बिजनेस स्टैंडर्ड - आवास वित्त भी देखेगा आरबीआई!
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आवास वित्त भी देखेगा आरबीआई!

रिजर्व बैंक को मिल सकता है आवास वित्त कंपनियों के नियम बनाने का अधिकार
अनूप रॉय / मुंबई 07 02, 2019

बैंकिंग नियमन कानून को बनाया जाएगा ज्यादा ताकतवर

आरबीआई को मिलेगा एचएफसी के लिए नीतियां बनाने का अधिकार
एनएचबी की जिम्मेदारी एचएफसी पर निगरानी की होगी

इससे आरबीआई एचएफसी को दे सकता है क्रेडिट

बोर्ड और प्रबंधन को हटाने के लिए केंद्रीय बैंक को मिलेंगे ज्यादा अधिकार

बिजनेस स्टैंडर्ड आवास वित्त भी देखेगा आरबीआई!सरकार आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) के नियमन की जिम्मेदारी राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) के बजाय भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हाथ सौंपने पर विचार कर रही है। एनएचबी के बोर्ड में आरबीआई का एक कार्यकारी निदेशक सदस्य होता है और सूत्रों के मुताबिक एचएफसी पर नजर रखने की जिम्मेदारी उसकी होगी। देश में 82 एचएफसी हैं लेकिन 90 फीसदी से अधिक बाजार पर शीर्ष पांच कंपनियों का दबदबा है। गिरवी के बदले ऋण देने वाली सबसे बड़ी कंपनी हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनैंस कॉर्पोरेशन को छोड़कर अधिकांश एचएफसी ने नकदी संकट के कारण ऋण देना कम या बंद कर दिया है। डीएचएफएल भारी नकदी संकट से गुजर रही है और उसने वाणिज्यिक प्रतिभूतियों के भुगतान में देरी की है।

सरकार इस मामले में केंद्रीय बैंक को ज्यादा अधिकार देने के लिए बैंकिंग नियमन कानून में संशोधन कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक अगर इस मुद्दे पर नियमों में टकराव होता है तो बैंकिंग नियमन कानून दूसरे नियमों पर भारी पड़ेगा। सहकारी बैंकों के मामले में ऐसा किया जा चुका है, जिनका नियमन भी राज्यों के नियमों से होता है। लेकिन सरकारी राष्ट्रीय बैंकों के मामले में आरबीआई के पास ऐसे अधिकार नहीं हैं।

आरबीआई को साथ ही गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों (एनबीएफसी) के प्रबंधन और बोर्ड में बदलाव का अधिकार दिया जा सकता है। अभी यह अधिकार केवल निजी क्षेत्र के बैंकों के पास है। एनबीएफसी के प्रबंधन में बदलाव के लिए आरबीआई की सहमति की जरूरत पड़ती है लेकिन केंद्रीय बैंक उनके प्रबंधन में बदलाव की प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकता है। इससे आरबीआई के पास एनबीएफसी और एचएफसी में मामले में ज्यादा अधिकार होंगे। ये दोनों क्षेत्र अभी भारी नकदी संकट से जूझ रहे हैं। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आम बजट में इन नियमों की घोषणा कर सकती है और इन्हें संसद की मंजूरी दिलाने में सरकार को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सीतारमण ने सोमवार को संसद में बताया कि एनबीएफसी के नियमन के लिए सरकार आरबीआई को ज्यादा अधिकार देने की योजना बना रही है। हालांकि उन्होंने एनबीएफसी क्षेत्र की निजी कंपनियों में निवेश की संभावना से इनकार किया। आरबीआई इस क्षेत्र की स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। सीतारमण ने कहा, 'भारतीय रिजर्व बैंक कानून, 1934 के तहत आरबीआई की नियामकीय और निगरानी शक्तियों को मजबूत करने के लिए सरकार को केंद्रीय बैंक से एक प्रस्ताव मिला है और सरकार इस पर विचार कर रही है।'

इस साल अप्रैल तक एनएचबी का स्वामित्व पूरी तरह आरबीआई के पास था। लेकिन सरकार ने 29 अप्रैल को इसका नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया था। यानी आरबीआई के लिए एचएफसी का नियमन कोई नई बात नहीं है। मामले से जुड़े एक जानकार ने साफ किया कि यह कोई महा नियामक की स्थिति नहीं होगी। यह ऐसी व्यवस्था है जिसमें नियम आरबीआई बनाएगा और निगरानी की जिम्मेदारी आवास नियामक की होगी।  आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने पिछले महीने कहा था कि आवास वित्त कंपनियों का नियमन केंद्रीय बैंक के पास नहीं है, फिर भी वह इस क्षेत्र के घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है। इस क्षेत्र को क्रेडिट संभव नहीं है क्योंकि एनएचबी के नियामक रहते आरबीआई ऐसा नहीं कर सकता है। 
Keyword: HFC, RBI, housing, NHB,,
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