्यमियों (एमएसएमई) की भुगतान की समस्या को दूर करने के लिए एक अहम प्रावधान किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में एमएसएमई के लिए एक भुगतान प्लेफॉर्म की घोषणा की है। सरकार ने इस बात को माना है कि आपूर्तिकर्ता और ठेकेदारों को सरकारी भुगतान एमएसएमई के नकदी प्रभाव का प्रमुख स्रोत है। इसलिए सरकार ने भुगतान में देरी का समाधान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार एक भुगतान प्लेटफॉर्म बनाएगी। इससे बिल प्रस्तुत करने और उसके भुगतान का कार्य एक ही प्लेटफॉर्म पर किया जा सकेगा। बजट में एमएसएमई को राहत देने के लिए ब्याज माफी योजना की भी घोषणा की गई है। जिसके तहत एमएसएमई को 2 फीसदी रियायती दर पर कर्ज मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए बजट में 350 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस रियायती ब्याज माफी योजना का लाभ सभी वस्तु ऐवं सेवा कर (जीएसटी) पंजीकृत एमएसएमई उठा सकेंगे। इस योजना के माध्यम से सभी जीएसटी पंजीकृत एमएसएमई के लिए नए अथवा बढ़े हुए कर्ज पर 2 फीसदी ब्याज छूट दी जाएगी। 
 
इससे पहले सरकार ने एमएसएमई क्षेत्र की कर्ज तक पहुंच को सुगम बनाने के लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से 59 मिनट के भीतर एक करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की योजना शुरू की थी। बजट से एक दिन पहले केंद्रीय एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग आयोग के उत्पादों को बेचने के लिए अमेजन और अलीबाबा जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म की तर्ज पर एक ई-कॉमर्स प्लेटफ ॉर्म बनाने की योजना की घोषणा की थी। आर्थिक समीक्षा में भी 10 साल से कम पुराने ऐसे एमएसएमई को बढ़ावा देने की सिफारिश की गई थी, जो रोजगार मुहैया कराने में अच्छा प्रदर्शन करते हैं। 
 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्टï किया कि सीमा शुल्क नीति एमएसएमई को प्रोत्साहित करने के साथ इस उद्योग की सुरक्षा लगातार करती रहेगी। बजट में एमएसएमई मंत्रालय के लिए बजटीय आवंटन में मामूली वृद्घि की गई है। वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एमएसएमई मंत्रालय के लिए 7,011 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जो पिछले वित्त वर्ष में इस मंत्रालय के लिए आवंटित 6,984.27 करोड़ रुपये से महज 27 करोड़ रुपये अधिक हैं।  वित्त मंत्री सीतारमण ने मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करते हुए जोर दिया है कि छोटी एवं मझोली इकाइयों में रोजगार सृजित करने के लिए निवेश की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि स्टैंडअप इंडिया योजना से दो साल में 300 उद्यमी उभर कर सामने आए हैं। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में पहले ही घोषित हो चुकी है छोटे कारोबारियों के लिए पेंशन योजना का भी जिक्र किया। इसकी घोषणा भाजपा ने अपने चुनावी संकल्प पत्र में की थी। कारोबारी पेंशन योजना के तहत सालाना 1.5 करोड़ रुपये से कम का कारोबार करने वाले करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों, छोटे दुकानदारों को पेंशन का लाभ मिलेगा। हालांकि कारोबारियों को भी पेंशन योजना में अंशदान देना होगा।
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