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विमान अपहरण के पत्र ने पहुंचाया सलाखों के पीछे

साई मनीष /  June 18, 2019

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के लिए यह आसानी से पर्दाफाश करने वाले मामलों में से एक था। 37 वर्षीय आरोपी बिरजू किशोर सल्ला जेट एयरवेज की मुंबई-दिल्ली उड़ान के शौचालय में विमान अपहरण की धमकी देने की साजिश रचने की बात पुलिस के सामने स्वीकार कर चुका है। जिस ए-4 आकार के कागज पर यह धमकी लिखी थी, वह सल्ला के कार्यालय में रखे समान कागजों से मेल खाता था। इस पर लिखने के लिए इस्तेमाल स्याही उसके कार्यालय के प्रिंटर की स्याही के अनुरूप पाई गई। सल्ला के लैपटॉप से भी यह खुलासा हो गया कि विमान अपहरण से संबंधित पत्र उसके कार्यालय के प्रिंटर पर प्रिंटेड किया गया था। उसके गूगल कैच से पता चलता है कि उसने इसे उर्दू में ट्रांसलेट करने के लिए ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किया था।

 
अब सल्ला से कई कुख्यात तथ्य जुड़ गए हैं। उसे भारत की 'नो फ्लाई लिस्ट' में रखा गया है जिसके तहत देश में विमान यात्रा करने पर पाबंदी है। नो फ्लाई लिस्ट को मोदी सरकार द्वारा 2017 में लागू किया गया था। इसके अलावा वह ऐंटी हाईजैकिंग ऐक्ट 2016 के तहत गिरफ्तार पहला व्यक्ति है। सल्ला को मुंबई में एनआईए अदालत ने दोषी करार दिया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसे ऐंटी हाईजैकिंग ऐक्ट की धारा 3 के तहत दोषी पाया गया। इस प्रावधान के तहत दोषी पाए जाने वाले किसी व्यक्ति को मौत की सजा या जुर्माने के साथ साथ आजीवन कारावास मिल सकता है और उसकी संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं। सल्ला पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है जिसे सदमे से जुड़े (विमान में सवार) लोगों में वितरित किया जाएगा। दो पायलटों को 1-1 लाख रुपये, एयर होस्टेस को 50-50 हजार रुपये मिलेंगे जबकि विमान में उस समय सवार प्रत्येक यात्री को 25 हजार रुपये मिलेंगे। 
 
आइए, जानते हैं कि 30 अक्टूबर 2017 को तड़केे सुबह किस तरह से इस घटनाक्रम को अंजाम दिया गया जिससे भारत को हाई अलर्ट पर रखा गया और विमान के 174 यात्रियों में भय पैदा हो गया था। इस विमान की उड़ान मुंबई से सुबह 2.55 बजे थी, जो 2.15 पर ही शुरू हो गई। जेट एयरवेज के रिकॉर्ड के अनुसार बार-बार यात्राएं करने वाले वाणिज्यिक रूप से महत्त्वपूर्ण यात्री (सीआईपी) सल्ला को बिजनेस क्लास में सीट 1-डी दी गई थी। सीआईपी होने की वजह से सल्ला के साथ दो कर्मचारी तैनात थे। विमान में सल्ला ने एयर होस्टेस शिवानी मल्होत्रा को बुलाया और एक कंबल मांगा। जब शिवानी इसे लेकर उसके पास गई तो वह टॉयलेट गया हुआ था, जहां वह पांच मिनट तक रुका रहा। शिवानी ने उसकी खाली सीट पर कंबल रख दिया। यह वह समय था जब सल्ला ने टिश्यू बॉक्स में हाईजैक नोट रखा। अपनी सीट पर लौटने के बाद सल्ला ने निकिता जुनेजा (विमान की केबिन क्रू सुपरवाइजर) से एक और कंबल देने को कहा। जुनेजा ने उसे कंबल दिया जिसके बाद वह सो गया। इसके बाद जैसे ही शिवानी टॉयलेट में गई और उसने पाया कि टिश्यू बॉक्स से टिश्यू पेपर नहीं निकल पा रहे हैं। उसने जुनेजा को इसकी जानकारी दी जिसने उसे नया टिश्यू बॉक्स दे दिया। जब शिवानी ने टिश्यू को बदला तो उसने बॉक्स के अंदर एक मुड़ा हुआ कागज का टुकड़ा देखा जिस पर लिखा हुआ था, 'फ्लाइट 9डब्ल्यू 339 अपहर्ताओं के कब्जे में है और विमान को सीधे पीओके ले जाया जाए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो आप लोगों के मरने की आवाजें सुनेंगे। विमान के कार्गो एरिया में बम है और यदि आपने विमान दिल्ली में उतारा तो धमाका होगा। अल्ला महान है।'
 
शिवानी ने यह पत्र जुनेजा को दिया। जुनेजा ने तुरंत फ्लाइट कैप्टन जय जरीवाला को इसकी जानकारी दी। स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर्स (एसओपी) के अनुसार, जरीवाला अहमदाबाद उतरे, जहां क्राइम ब्रांच के कर्मी इंतजार कर रहे थे। पूछताछ के दौरान, सल्ला ने यह धमकी भरा पत्र रखने की बात कबूली और फिर उसे हिरासत में ले लिया गया। एक सप्ताह बाद, एनआईए के पास यह मामला आया और नए कानून के तहत सल्ला पर मामला दर्ज किया गया। सल्ला ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने जेट एयरवेज का दिल्ली परिचालन बंद करने के लिए यह साजिश रची जिससे एयरलाइन के दिल्ली कार्यालय में काम कर रही उसकी महिला मित्र उसके साथ मुंबई आ जाए।
 
सल्ला एक जौहरी परिवार से है। यह परिवार मुंबई के झवेरी बाजार में एच किशोरकुमार ज्वैलर्स नाम से व्यवसाय करता है। उसके पिता किशोर कुमार द्वारा 1993 में स्थापित यह आभूषण दुकान 2011 में झवेरी बाजार में बम धमाके के घटनास्थल से महज लगभग 200 मीटर दूर है। सल्ला के दो बच्चे हैं और वह रियल एस्टेट का कारोबार चलाता है। उसकी कंपनी के रिकॉर्डों से पता चलता है कि सल्ला अपने तीन भागीदारों के साथ लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (एलएलपी) के तौर पर पंजीकृत रियल एस्टेट कंपनी से जुड़ा हुआ है। इस कंपनी का पंजीकृत कार्यालय ठाणे में है। हालांकि रिपोर्टों से पता चलता है कि झवेरी बाजार में ज्वैलरी शोरूम 2017 में हाईजैकिंग घटना के बाद से बंद है, लेकिन सल्ला की आय में कमी नहीं आई है। उसने पिछले साल एक अदालत को बताया था कि उसकी सालाना आय 50 लाख रुपये है और वह नियमित तौर पर आयकर चुकाता है। भले ही सल्ला का परिवार उसके बच्चों का खयाल रख सकता है, लेकिन इस बिजनेस क्लास यात्री को अपनी शेष जिंदगी जेल में ही बितानी होगी। 
Keyword: aviation, flight, airport, AAI, NIA,,
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