बिजनेस स्टैंडर्ड - गिरवी संपत्ति बेच रहीं आवास वित्त कंपनियां
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, September 23, 2019 09:06 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

गिरवी संपत्ति बेच रहीं आवास वित्त कंपनियां

राघवेंद्र कामत / मुंबई June 24, 2019

आवास वित्त कंपनियां उधारकर्ताओं द्वारा गिरवी रखी गई प्रमुख परिसंपत्तियों की बिक्री अथवा नीलामी कर रही हैं ताकि नकदी जुटाई जा सके। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में नकदी संकट गहराने के बाद आवास वित्त कंपनियां यह पहल कर रही हैं। 

अब जरा इन सौदों पर गौर करते हैं। पिछले सप्ताह अमेरिका के निजी इक्विटी फंड ब्लैकस्टोन ने 2,600 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत रेडियस डेवलपर्स से मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में एक प्रमुख परिसंपत्ति का अधिग्रहण किया। एक अन्य सौदे के तहत मुंबई के डेवलपर रुणवाल समूह 550 करोड़ रुपये के एक सौदे के तहत केबल कॉरपारेशन ऑफ इंडिया (सीसीआई) से मुंबई के बोरिवली क्षेत्र मं 8.8 एकड़ भूखंड खरीद रहा है।

ये दोनों परिसंपत्तियां इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनैंस के पास गिरवी रखी गई थीं और दोनों उधारकर्ताओं- रेडियस डेवलपर्स और सीसीआई- ने भले ही कोई डिफॉल्ट न किया हो लेकिन उन पर ऋणदाता का क्रमश: 1,600 करोड़ रुपये और 300 करोड़ रुपये का बकाया है। इंडियाबुल्स इसी सप्ताह मुंबई के वर्ली क्षेत्र में पैलेस रॉयल की भी नीलामी करने जा रही है। इसके प्रवर्तक श्री राम अर्बन इन्फ्रास्ट्रक्चर द्वारा ऋण पुनर्भुगतान में चूक किए जाने के बाद इंडियाबुल्स यह पहल कर रही है। पिछले महीने एचडीएफसी ने भी 414 करोड़ रुपये के ऋण पुनर्भुगतान में चूक के बाद गोदरेज बीकेसी भवन में जेट एयरवेज की परिसंपत्ति की भी नीलामी की थी। 

एक गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी का संचालन करने वाले फंड मैनेजर नाइसस फाइनैंस के प्रबंध निदेशक अमित गोयनका ने कहा, 'आज लेनदार परिसंपत्ति मालिकों पर ऋण देनदारी खत्म करने का दबाव डाल रहे हैं और इसलिए वे उन्हें प्रमुख परिसंपत्तियां बेचने के लिए कह रहे हैं।' उन्होंने कहा कि लेनदार अपने बहीखाते को दुरुस्त करने के लिए परिसंपत्ति देनदारी में असंतुलन को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

किर्लोस्कर समूह के एनबीएफसी किर्लोस्कर कैपिटल के वाइस चेयरमैन विमल भंडारी ने कहा, 'जाहिर तौर पर प्रणाली में काफी दबाव है और ऐसे में परिसंपत्तियों भुनाना काफी महत्त्वपूर्ण हो गया है।' भंडारी की इस टिप्पणी से स्पष्ट है कि पिछले साल आईएलऐंडएफएस संकट के उजागर होने के बाद एनबीएफसी क्षेत्र में नकदी संकट से रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों को तगड़ा झटका लगा है। रियल एस्टेट डेवलपरों की कुल उधारी में एनबीएफसी का योगदान 60 फीसदी से भी अधिक है। लेकिन आईएलऐंडएफएस संकट के बाद पिछले 10 महीनों के दौरान अधिकतर एनबीएफसी ने ऋण देना बंद कर दिया है अथवा उनका रुख काफी चयनात्मक हो गया है।

बड़ी सूचीबद्ध कंपनियों को छोड़ दिया जाए तो रियल एस्टेट क्षेत्र में कमजोर बिक्री और नकदी संकट की स्थिति दिख रही है। रियल एस्टेट अनुसंधान फर्म लीजस फोरास के अनुसार, देश के शीर्ष आठ शहरों में वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री में 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक साल पहले की समान अवधि के मुकाबले सबसे अधिक 21 फीसदी की गिरावट रही।

हीरानंदानी कम्युनिटीज के प्रबंध निदेशक निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि एनबीएफसी डेवलपरों को उधारी देने से पहरेज कर रही हैं और इससे बाजार में कई संकटग्रस्त परिसंपत्तियां बिकने जा रही हैं। उन्होंने कहा, 'लेकिन दाम नहीं घट रहे और परिसंपत्ति मालिक उसकी कीमत नहीं घटा रहे हैं।'

रेरा यानी रियल एस्टेट विनियमन एवं विकास अधिनियम 2016 के लागू होने के बाद प्रॉपर्टी डेवलपरों की चुनौतियां कहीं अधिक बढ़ गई हैं। इसके तहत पूर्व-बिक्री पर रोक लगा दी गई है और परियोजन की 70 फीसदी रकम को एक एस्क्रो खाते में रखना अनिवार्य किया गया है।

Keyword: Rera, Real Estate, Housing Finance Company, NBFC, US, America, Equity Fund, Blackstone, Deal, Indiabulls, Lender,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या करों में कटौती से बाजार में अभी बनी रहेगी तेजी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.