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एसएफआईओ के कर्मचारियों की संख्या होगी तिगुनी

रुचिका चित्रवंशी / नई दिल्ली July 02, 2019

कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) अगले तीन से चार महीने में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय के श्रमबल की संख्या तीगुनी करने पर विचार कर रहा है। मंत्रालय यह कदम कार्यालय के पास बढ़ते मामलों की संख्या को देखते हुएजांच की क्षमता तैयार करने के लिए उठाने जा रहा है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया कि एसएफआईओ से अपने मौजूदा कार्य दबाव से ऊपर 70-80 अधिक मामलों की जांच करने की उम्मीद की गई थी।  2016-17 में एसएफआईओ ने 87 मामलों की जांच पूरी की और 2003-04 से इसने 312 मामलों की जांच पूरी की है। यह सफेदपोश अपराध एजेंसी अपने श्रमबल में फॉरेंसिक लेखा परीक्षकों, बैंकिंग विशेषज्ञों, कारेपोरेट कानून, पूंजी बाजारों से सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अधिकारियों की नियुक्ति करेगी। अधिकारी ने कहा, 'एसएफआईओ के पास पर्याप्त जांच दल नहीं है और इसके काम में कई गुने की बढ़ोतरी होगी जिसकी वजह से योग्य व्यक्तियों को जोडऩा जरूरी होगा।' हालांकि सरकार को फिलहाल इस पर निर्णय लेना है कि ये अतिरिक्त श्रमबल कहां से आएंगे।
 
ऋणशोधन अक्षमता एवं दिवाला संहिता (आईबीसी) के प्रभावी होने से एसएफआईओ के जांच घेरे में ज्यादा मामले आ रहे हैं। जांच एजेंसी के लिए 130 से अधिक पद स्वीकृत हैं। इस मामले के जानकार एक व्यक्ति ने कहा, 'सरकार आईबीसी के तहत आने वाली बहुत सी दबावग्रस्त संपत्तियों से जुड़े मामलों की जांच कर रही है जिसके तहत यह पता लगाया जा रहा है कि करोड़ों की ऋण राशि कहां गई और इसे किस प्रकार से खर्च किया गया कि ये गैर-निष्पादित आस्तियों में बदल गए।'      जांच में लगने वाला समय पिछले वर्षों में लगे समय से अधिक है। उदाहरण के लिए 2014-15 में पंजीकृत मामलों की जांच में 51 महीने और 2015-16 में पंजीकृत मामलों की जांच में 36 महीने लगे। 42 फीसदी मामलों में दोषियों पर सफलतापूर्वक अभियोग चलाया गया।
 
2017 से एसएफआईओ ने एमबीए और कानून की पढ़ाई कर रहे छात्रों को उनकी डिग्री के चौथे या पांचवे वर्ष में इंटर्नशीप मुहैया कराने की भी शुरुआत की है। एसएफआईओ नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे बड़े मामलों की जांच कर रहा है। इन पर पंजाब नैशनल बैंक के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप है। इस बीच एमसीए ने राष्टीय कंपनी कानून पंचाट (एनसीएलटी) में भी श्रमबलों में इजाफा किया है। नई दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, जयपुर, कटक और गुवाहाटी सहित विभिन्न जगहों पर पीठों की शुरुआत करने के साथ ही 12 न्यायिक और 18 तकनीकी सदस्यों की नियुक्ति की गई।  
 
एसएफआईओ को गिरफ्तार करने की शक्ति प्रदान कर उसे और अधिक मजबूत किया गया है। सरकार के आंकड़े बताते हैं कि 2014-15 से 31 जनवरी 2018 तक के चार वर्षों में 447 कंपनियों के 73 मामलों की जांच एसएफआईओ को सौंपे गए। एसएफआईओ की स्थापना कारपोरेट शासन पर नरेश चंद्र समिति की सिफारिशों के आधार पर जनवरी 2003 में की गई थी।  
Keyword: MCA, SFIO, IBC,,
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