बिजनेस स्टैंडर्ड - सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, September 23, 2019 08:46 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम अर्थव्यवस्था खबर

सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में गिरावट

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली July 03, 2019

भारत की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में पिछले 13 महीने में पहली बार जून में गिरावट दर्ज की गई है। निक्केई पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) के मुताबिक बिक्री कमजोर रहने व उच्च करों की वजह से ऐसा हुआ है। जून महीने में पीएमआई गिरकर 49.6 अंक पर पहुंच गया, जो मई के 50.2 अंक से कम है। वित्त वर्ष 2019 की आर्थिक समीक्षा और वित्त वर्ष 2020 के केंद्रीय बजट से पहले आए आंकड़ों से पता चलता है कि बिक्री स्थिर रहने की वजह से ऐसा हुआ है। 
 
सूचकांक का 50 से ऊपर रहना विस्तार के संकेत देता है जबकि 50 से नीचे का सूचकांक अर्थव्यवस्था में संकुचन को दर्शाता है।  आईएचएस मार्किट की प्रधान अर्थशास्त्री पोलियाना डी लीमा ने कहा, 'सेवा कंपनियां उम्मीद कर रही हैं कि मांग को गति देने के लिए आने वाले महीनों में कुछ प्रोत्साहन पैकेज आएगा। इससे उत्पादन मेंं बढ़ोतरी होगी। हालांकि भविष्य को लेकर विश्वास भी फीका पडऩा शुरू हो गया हैै।' भारतीय रिजर्व बैंक ने पहले ही मौद्रिक प्रोत्साहन दे दिया है, वहीं अभी बजट देखा जाना बाकी है जिससे यह साफ हो सकेगा कि कोई वित्तीय प्रोत्साहन आता है या नहीं। 
 
येस बैंक में मुख्य अर्थशास्त्री शुभदा राव ने कहा कि वित्त वर्ष 2020 के बजट की गणित वित्त वर्ष 19 में राजस्व के आंकड़ों पर आधारित होगा, लेकिन सबसे अहम है कि किसानों की आमदनी के समर्थन (जिसे अब विस्तार भी दिया गया है) के लिए वित्तीय संसाधन तलाशने होंगे। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही अंतरिम बजट में छोटे करदाताओं को दी गई राहत और नई पेंशन योजना के लिए धन जुटाना भी अहम होगा।  उन्होंने कहा कि जब अर्थव्यवस्था अपनी वृद्धि की रफ्तार खो रही है, ऐसे मेंं वित्तीय विश्वसनीयता बनाए रखकर संतुलन साधना होगा। 
 
सेवा क्षेत्र में कारोबारी गतिविधियों मेंं गिरावट दर्ज की गई है। यह बिक्री स्थिर रहने की वजह से हुआ है।  लीमा ने कहा, 'जीएसटी लागू होने के दो साल बाद भी कुछ कंपनियां मांग में नरमी को कर की उच्च दरों से जोड़ रही हैं। इसमेंं होटल पर कर का खास उल्लेख किया गया है। यह आश्चर्यजनक है।' बढ़े हुए काम के बोझ को देखते हुए सेवा कंपनियों ने जून महीने में अतिरिक्त कर्मचारी रखे थे। रोजगार में हाल में हुई बढ़ोतरी कई महीनों बाद हुई, लेकिन इस अवधि के दौरान रफ्तार सुस्त रही। जिन फर्मों ने भर्तियां नहीं की हैं, उन्होंने कहा है कि मौजूदा काम के बोझ को करने के लिए उनके पास पर्याप्त संख्या में लोग हैं।
 
लीमा ने कहा, 'भारत के लिए हाल के आए पीएमआई परिणाम से इस साल की शुरुआत में आई तेज वृद्धि दर के बने रहने पर सवाल खड़ा होता है। साथ ही इससे कंपनियों द्वारा नौकरियों के सृजन की क्षमता पर भी सवाल उठते हैं।'   हाल के आंकड़ों से पता चलता है कि विनिर्माण के लिए पीएमआई में भी गिरावट आई है और यह मई के 52.7 की तुलना में घटकर 52.1 रह गया है। विनिर्माण व सेवा के कंपोजिट पीएमआई आउटपुट इंडेक्स से पता चलता है कि यह मई के 51.7 की तुलना में जून में गिरकर 50.8 रह गया है, जो इस साल का सबसे निचला स्तर है।  लीमा ने कहा, 'वित्त वर्ष 2019-20 के पहले महीने की स्थिति को देखें तो पता चलता है कि निजी क्षेत्र के उत्पादन की रफ्तार वित्त वर्ष 2017-18 की अंतिम तिमाही के बाद सबसे सुस्त है। इसकी वजह से रोजगार की वृद्धि में उल्लेखनीय कमी आई है।' 
Keyword: india, economy, GDP, service, PMI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या करों में कटौती से बाजार में अभी बनी रहेगी तेजी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.