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डीएचएफएल समाधान की राह होगी आसान

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली July 03, 2019

दीवान हाउसिंग फाइनैंस कॉर्पोरेशन (डीएचएफएल) के ऋणदाताओं ने 'बाध्यकारी समझौते' की व्यापक रूपरेखा पर चर्चा की है। इसके तहत कपिल वधावन की अगुआई वाले प्रवर्तकों के लिए शर्तें तय की जाएंगी ताकि समाधान योजना पर काम किया जा सके। 1 जुलाई को हुई बैठक में ऋणदाताओं ने व्यापक शर्तों पर चर्चा की, जिनमें प्रवर्तकों के शेयरों को बैंकों के पास गिरवी रखने, प्रवर्तकों की व्यक्तिगत गारंटी और निदेशक मंडल का पुनर्गठन शामिल है। इसके तहत नए निदेशकों के साथ ही शीर्ष प्रबंधकों की नियुक्ति की जाएगी। डीएचएफएल में बैंकों के करीब 38,000 करोड़ रुपये फंसे हैं। इस बारे में डीएचएफएल से प्रतिक्रिया जानने का प्रयास किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बैठक में शामिल वधावन ने ऋणदाताओं को बताया कि कुछ निवेशकों के साथ रणनीतिक निवेश के लिए बातचीत चल रही है और करीब 7,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये की पूंजी मिलने के संकेत हैं।
 
ऋणदाताओं ने समाधान रणनीति पर काम करने के लिए एसबीआई कैपिटल मार्केट्स को सलाहकार और सिरिल अमरचंद मंगलदास को कानूनी सलाहकार नियुक्त किया है। ऋणदाताओं ने सह-परामर्शक नियुक्त करने की जरूरत पर भी चर्चा की जो एसबीआई कैप्स के साथ काम करेगा। फंसी संपत्तियों के समाधान के लिए 7 जून, 2019 के भारतीय रिजर्व बैंक के नए दिशानिर्देश को ध्यान में रखते हुए ऋणदाताओं ने किसी भी समाधान योजना को लागू करने के लिए अंतर-ऋणदाता समझौता लागू करने की जरूरत पर भी चर्चा की। इस समझौते पर 5 जुलाई को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
 
कंपनी में प्रवर्तकों की 39.21 फीसदी हिस्सेदारी है। सूत्रों के अनुसार शुरुआत में वे अपनी आधी हिस्सेदारी बेचने को तैयार थे लेकिन शेयर पर प्रीमियम मिलने की स्थिति में वह बहुलांश हिस्सेदारी भी बेच सकते हैं। तीन संभावित निवेशकों के साथ बातचीत चल रही है जिनमें निजी इक्विटी फंड एऑन कैपिटल, ट्रू नॉर्थ और केकेआर शामिल हैं। डीएचएफएल ने बैंकों से ताजा उधारी सीमा बढ़ाने के लिए भी बात की है, जिसके एवज में संपत्तियों को गिरवी रखा जा सकता है। इससे कंपनी नया कर्ज हासिल कर सकती है जो पिछले छह महीने से अटका हुआ है। बैठक में वधावन ने ऋणदाताओं को बताया कि कंपनी कर्ज देनदारी चुकाने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने बैंकों को बताया कि हालिया एनबीएफसी संकट के बाद से उनका कारोबार लगभग थम सा गया है।  डीएचएफएल अपने करीब 6,000 करोड़ रुपये के थोक कर्ज पोर्टफोलियो को बेचने के लिए बैंकों और अन्य फंडों से भी बात कर रही है, जिस पर उसे खरीदार से शुल्क और मार्जिन मिल सकता है। 
Keyword: DHFL, housing, finance,,
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