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डेल, जीप और एलआईसी ब्रांडों की कतार में सबसे आगे

उर्वी मलवाणिया /  June 05, 2019

अमेरिकी ब्रांड डेल देश में सबसे भरोसेमंद ब्रांड है जिसके बाद ऑटो क्षेत्र का जीप दूसरे तथा बीमा कंपनी एलआईसी तीसरे स्थान पर है। टीआरए द्वारा जारी ब्रांड ट्रस्ट रिपोर्ट 2019 में यह जानकारी दी गई। इस बार डेल पांच स्थानों की छलांग लगाकर शीर्ष पर पहुंचा है तो वहीं एलआईसी ब्रांड साल 2018 की 23वीं रैंक से बढ़कर तीसरे स्थान पर पहुंचा। साल 2016 में फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स (एफसीए) के साथ देश में कदम रखने वाले जीप ने सबसे ऊंची छलांग लगाई है और वह साल 2018 के 553वें पायदान से निकलकर साल 2019 में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। रोचक तथ्य यह है कि 2017-18 के मुकाबले 2018-19 में मांग में 17 प्रतिशत की गिरावट के बाद भी ऑटो क्षेत्र के इस ब्रांड की विश्वसनीयता में इजाफा हुआ है। टाटा समूह का ब्रांड तनिष्क इस बार 14वें स्थान पर रहा है।

 
टीआरए के मुख्य कार्याधिकारी एन. चंद्रमौलि कहते हैं, 'नई संशोधित प्रक्रिया (पहली बार 2019 में इसका उपयोग किया गयो) के तहत विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे ब्रांड को उन सभी श्रेणियों के हिसाब से रैंक दी जाएगी। टाटा समूह 23 अलग श्रेणियों के साथ कुल 10 में आगे चल रहा है जो दिखाता है कि अब ब्रांड संबंधी भरोसा विभिन्न उप-क्षेत्रों तक सही तरीके से वितरित हो रहा है।' चंद्रमौलि के अनुसार टीआरए ने इस साल कार्यप्रणाली में कुछ बदलाव किए हैं जिससे रिपोर्ट विभिन्न क्षेत्रों तथा छोटी श्रेणियों तक का प्रतिनिधित्व कर सके। वह बताते हैं कि सर्वे का जवाब देने वाले लोग पिछले साल तक ब्रांड का नाम और टीआरए द्वारा निर्धारित श्रेणियों के आधार पर ही जवाब देते थे लेकिन इस बार उन्हें ब्रांड की उप-श्रेणियां भी उपलब्ध कराई गई, जिसे टीआरए शोध टीम ने तैयार किया था। इस बदलाव के चलते इस बार कम से कम 65 नई श्रेणियां बनाई गईं। 
 
साल 2019 की रिपोर्ट के लिए 16 भारतीय शहरों में 2,315 प्रभावशाली-ग्राहकों ने हिस्सा लिया था। इस सर्वे को दिसंबर 2018 से मार्च 2019 के बीच 450 से अधिक व्यक्तियों की मदद से किया गया। रिपोर्ट में कहा गया है, 'जिन प्रभावशाली ग्राहकों का साक्षात्कार लिया गया है वे जनसंख्या का 10 प्रतिशत हैं और ये शेष 90 प्रतिशत को प्रभावित करते हैं।'  इस रिपोर्ट में एक नई विशेषता के तौर पर 'सुपर श्रेणी' जोड़ी गई है जो ब्रांड का बड़ा समूह है तथा इसमें कई श्रेणियां शामिल की गई हैं। इसमें 39 सुपर श्रेणी (जैसे अपैरल, ऑटोमोबाइल, उपभोक्ता सामान, बैंक, वित्तीय सेवा संस्थान आदि) और 289 दूसरी श्रेणियां (पुरुषों के परिधान, महंगी गाडियां, साबुन, सरकारी बैंक आदि) मौजूद हैं। हालांकि सुपर श्रेणी की अधिकांश श्रेणियों में 2018 की तुलना में भरोसा बढ़ा है लेकिन कुछ श्रेणियों में भरोसे में कमी भी आई है। लॉजिस्टिक सेवा प्रदाता श्रेणी के लिए ग्राहकों के भरोसे में सबसे अधिक गिरावट देखी गई है। भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कुल नौ ब्रांड को शामिल करने वाली इस श्रेणी में सालाना आधार पर ग्राहकों के भरोसे में 50 प्रतिशत की कमी आई है। इसके अलावा, फास्ट मूविंग इलेक्ट्रिक सामान पर भरोसे में 17 प्रतिशत और ब्रांडेड फैशन श्रेणी में शामिल ब्रांड पर ग्राहक भरोसे में 8 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है। 
 
रिपोर्ट के अनुसार उपभोक्ता सामान श्रेणी में शामिल विभिन्न ब्रांड पर भरोसे में पिछले साल के मुकाबले 110 प्रतिशत की तेजी आई है। ग्राहकों के बढ़ते भरोसे वाले अन्य क्षेत्रों में बीएफएसआई (70 प्रतिशत), ऑटोमोबाइल (41 प्रतिशत) और खाद्य तथा पेय पदार्थ (67 प्रतिशत) क्षेत्र शामिल हैं।  हालांकि पिछले साल विवादों में रहने के बाद भी निजी बैंको के क्षेत्र में आईसीआईसीआई बैंक पहले स्थान पर है। एसबीआई शीर्ष 10 ब्रांड की सूची में शामिल है लेकिन शीर्ष 100 ब्रांड की सूची में भी यह अकेला सरकारी बैंक है। मीडिया को एक क्षेत्र के तौर पर देखने पर इसमें ग्राहकों का भरोसा 43 प्रतिशत तक बढ़ा है जिसमें से टीवी में सालाना आधार पर 12 प्रतिशत की तेजी आई। फर्जी खबरों के प्रसार और मीडिया से बड़े पैमाने पर असहमति के बाद भी इस रैंकिंग में तेजी आम तर्क से विरोधाभास रखती है। हालांकि इस तरह के असंगत और विरोधी विचारों के बारे में रिपोर्ट में कुछ नहीं कहा गया है। 
Keyword: america, dell, auto, jeep, LIC,,
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