बिजनेस स्टैंडर्ड - मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट
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मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट

बीएस संवाददाता/एजेंसी / नई दिल्ली 07 05, 2019

बजट 2019-20 पर एक नजर

बिजनेस स्टैंडर्ड मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट बजट 2019-20 पेश करने से पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की।
हमने 2014 और 2019 के बीच केंद्र-राज्य संबंधों को नई गति दी। सहयोगपूर्ण संघवाद, जीएसटी परिषद और राजकोषीय अनुशासन के प्रति पूर्ण प्रतिबद्धता जताई : वित्त मंत्री
यकीन हो तो कोई रास्‍ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है :
वित्त मंत्री
एक देश एक ग्रिड के जरिये सभी राज्यों को सस्ती बिजली पहुंचाएंगे। इससे हर राज्य को उचित कीमत पर हर वक्त बिजली मिल सकेगी।
5 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य, चालू वित्त वर्ष में भारतीय अर्थव्यवस्था बढ़कर 3 लाख करोड़ डॉलर की हो जाएगी : वित्त मंत्री
रेलवे में तेजी से सुधार और यात्रियों को सुविधाएं उपलब्‍ध कराने के लिए पब्लिक प्राइवेट साझेदारी के अंतर्गत होगा काम।
2022 तक सबको बिजली, एलपीजी और घर मुहैया कराने का लक्ष्‍य।
डेढ करोड़ रुपये से कम कारोबार वाले देश के तीन करोड़ खुदरा कारोबारियों के लिए प्रधानमंत्री कर्मयोगी
मानधन पेंशन लाभ योजना लाई जाएगी।
भारतमाला के दूसरे चरण में राज्यों को राज्यस्तरीय सड़कों के विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा: वित्त मंत्री।
सरकार विमानन क्षेत्र में रखरखाव, मरम्मत, जीर्णाेद्धार क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त नीति तैयार करेगी: वित्त मंत्री
देश में 657 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क परिचालन में आया : वित्त मंत्री
भारत माला, सागरमाला और उड़ान जैसी योजनाएं ग्रामीण-शहरी अंतर को पाट रही हैं और परिवहन ढांचागत सुविधा में सुधार ला रही हैं : वित्त मंत्री
रेलवे ढांचागत सुविधा के लिए 2018 से 2030 के दौरान 50 लाख करोड़ रुपये निवेश की जरूरत, तेजी से विकास और यात्री माल ढुलाई सेवाओं के लिए सार्वजनिक-निजी भागीदारी का उपयोग किया जाएगा: वित्त मंत्री
दुनियाभर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में पिछले तीन साल के दौरान गिरावट आने के बावजूद भारत में 2018- 19 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश 6 प्रतिशत बढ़कर 64 अरब डालर से अधिक रहा है।
सरकार भारत को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए आकर्षक स्थान बनाने के प्रयास जारी रखेगी।
सरकार विमानन, मीडिया, बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने के मामले में संबंध पक्षों के साथ बातचीत के बाद फैसला करेगी।
बीमा मध्यस्थ (इंटरमीडिएटरी) क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति दी जाएगी।
सरकार स्टार्टअप के लिए विशेष टीवी कार्यक्रमों की शुरुआत करेगी: वित्त मंत्री।
देश के तीन उच्च शिक्षण संस्थानों की गिनती दुनिया के 200 प्रमुख संस्थानों में होने लगी है। देश में विश्वस्तरीय उच्च शिक्षण संस्थानों को बढ़ावा देने के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। विदेशी छात्रों को भारत में अध्ययन के लिए आकर्षित किया जाएगा: वित्त मंत्री
समाजिक उपक्रमों और सामाजिक कल्याण के लक्ष्य से काम कर रहे स्वैच्छिक संगठनों को सूचीबद्ध करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कोष जुटाने का मंच, सोशल स्टॉक एक्सचेंज गठित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान - भारत नेट के तहत हर पंचायत में स्थानीय निकायों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है, सार्वभौमिक सेवा बाध्यता कोष के तहत इस कार्य में तेजी लाई जाएगी।
प्रवासी भारतीयों को भारतीय शेयर बाजारों में आसान पहुंच के लिए एनआरआई पोर्टफोलियो निवेश मार्ग का विलय विदेशी पोर्टफोलियो निवेश मार्ग में किया जाएगा।
वित्त वर्ष 2019-20 में स्फूर्ति के तहत 100 नए संकुल बनाए जाएंगे, इससे 50,000 दस्तकार आर्थिक मूल्य श्रृंखला में जुड़ सकेंगे।
देश को 2 अक्टूबर, 2019 तक खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा। इस दिन राजघाट के गांधी दर्शन में राष्ट्रीय स्वच्छता केंद्र की शुरुआत की जाएगी।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-चरण 3 के तहत 80,250 करोड़ रुपये की लागत से 1.25 लाख किलोमीटर सड़क को उन्नत बनाया जाएगा: वित्त मंत्री
विदेशी छात्रों को भारतीय उच्च शिक्षा प्रणाली में आकर्षित करने के लिए भारत में पढ़ो कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। वैश्विक स्तर के संस्थान के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान, यह पिछली सरकार के संशोधित अनुमान का तीन गुना अधिक।
देश में सालाना वैश्विक निवेशक बैठक आयोजित किया जाएगा, वैश्विक कंपनियों के चीजों को अनुकूल तथा
देश में निवेश को सुगम बनाने को लेकर एनआईआईएफ (राष्ट्रीय निवेश एवं अवसंरचना कोष) का उपयोग एंकर के रूप में किया जाएगा।
आधार कार्ड धारक करदाता को पैन देने की जरूरत नहीं।
120 करोड़ से अधिक लोगों के पास आधार।
400 करोड़ रुपये तक कारोबार वाली कंपनियों पर 25 फीसदी कॉरपोरेट कर।
इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदने पर ऋण पर अदा किए ब्याज पर 1.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आयकर छूट।

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