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जी-20 में साझा प्रयास एजेंडे पर जोर

एजेंसियां /  June 27, 2019

जापान में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान पहुंचे जहां भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। अपनी छठी जी-20 शिखर वार्ता में हिस्सा लेने जापान पहुंचे मोदी सम्मेलन के दौरान महत्त्वपूर्ण बहुपक्षीय बैठकों में हिस्सा लेने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप समेत दुनिया के प्रमुख नेताओं से भी मिलेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, 'प्रधानमंत्री आज सुबह ओसाका पहुंचे। आने वाले दिनों में जी-20 शिखर सम्मेलन, द्विपक्षीय और बहुपक्षीय वार्ताएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इंतजार कर रहे हैं। वह वैश्विक महत्त्व के कई मुद्दों पर जोर देने के साथ ही भारत का नजरिया पेश करेंगे।' 

ओसाका में 28-29 जून को हो रही जी-20 शिखर वार्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छठी शिखर वार्ता है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, 'जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ओसाका के कंसाई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। अगले तीन दिनों तक, वैश्विक मंच पर भारत के नजरिए को रखने के लिए प्रधानमंत्री कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय चर्चाओं का हिस्सा होंगे।' जापान रवाना होने से पहले अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, कृत्रिम बुद्धिमता और आतंकवाद जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए साझा प्रयास एजेंडे में प्रमुख होगा। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'शिखर सम्मेलन सुधरे हुए बहुपक्षवाद के लिए हमारे मजबूत समर्थन को फिर से दोहराने और सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर देगा, जो आज की तेजी से बदलती दुनिया में नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को संरक्षित रखने में बेहद अहम है।' उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन बीते पांच सालों में भारत के विकास के मजबूत अनुभवों को साझा करने का भी एक मंच होगा, क्योंकि इसी के आधार पर भारत के लोगों ने इस सरकार को अगले पांच सालों तक प्रगति और स्थायित्व के पथ पर काम जारी रखने के लिए प्रचंड बहुमत दिया। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि ओसाका शिखर सम्मेलन भारत द्वारा 2022 में नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन के आयोजन की दिशा में अहम साबित होगा। उन्होंने कहा, '2022 में हम अपनी आजादी के 75वें वर्ष पर नए भारत से उनकी भेंट कराएंगे।' मोदी ने कहा कि वह सम्मेलन के दौरान दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ भी महत्त्वपूर्ण द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं कार्यक्रम से इतर रूस, भारत और चीन (आरआईसी) के अगले अनौपचारिक शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए उत्सुक हूं और इसके साथ ही ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण-अफ्रीका) तथा जय (जापान, अमेरिका और भारत) की अगली अनौपचारिक बैठक में भी हिस्सा लूंगा।' ट्रंप के अलावा प्रधानमंत्री मोदी चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन और अन्य नेताओं के साथ भी जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान मिलेंगे। 

जापानी प्रधानमंत्री से चर्चा

जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के अपने समकक्ष शिंजो आबे के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था, भगोड़े आर्थिक अपराधियों और आपदा प्रबंधन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की और अक्टूबर में होने वाले सम्राट नारुहितो के राज्याभिषेक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के शिरकत करने का ऐलान किया। जापान में रीवा युग की शुरुआत और मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली मुलाकात है। 

प्रधानमंत्री ने आबे और जापान के नागरिकों को रीवा युग की शुरुआत के लिए बधाई दी। एक मई को नए सम्राट नारुहितो के पद संभालने के साथ ही जापान में रीवा युग की शुरुआत हो गई। जापान में सम्राट के बदलने के साथ ही युग बदल जाता है। रीवा नए युग के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है। जापानी भाषा में इस शब्द का इस्तेमाल शांति के लिए भी किया जाता है। 

मोदी ने अपने साथ जी-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंचे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए आबे का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने जी-20 के अध्यक्ष के रूप में जापान के नेतृत्व की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह वार्षिक शिखर बैठक के लिए इस साल के उत्तराद्र्ध में आबे की भारत यात्रा को लेकर उत्सुक हैं। 

मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच बैठक 'गर्मजोशी' भरी रही, जो 'पुराने दोस्त' भी हैं। दोनों के बीच द्विपक्षीय रिश्तों पर 'काफी रचानात्मक और विस्तृत चर्चा' हुई। गोखले ने कहा, 'आबे ने जी-20 शिखर सम्मेलन से अपनी अपेक्षाओं के साथ चर्चा शुरू की। उन्होंने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करने के महत्व के बारे में भी बात की।' उन्होंने कहा कि आबे ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों के मुद्दे पर पिछले जी-20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की पहलों का भी जिक्र किया और कहा कि जी-20 को भ्रष्टाचार विरोधी उपायों के तहत इस समस्या से निपटना चाहिए। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह सितंबर की शुरुआत में व्लादिवोस्टक में पूर्वी आर्थिक मंच के सम्मेलन के दौरान आबे से दोबारा मुलाकात करने को लेकर उत्सुक हैं। मोदी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के निमंत्रण पर कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। मोदी ने पूर्वाेत्तर भारत में ढांचागत परियोजनाओं में जापान के योगदान की भी प्रशंसा की। प्रधानमंत्री ने आपदा विरोधी ढांचा खड़ा करने में जापान का सहयोग भी मांगा।

प्रवासी भारतीयों को संबोधन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान में प्रवासी भारतीयों से कहा कि न्यू इंडिया में भारत और जापान के बीच संबंध और मजबूत होंगे। उन्होंने दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बनने के लिए प्रवासी भारतीयों का शुक्रिया अदा किया। इस साल हुए लोकसभा चुनाव में 61 करोड़ मतदाताओं ने हिस्सा लिया। 

मोदी ने जापान के कोबे में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'जब दुनिया के साथ भारत के संबंधों की बात आती है तो जापान का इसमें महत्त्वपूर्ण स्थान है। यह सदियों पुराना संबंध है। एक-दूसरे की संस्कृति और सभ्यता के प्रति अपनेपन, सद्भाव और सम्मान की भावना है।' 

मोदी ने कहा, 'लगभग दो दशक पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई और जापानी प्रधानमंत्री योशिरो मोरी ने साथ मिलकर हमारे संबंधों को वैश्विक भागीदारी का रूप दिया। साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मुझे मेरे प्रिय मित्र शिंजो आबे के साथ हमारी मैत्री को प्रगाढ़ करने का मौका मिला।' मोदी ने कहा, 'न्यू इंडिया में ये रिश्ते और प्रगाढ़ होंगे।' 

भारत में हाल में संपन्न चुनावों में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रवासी भारतीयों का शुक्रिया अदा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां जापान से कई भारतीय भारत आए और क्षेत्र में काम किया, वहीं कई लोगों ने ट्विटर जैसे सोशल मीडिया मंचों पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में संदेश फैलाया। उन्होंने कहा कि 61 करोड़ मतदाताओं, 10 लाख मतदान केंद्र, 40 लाख से अधिक ईवीएम और 8000 से अधिक उम्मीदवार दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बने। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में भाग लेने वाले मतदाताओं की संख्या चीन को छोड़कर लगभग सभी देशों की आबादी से अधिक है।

विदेशी नेताओं का आगमन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप भी जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने जापान पहुंचे। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग प्रधानमंत्री मोदी और डॉनल्ड ट्रंप समेत विश्व के कई नेताओं से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस दौरान चीन और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर तनाव का मुद्दा गर्मा सकता है। शी 28-29 जून को होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) और आरआईसी (रूस, भारत, चीन) के नेताओं के अनौपचारिक सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे।
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