बिजनेस स्टैंडर्ड - 'राज्य के नियंत्रण में है कानून व्यवस्था'
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'राज्य के नियंत्रण में है कानून व्यवस्था'

अभिषेक रक्षित /  June 10, 2019

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति राज्य सरकार के नियंत्रण में है और उपद्रवियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बिगाडऩे वाले कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच राज्य के राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को राज्य की मौजूदा कानून व्यवस्था से अवगत कराया। इससे पहले केंद्र ने स्थिति नियंत्रण में लेने और कर्तव्य का पालन करने में लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त कदम उठाने के लिए राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी की थी।

 
राज्य सचिवालय में बैठक के बाद राज्य में कानून और व्यवस्था की हालिया स्थिति पर सवालों का जवाब देते हुए बनर्जी ने कहा, 'पुलिस से कड़े कदम उठाने के लिए कहा गया है। कुछ उप-निरीक्षक और थाना प्रभारी अपना काम सही तरीके से नहीं कर रहे और वे दंगाइयों के साथ मिले हुए हैं। उनके खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे।' राज्य की मुख्यमंत्री होने के साथ साथ बनर्जी के पास राज्य के पुलिस मंत्री का प्रभार भी है। उन्होंने प्रशासन के ऐसे अधिकारियों को भी चेतावनी दी जिन्होंने चुनाव के समय अपनी ड्यूटी को नगण्य मानकर राजनीतिक तौर पर सक्रिय हो गए थे। 
 
हाल ही में राज्य के संदेशखली में हुई घटना के बाद बनर्जी अपनी बात रख रही थीं। संदेशखली में शनिवार को हुई हिंसक घटना में 3 भाजपा समर्थक और एक टीएमसी समर्थक की मौत हो गई थी जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को एडवाइजरी जारी की थी। केंद्र सरकार राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य की मशीनरी विफल होने को लेकर बनर्जी सरकार पर आरोप लगा रही है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के एन त्रिपाठी ने भी बिगड़ती कानून व्यवस्था पर अपनी चिंता व्यक्त की। विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा की गई शिकायतों के आधार पर 23 मई से अभी तक अलग-अलग दलों के करीब 14-15 कार्यकर्ता या तो लापता हैं या वे घर वापिस नहीं आए। संदेशखली में हुई घटना के बारे में बोलते हुए बनर्जी ने कहा, 'चुनाव के बाद 2-3 घटनाएं हुईं और 2 लोगों को मार दिया गया। वे (भारतीय जनता पार्टी) यह दावा कैसे कर सकते हैं कि लोग लापता हैं? अगर ऐसा है तो हमें लापता व्यक्ति के नाम, पते से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराएं।'
 
राज्य में हुई मौत से अलग भाजपा ने अपने लापता कार्यकर्ताओं के नाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी किए हैं और दावा किया कि इनके परिवार वालों का मानना है कि उन्हें टीएमसी समर्थकों ने मार दिया है।  भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के बाद भाजपा को वोट देने वाले लोगों को टीएमसी कार्यकर्ता डरा रहे हैं तथा कूच बिहार जिले के हल्दिया, तमलुक और सीतलकुची क्षेत्रों में संदेशखली जैसी घटना देखने को मिल सकती है।  भाजपा की राज्य इकाई के उपाध्यक्ष जयप्रकाश मजूमदार कहते हैं, 'हमें वोट देने वाले लोगों से टीएमसी बदला ले रही है और लोगों में भय पैदा कर रही है।' बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने वोटरों को लुभाने के लिए कुल 42 में से प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में 45 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और इसके अलावा राज्य में सांप्रदायिकता तथा हिंसा को बढ़ावा देने के लिए सोशल मीडिया नेटवर्क तथा मेसेजिंग ऐप पर भारी राशि खर्च की है। 
 
बंगाल-बांग्लादेश संबंध
 
बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ के चुनावी मुद्दा बनने के बाद टीएमसी और भाजपा, दोनों राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ और उपद्रव के लिए एक दूसरे पर पड़ोसी देश से अवैध घुसपैठ कराने का आरोप लगाते रहते हैं। भाजपा कहती है कि बांग्लादेश से अवैध रुप से भारत में घुसे टीएमसी समर्थित असामाजिक तत्त्व संदेशखाली में हुई घटना के पीछे थे और वे लगातार सीमा पार करके सीमा के पास वाले इलाकों में उपद्रव तथा अवैध गतिविधियां चलाते हैं। मजूमदार आरोप लगाते हैं, 'टीएमसी उनके खिलाफ वोट देने वाले लोगों को भयभीत करने के लिए सीमा पार से राजनीतिक उपद्रवियों को लेकर आ रही है और ये सभी बाद में वापिस बांग्लादेश चलते जाते हैं। इन्हें राज्य से राजनीतिक सहायता प्राप्त है। संदेशखली में होने वाली घटना के पीछे भी इन उपद्रवियों का ही हाथ है।'
 
दूसरी ओर, राज्य सचिवालय में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा राजनीतिक लाभ लेने के लिए बांग्लादेश से समर्थन लेने पर भरोसा करती है। उन्होंने कहा, 'बांग्लादेश से केवल मुसलमान ही अवैध तरीके प्रवेश नहीं करते, इनमें दूसरे लोग भी शामिल हैं। भाजपा से इनके बारे में पूछो और वे उनका समर्थन कैसे कर सकते हैं।' भाजपा ने आगामी राज्य विधानसभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति के तहत बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ पर रोक लगाने की योजना बनाई है और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कहा है कि भारत में अवैध तरीके से आए हिंदु और बौद्ध को रहने दिया जाएगा लेकिन मुसलमानों को जाने के लिए कहा जाएगा। 
 
प्रधानमंत्री, गृह मंत्री से मिले राज्यपाल 
 
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के एन  त्रिपाठी ने सोमवार को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की तथा उन्हें कानून व्यवस्था की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया। लोकसभा चुनावों के बाद पहली बार त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मुलाकात की है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री से पश्चिम बंगाल की स्थिति के बारे में अवगत कराया। मैं अभी जानकारियां सार्वजनिक नहीं कर सकता।' राज्य में राष्ट्रपति शासन की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस तरह की कोई बातचीत नहीं की गई है। इससे पहले गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार को एक परामर्श भेजा था जिसमें राज्य में हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की गई तथा कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहा गया था।
 
दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या और बिगड़ती कानून व्यवस्था के विरोध में भाजपा ने सोमवार को काला दिवस मनाया। पार्टी ने कोलकाता एवं अन्य जगहों पर रैलियां निकालीं तथा बशीरहाट में बंद बुलाया। कोलकाता से करीब 70 किलोमीटर दूर बशीरहाट में 12 घंटे के बंद के दौरान अधिकतर दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। भाजपा ने रैलियां निकालीं और दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। 
Keyword: west bengal, mamta, election, TMC,,
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