बिजनेस स्टैंडर्ड - सस्ता होगा एसबीआई का कर्ज
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सस्ता होगा एसबीआई का कर्ज

अभिजित लेले / मुंबई/भुवनेश्वर/नई दिल्ली June 06, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से ब्याज दरों में कटौती के बाद भारतीय स्टेट बैंक की कैश क्रेडिट व ओवरड्राफ्ट दरें जुलाई से 25 आधार अंक सस्ती हो जाएगी। संशोधित दरें आठ फीसदी होंगी। बचत खाते में एक लाख रुपये से ज्यादा जमाओं पर एसबीआई की ब्याज दरें जुलाई से घटकर तीन फीसदी रह जाएगी। आरबीआई की नीतिगत दरों का फायदा ग्राहकों को देने के लिए देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने कैश क्रेडिट व ओवरड्राफ्ट और छोटी बचत जमाओं (एक लाख रुपये से ऊपर) का जुड़ाव रीपो दरों से कर दिया है।

भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र समेत कई बैंक ब्याज दरों, एमसीएलआर और सावधि जमा दरों पर फैसला लेने के लिए अगले कुछ दिनों में संपत्ति-देनदारी समिति की बैठक करने जा रहे हैं। एसबीआई के प्रबंध निदेशक पी के गुप्ता ने कहा, बैंक की संपत्ति-देनदारी समिति की बैठक इस हफ्ते हो सकती है।

बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कार्यकारी निदेशक ए सी राउत ने कहा, संपत्ति-देनदारी समिति की बैठक शुक्रवार को होगी। आरबीआई के निर्देशों को ध्यान में रखते हुए बैंक उचित फैसला लेगा। बैकों ने संकेत दिया है कि वे अगले चार महीनों में ब्याज दरें 20 आधार अंक तक घटा सकते हैं, जिससे उपभोक्ताओं के लिए होमलोन, कंज्यूमर ड््यूरेबल लोन आदि सस्ता हो जाएगा। बैंकरों ने यह भी कहा कि छोटी बचत पर ज्यादा ब्याज दरें बैंकों के लिए जमा दरों में और कटौती के लिए अवरोध बन गई हैं।

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि नकदी की बेहतर स्थिति उधार लेने वालों को फायदा देने के लिए अनुकूल होगी। ब्याज कटौती का फायदा ग्राहकों को बेहतर तरीके से देने के लिए सरकार को भी छोटी बचत जमाओं पर ब्याज दरें घटानी होगी। इनका जुड़ाव सरकारी बॉन्डों के प्रतिफल से है, जो आरबीआई की ब्याज कटौती के जवाब में काफी घटा है। यह सरकार को अगले कुछ महीनों में फैसला लेने की गुंजाइश छोड़ता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री समीर नारंग ने कहा, हमें लगता है कि आरबीआई अगस्त 2019 या सितंबर 2019 में ब्याज दरें 25 आधार अंक और घटाएगा। ब्याज दरों में और कटौती से वास्तविक दरें कम होंगी और निजी क्षेत्र का निवेश चक्र शुरू होगा। उधारी दरों में 10-15 आधार अंकों की कमी की गुंजाइश है।

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा, व्यवस्था में नकदी का स्तर ज्यादा है और हम पहले ही 15,000 करोड़ रुपये के ओपन मार्केट ऑपरेशन का ऐलान कर चुके हैं। जब भी जरूरी होगा हम नकदी झोकेंगे, लेकिन यह जरूरत पर आधारित होगा। इस कैलेंडर वर्ष में ब्याज दरें 75 आधार अंक घटी हैं। दास ने कहा, अभी तक रुपये वाले नए कर्ज पर दरों में कटौती का फायदा 21 आधार अंकों का रहा है और हम आने वाले दिनों में ब्याज कटौती का ज्यादा फायदा ग्राहकों को मिलते देखना चाहते हैं।

इसके अलावा आरबीआई ने मौजूदा नकदी प्रबंधन ढांचे में बदलाव का फैसला लिया है। केंद्रीय बैंक इस ढांचे की समीक्षा और इसके सरलीकरण के लिए कदम उठाने का सुझाव देने के लिए आंतरिक कार्य समूह गठित करेगा। यह समूह जुलाई के मध्य में अपनी रिपोर्ट सौंप सकता है। इक्रा के प्रमुख (ग्रुप-वित्तीय क्षेत्र) कार्तिक श्रीनिवासन ने कहा, नकदी के ढांचे की समीक्षा सकारात्मक कदम है।
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