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जी20: व्यापार युद्ध से विश्व अर्थव्यवस्था को जोखिम

एजेंसियां /  June 09, 2019

दुनिया के शीर्ष वित्तीय नीति निर्माताओं ने रविवार को स्वीकार किया कि व्यापार तनाव की स्थिति खराब हुई है और इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था का जोखिम बढ़ा है। जी-20 बैठक के बाद वित्तीय नीति निर्माताओं ने यह बात कही। बैठक में अमेरिका तथा अन्य देशों के बीच मतभेद खुलकर सामने आया। जापान में चल रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में भारत ने विकासशील देशों में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने की वकालत की। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने टिकाऊ एवं समावेशी वृद्धि में योगदान देने वाले व्यापार व निवेश को बढ़ावा देने पर आयोजित सत्र में यह पक्ष रखा।
 
वैश्विक मतभेदों के बीच 30 घंटे की गहन परिचर्चा के बाद जी-20 वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के प्रमुखों ने अंतिम बयान दिया जिसमें इस बात को स्वीकार किया गया कि आर्थिक वृद्धि नीचे बनी हुई है तथा इसके और नीचे जाने का जोखिम बना हुआ है। एक अधिकारी ने इस बैठक को तनावपूर्ण माहौल करार दिया। जी-20 में शामिल अधिकारी ने कहा, 'सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि व्यापार और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। वे जरूरत पडऩे पर आगे कार्रवाई करने को तैयार खड़े हैं। अमेरिका की तरफ से समझौते को आगे बढ़ाए जाने के बाद बयान से पूर्व के मसौदे में कही गई बात को छोड़ दिया गया। उसमें व्यापार तनाव के समाधान की जरूरत पर बल दिया गया था।' 
 
इस बयान से पहले जापान के बंदरगाह शहर फुकुओका में दो दिन चली बैठक में इंटरनेट दिग्गजों पर कर लगाने तथा बुजुर्ग हो रही आबादी से उत्पन्न आर्थिक चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। यूरोपीय संघ के आर्थिक मौद्रिक मामलों के आयुक्त पियरे मोसकोविसी ने कहा, 'हमारे विचार से बैठक का जो नतीजा निकला है, उससे बेहतर हम कुछ नहीं कर सकते थे। यह कोई उम्दा परिणाम नहीं है लेकिन अच्छा है।' उन्होंने यह स्वीकार किया कि समझौते पर पहुंचना आसान काम नहीं था। उन्होंने कहा, 'यहां कमरे में बैठा हर कोई यह मानता है कि व्यापार तनाव से वृद्धि को जोखिम है...। नीति निर्माताओं के दिल-दिमाग में व्यापार युद्ध है क्योंकि अमेरिका तथा चीन दोनों लगातार एक-दूसरे को शुल्क के जरिए चेतावनी दे रहे हैं।' अर्थशास्त्रियों को आशंका है कि यह वैश्विक वृद्धि पर रोक लगा सकता है। 
 
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रमुख क्रिस्टीन लेगार्ड ने चेतावनी देते हुए कहा कि शुल्क से वर्ष 2020 में वैश्विक जीडीपी में 0.5 प्रतिशत या करीब 455 अरब डॉलर की कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, 'मुख्य रूप से व्यापार युद्ध से वैश्विक आर्थिक परिदृश्य को काफी जोखिम है।' जी-20 मंत्रियों ने बैठक से कुछ ही घंटे पहले राहत की सांस ली जब अमेरिका तथा मेक्सिको ने आव्रजन के मुद्दे पर समझौता किया। इससे अमेरिका मेक्सिको की वस्तुओं पर पांच प्रतिशत का शुल्क नहीं लगाएगा।  हालांकि अमेरिकी वित्त मंत्री स्टीवन न्यूचिन ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग इस महीने के अंत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान किसी सहमति पर पहुंचने में नाकाम रहते हैं तो अमेरिका चीन पर अतिरिक्त शुल्क लगा सकता है। अंतिम बयान में जी-20 देशों ने 2020 तक अंतिम रिपोर्ट के साथ सहमति के आधार पर समाधान के लिए प्रयास में तेजी लाने पर सहमति जताई। बैठक में पहली बार जी-20 मंत्रियों ने वृद्ध होती आबादी से उत्पन्न चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा की। जापान दुनिया का पहला देश है जहां बुजुर्गों का अनुपात सर्वाधिक होगा। वहां 28 प्रतिशत आबदी 65 साल से अधिक की है। ओईसीडी के महासचिव ऐंजल गुरिया ने कहा, 'आपके पास आबादी का एक बड़ा अनुपात ऐसा है जो बुजुर्ग है। इससे कार्यबल की संख्या कम हो रही है। इस मुद्दे के समाधान के लिए जिस रूप से समाज संगठित है, उसमें व्यापक बदलाव की जरूरत होगी।'
 
भारत की तरफ से वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि टिकाऊ तरीके से व्यापार को बढ़ावा देने तथा रोजगार सृजन तेज करने के लिए विकासशील देशों में एमएसएमई को समर्थन देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि विकासशील देशों में एमएसएमई की बेहतर भागीदारी को समर्थन देना रोजगार एवं आय सृजन के लिए महत्त्वपूर्ण है। गोयल ने कहा कि यदि मुक्त व्यापार और निवेश विकास केंद्रित बने रहे तो इनसे विकासशील देशों को फायदा होगा। 
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