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राज्यों ने मांगा प्रोत्साहन पैकेज

दिलाशा सेठ / नई दिल्ली June 21, 2019

अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कुछ राज्यों ने 2019-20 के पूर्ण बजट में केंद्र सरकार से प्रोत्साहन पैकेज दिए जाने की मांग की है। अंतरिम बजट में ही राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद के 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गया था और अगर पैकेज दिया जाता है तो राजकोषीय घाटे में और बढ़ोतरी होगी।  बजट पूर्व बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ हुई बैठक में राज्यों के वित्तमंत्रियों ने राज्य से जुड़े मसलों को भी सामने रखा।  सीतारमण ने इस बात पर जोर दिया कि राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है, क्योंकि केंद्र सरकार आर्थिक वृद्धि को दिशा देती है, लेकिन यह राज्यों पर निर्भर है कि वे उसे प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारें। 
 
केरल के वित्त मंत्री थॉमस आइजक ने कहा, 'राजकोषीय घाटे का लक्ष्य हासिल करना ही अंतिम मकसद नहीं हो सकता। स्थिति पर ध्यान दिए बगैर मशीनी रूप से घाटे का लक्ष्य रख देना बेतुका है। व्यय में कटौती, खासकर विकास संबंधी व्यय में कटौती करके यह हासिल करना मकसद नहीं  हो सकता।' उन्होंने कहा कि भारत की अर्थवव्यवस्था पर 2007-2008 में आई वित्तीय मंदी का असर पड़ा था, उसकी तुलना में अभी स्थिति ठीक है। उन्होंने कहा कि अगर घाटे का लक्ष्य हासिल किया जाना है तो उसे राजस्व के माध्यम से हासिल किया जाना चाहिए. न कि व्यय में कटौती करके। 
 
आइजक ने कहा, 'भारत के परिप्रेक्ष में देखें तो आर्थिक मंदी और बचत-निवेश ठप पडऩे के बिंदु पर विस्तारवादी राजकोषीय नीति की जरूरत है, जहां केंद्र सरकार मांग बढ़ा सकती है। वह राजकोषीय और राजस्व लक्ष्य को तोड़कर भी ऐसा कर सकती है।' दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्रीय करों में से 6,000 करोड़ रुपये दिल्ली के हिस्से की मांग की और कहा कि दिल्ली को पिछले 18 साल से सिर्फ 325 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। अरविंद केजरीवाल सरकार में सिसोदिया वित्त मंत्रालय भी संभालते हैं। उन्होंने दिल्ली नगर निगमों के लिए अन्य राज्यों के नगर निकायों की तर्ज पर अलग कोष स्थापित किए जाने की भी मांग की है। 
 
वहीं सीतारमण ने कहा कि जब तक राज्य व केंद्र मिलकर काम नहीं करते हैं, लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश से सहयोग की मांग की, जिससे जन आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। उन्होंने राज्यों को पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया। वित्त मंत्री ने कहा, 'जब तक राज्य और केंद्र साथ मिलकर काम नहीं करेंगे किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता। आर्थिक वृद्धि की दिशा तय करना केंद्र की जिम्मेदारी है जबकि जमीन पर इसके क्रियान्वयन का दायित्व राज्यों का है।'
 
वित्त मंत्रालय ने कई ट्वीट कर कहा कि सीतारमण ने सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों का सहयोग मांगा है ताकि लोगों की आकांक्षाओं को पूरा किया जा सके। साथ ही उन्होंने वांछित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र से राज्यों को अधिक कोष का बंटवारा किया गया है। हाल के समय में यह 8,29344 करोड़ रुपये से बढ़कर 12,38,274 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। 14वें वित्त आयोग में कर बंटवारे में राज्यों का हिस्सा बढ़कर 42 प्रतिशत पर पहुंच गया है जो 13 वें वित्त आयोग के दौरान 32 प्रतिशत था। 
 
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीएम-किसान योजना में आवंटन बढ़ाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि वाम चरमपंथ प्रभावित इलाकों मे सड़क निर्माण का बजट बढ़ाया जाना चाहिए।  गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने मोपा एयरपोर्ट के लिए तेजी से जमीन अधिग्रहण करने की मांग की। उन्होंने खनन व पर्यटन क्षेत्र को राहत दिए जाने की भी मांग की है। 
Keyword: states, fund, economy,,
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