बिजनेस स्टैंडर्ड - इंडिगो की ऊंची उड़ान से प्रतिस्पद्र्धी परेशान
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इंडिगो की ऊंची उड़ान से प्रतिस्पद्र्धी परेशान

सुरजीत दास गुप्ता / नई दिल्ली June 07, 2019

इंडिगो एयरलाइंस की ऊंची उड़ान ने दूसरी विमानन कंपनियों की नींद उड़ा दी है। घरेलू बाजार में इंडिगो की हिस्सदेारी 50 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई है, जिसके मद्देनजर इसकी प्रतिस्पद्र्धी कंपनियां सरकार से समान अवसर मुहैया कराने की गुहार लगाने के बारे में सोच रही हैं। जेट एयरवेज के बाजार से रुखसत होने के बाद दूसरी कंपनियों को घरेलू विमानन बाजार पर इंडिगो का एकाधिकार स्थापित होने का डर सताने लगा है।   स्पाइसजेट के चेयरमैन अजय सिंह ने दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में आईएटी एक सम्मेलन में बिना किसी कंपनी का नाम लिए इस बात का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि विमानन उद्योग में किसी एक कंपनी का सिक्का चलना ठीक नहीं है। सिंह ने कहा कि सरकार और नियामकों को सभी कंपनियों को बराबर अवसर मुहैया कराना चाहिए। 
 
दूसरी विमानन कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि सरकार को एक सीमा निर्धारित करनी चाहिए ताकि किसी भी विमानन कंपनी को किसी एक हवाईअड्डे पर एक तिहाई से अधिक स्लॉट नहीं दिया जाना चाहिए। एक किफायती विमानन कंपनी के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, 'स्वच्छ प्रतिस्पद्र्धी माहौल बरकरार रखने के लिए छोटी एवं नई विमानन कंपनियों को स्लॉट आवंटित होना चाहिए। एक तिहाई से अधिक स्लॉट वाली कंपनियों को कतार में सबसे पीछे जगह दी जानी चाहिए।' इंडिगो की प्रतिस्पद्र्धी कंपनियों ने कहा है कि 15 वर्ष पहले सरकार ने एयर इंडिया को संरक्षा प्रदान करने के लिए नियम बनाए थे, वे एकाधिकार को बढ़ावा देते हैं और अभी भी वे अस्तित्व में हैं। इन दिनों अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने पर विचार करने वाली एक विमानन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय यातायात अधिकार आवंटित करने के लिए आवंटन का आधार विमानन कंपनियों का एएसकेएम होता है। जिस कंपनी की भी 50 प्रतिशत से ऊपर हिस्सेदारी होती है, उसे इन नियमों का लाभ मिलता है, जबकि छोटी विमानन कंपनयों को काफी कम हासिल होता है।' यह मामला इसलिए अहम है क्योंकि दो नई विमानन कंपनियां एयर एशिया इंडिया और विस्तारा इस साल अंतराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने के बारे में सोच रही हैं, जबकि स्पाइसजेट और गो एयर भी विस्तार की मुद्रा में दिख रही हैं। इंडिगो अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर काफी संजीदगी से ध्यान केंद्रित कर रही है। यह मुद्दा विमानन मंत्रालय के साथ बैठक में उठा था, जिसमें जेट का अंतरराष्ट्रीय स्लॉट दूसरी विमानन कंपनियोंं को देने पर चर्चा हुई थी। 
 
विमानन कंपनियों का यह भी कहना है कि इंडिगो उन मार्गों पर अधिक संख्या में विमान तैनात कर रही हैं, जिन पर इसकी प्रतिस्पद्र्धी कंपनियां उड़ान संचालित करती हैं। इनका आरोप है कि इंडिगो ने अपनी उड़ानों का समय भी दूसरी विमानन कंपनियों के बराबर ही तय कर रखा है। हालांकि इंडिगो ने इन आरोपों का खंडन किया है। कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा, 'ऐसा करना हमारी रणनीति का हिस्सा नहीं है। सभी विमानन कंपनियां एक ही सूचना स्रोत का सहारा लेती हैं और अगर एक से अधिक विमानन कंपनियों को एक ही मार्ग पर अधिक संभावनाएं दिखती हैं तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए।'
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