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आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा: मोदी

एजेंसियां /  June 28, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20  से इतर ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक में कहा कि आतंकवाद और जातिवाद का हर तरह से समर्थन बंद करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, 'आतंकवाद मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। यह सिर्फ निर्दोषों की ही हत्या नहीं करता बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक स्थिरता को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।' ब्रिक्स नेताओं की मुलाकात के दौरान मोदी ने विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को मजबूत बनाने, संरक्षणवाद से लडऩे, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और साथ मिलकर आतंकवाद से लडऩे की जरूरत पर बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास तभी सार्थक है जब यह असमानता घटे और सशक्तिकरण में योगदान दिया जाए। 

बैठक के बाद संयुक्त वक्तव्य में सभी देशों के नेताओं ने कहा, 'हम भ्रष्टाचार से लडऩे के लिए प्रतिबद्ध हैं और सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देना जारी रखेंगे।' पांचों देशों के नेताओं ने कहा कि अवैध धन और वित्तीय प्रवाह समेत भ्रष्टाचार तथा विदेशों में जमा गलत तरीके से हासिल धन वैश्विक चुनौती है जो आर्थिक संवृद्धि और सतत विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।  

ट्रंप, आबे के साथ बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ त्रिपक्षीय बैठक कर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पहुंच और बुनियादी ढांचे के विकास में सुधार पर गहन चर्चा की। ओसाका में जी-20 सम्मेलन शुरू होने से पहले तीनों नेताओं के बीच यह बातचीत हुई। 

जापान-अमेरिका-भारत (जय) त्रिपक्षीय समूह के बीच यह दूसरी बैठक है। त्रिपक्षीय बैठक के बाद मोदी ने ट्वीट किया, 'आज जय त्रिपक्षीय बैठक फलदाई रही। हमने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में पहुंच और बुनियादी ढांचे के विकास में सुधार पर गहन चर्चा की। आभारी हूं कि प्रधानमंत्री शिंजो आबे और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने अपने विचार साझा किए।' 

मोदी-मून की मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी ने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन से मुलाकात कर व्यापार और अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने के रास्तों और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने जापान के ओसाका शहर में जी-20 सम्मेलन से इतर यह मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और दक्षिण कोरिया की न्यू सदर्न पॉलिसी के बीच तालमेल बनाने की इच्छा व्यक्त की। 

भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य देश के व्यापारिक हितों को पश्चिम और उसके पड़ोसी देशों की जगह दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों की ओर स्थानांतरित करना है। मून प्रशासन की न्यू सदर्न पॉलिसी दक्षिण कोरिया के दक्षिण पूर्वी एशिया और आसियान के साथ संबंधों के विकास पर केंद्रित है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया, 'ऐतिहासिक संबंधों से स्वाभाविक साझेदारी मजबूत होती है। जी-20 सम्मेलन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कोरिया गणराज्य के राष्ट्रपति के साथ सार्थक बैठक।' 

मोदी ने मून के साथ बैठक के बाद ट्वीट किया, 'मेरे अच्छे दोस्त, राष्ट्रपति मून जे-इन से मिलना हमेशा विशेष होता है। वह भारत और कोरिया गणराज्य के बीच मित्रता को आगे बढ़ाने को लेकर बेहद जुनूनी हैं।' 

सऊदी प्रिंस से बातचीत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओसाका में सऊदी अरब के वली अहद (क्राउन प्रिंस) मोहम्मद बिन सलमान से द्विपक्षीय वार्ता कर व्यापार और निवेश, ऊर्जा सुरक्षा तथा आतकंवाद से निपटने में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जापान में मौजूद मोदी ने सम्मेलन से इतर ब्रिक्स नेताओं की अनौपचारिक बैठक के बाद सलमान से मुलाकात की। 

सऊदी अरब कच्चे तेल के मामले में भारत का शीर्ष आपूर्तिकर्ता है लेकिन दोनों देशों ने ऊर्जा सहयोग से आगे बढ़कर अपने संबंधों को विस्तार दिया है और दोनों देशों की सरकारें सामरिक साझेदारी के लिए सहमत हुई हैं। इस मुलाकात में भारतीयों के लिए हज कोटे को लेकर भी चर्चा हुई थी और इसके बाद सऊदी अरब ने भारतीयों के लिए हज कोटे में वृद्धि की है। इससे अब 1,70,000 की जगह 2,00,000 लोग हर साल इस्लामिक तीर्थ स्थल मक्का जा सकेंगे। कोटे में 30,000 यात्रियों की बढ़ोतरी की गई है।  

विदेश मंत्री की मुलाकातें

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर यहां अपनी कनाडाई समकक्ष क्रिस्टिया फ्रीलैंड और मेक्सिको के विदेश सचिव मार्केलो इबरार्ड से मुलाकात की और दोनों देशों के साथ भारत के संबंध मजबूत करने पर बात की। जयशंकर जापान में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मौजूद हैं। 

जयशंकर ने बैठक के बाद ट्वीट किया, 'जी-20 से इतर कनाडाई समकक्ष क्रिस्टिया फ्रीलैंड से मुलाकात अच्छी रही। पहले से अधिक मजबूत ऐसे संबंध बनाने के लिए आशांवित हूं जो हमारे हितों और चिंताओं को प्रदर्शित करें।' जयशंकर ने मैक्सिको के विदेश सचिव इबरार्ड से भी मुलाकात की और उनके साथ  सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही मेक्सिको के राजनयिक का भारत में स्वागत करने के लिए आशान्वित हैं।

मोदी के 28 और 29 जून को चलने वाले इस जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य नेताओं से मिलने की भी संभावना है। मोदी छठी बार जी-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं। 

अमेरिका बना रहा दबाव

यूरोपीय संघ (ईयू) देशों के भारी विरोध के बावजूद अमेरिका बैठक के अंतिम बयान में जलवायु परिवर्तन को लेकर कड़ी भाषा को खारिज करने के लिए जी20 के सहयोगियों पर दबाव बना रहा है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति के सूत्र ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ओसाका में फ्रांसीसी राष्ट्रपति से जुड़े एक सूत्र ने पत्रकारों को बताया, तीन या चार (देश) पर संदेश को कमजोर करने का अमेरिकी दबाव है। जी20 समूह के नेताओं का ओसाका में दो दिवसीय शिखर सम्मेलन चल रहा है। सूत्र ने अमेरिका द्वारा लक्षित किए जा रहे देशों के नाम बताने से इनकार कर दिया। बहरहाल, नए राष्ट्रपति जायर बोल्सनारो के तहत ब्राजील और तेल उत्पादक सऊदी अरब दोनों को जलवायु परिवर्तन की परिघटना पर संदेह है। अमेरिका पेरिस जलवायु समझौते के किसी भी अनुमोदन के विरोध में है और उसकी इस समझौते से हटने की योजना है। 

ट्रंप ने किया मजाक

डॉनल्ड ट्रंप जी-20 शिखर सम्मेलन में लंबे समय बाद व्लादीमिर पुतिन से मुलाकात करते समय कुछ मजाकिया अंदाज में नजर आए। विशेष वकील 2016 अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में व्यापक रूसी हस्तक्षेप के ठोस सबूत मिलने के बाद दोनों की यह पहली मुलाकात है। रूस को अगले चुनाव में हस्तक्षेप न करने को लेकर आगाह करने के सवाल पर ट्रंप ने मुस्कुराते हुए कहा, 'कृपया, चुनाव में हस्तक्षेप मत करना।' दोनों नेता संवाददाताओं को उन मुद्दों पर जानकारी दे रहे थे जिस पर वह चर्चा करने जा रहे हैं, तभी एक पत्रकार ने तेज आवाज में पूछा क्या राष्ट्रपति (ट्रंप), पुतिन से 2020 चुनाव में हस्तक्षेप नहीं करने को कहेंगे।
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