बिजनेस स्टैंडर्ड - एनबीएफसी संकट से वृद्घि की रफ्तार पर जोखिम
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Tuesday, July 16, 2019 08:07 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

एनबीएफसी संकट से वृद्घि की रफ्तार पर जोखिम

जश कृपलानी / मुंबई July 04, 2019

आर्थिक समीक्षा 2018-19 में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में संकट से पैदा हुए जोखिम का जिक्र किया गया है, क्योंकि इससे वाहन क्षेत्र में खपत वृद्घि प्रभावित हुई जिससे निर्माण क्षेत्र में वृद्घि पर नकारात्मक असर पड़ा। आर्थिक समीक्षा में चेतावनी दी गई है कि यदि एनबीएफसी क्षेत्र में संकट का असर इस साल भी बना रहा तो इससे एनबीएफसी से ऋण उठाव में कमी आ सकती है जिससे खपत वृद्घि की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। इसमें सितंबर में आईएलऐंडएफएस भुगतान चूक के बाद एनबीएफसी संकट शुरू होने का विस्तार से जिक्र किया गया है। आईएलऐंडएफएस संकट के तुरंत बाद, एनबीएफसी को गंभीर नकदी किल्लत का सामना करना पड़ा, क्योंकि म्युचुअल फंडों ने एनबीएफसी के ऋणों का पुन: भुगतान रोक दिया। समीक्षा में कहा गया है कि एनबीएफसी के लिए फंडों के निवेश में अप्रैल में 12 प्रतिशत की कमी आई। 
 
आईएलऐंडएफएस संकट के बाद नकदी मुहैया कराने की बैंकों की कोशिश पर्याप्त नहीं थी, क्योंकि समीक्षा में कहा गया है, 'बैंकिंग क्षेत्र से संसाधनों में नवंबर 2018 से ही कमी आनी शुरू हो गई।' इसमें कहा गया है, 'एनबीएफसी के लिए संसाधनों के प्रवाह में कमी से हाल की तिमाहियों में इस क्षेत्र की उधारी क्षमता प्रभावित हुई है।' मार्च 2018 में एनबीएफसी की ऋण वृद्घि दर सालाना आधार पर 30 प्रतिशत रही। मार्च 2019 में यह सालाना आधार पर 9 प्रतिशत थी। समीक्षा में कहा गया है कि एनबीएफसी के कुछ प्रमुख प्रदर्शन संकेतक 2018-2019 के दौरान किस तरह से गड़बड़ा गए थे। एनबीएफसी सेक्टर के लिए परिसंपत्तियों पर प्रतिफल दिसंबर 2018 में घटकर 1.4 प्रतिशत रह गया जो मार्च 2018 में 1.6 प्रतिशत था। जोखिम परिसंपत्ति अनुपात या पूंजी पर्याप्तता अनुपात समान अवधि में 22.8 से घटकर 22.2 रह गया।
 
एनबीएफसी की शुद्घ गैर-निष्पादित आस्तियां 3.2 प्रतिशत से बढ़कर 3.6 प्रतिशत पर पहुंच गईं। क्षेत्र के लिए पूंजी पर प्रतिफल 7 प्रतिशत से घटकर 6.1 प्रतिशत रह गया। अगस्त 2018 में, एनबीएफसी के अल्पावधि (90 दिन से कम) वाणिज्यिक पत्र बाजार में म्युचुअल फंडों द्वारा पूंजी निवेश 1.3 लाख करोड़ रुपये पर दर्ज किया गया। बाजार नियामक सेबी से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष के अंत (मार्च 2019) तक यह निवेश घटकर 95,708 करोड़ रुपये रह गया। इससे अगस्त के स्तर (आईएलऐंडएफएस संकट से पहले) से एमएफ निवेश में 27 प्रतिशत की कमी का पता चलता है। 
Keyword: economy survey, parliament, budget, nirmala sitaraman, NBFC,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या डीएचएफएल समाधान में बढ़ेगी बैंकों की मुश्किल?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.