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रिलायंस इन्फ्राटेल के ऋणदाताओं पर एनसीएलटी ने लगाई बंदिश

सुब्रत पांडा / मुंबई May 31, 2019

राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने आज कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) की सहायक कंपनी रिलायंस इन्फ्राटेल की ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) का फैसला अगले आदेशों तक बाध्यकारी नहीं होगा। एनसीएलटी ने यह फैसला दोहा बैंक की याचिका पर सुनाया है, जिसमें सीओसी के फैसले पर रोक लगाने की मांग की गई थी। न्यायाधिकरण ने कहा कि ऋणदाताओं की समिति की बैठक में पारित कोई प्रस्ताव दोहा बैंक की याचिका के नतीजे पर निर्भर करेगा। इस बीच भारतीय स्टेट बैंक ने दोहा बैंक के आवेदन पर जवाब देने के लिए समय मांगा है। न्यायाधिकरण ने बैंक को अपना जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। दोहा बैंक को एसबीआई का जवाब आने के बाद अगले तीन दिन के भीतर एक जवाबी दस्तावेज दाखिल करना होगा। इस मामले की अगली सुनवाई 21 जून को होगी। इससे पहले दोहा बैंक एनसीएलटी गया था। उसने दावा किया था कि अंतरिम समाधान पेशेवर (आरपी) ने उन बैंकों के दावों को स्वीकार किया था, जिन्होंने आरकॉम के लिए रिलायंस इन्फ्राटेल द्वारा दी गई कॉरपोरेट गारंटी का उपयोग किया था। दोहा बैंक ने कहा कि आरपी ने उसे और उन तीन अन्य बैंकों को इस बारे में सूचित नहीं किया, जिन्होंने रिलायंस इन्फ्राटेल को सीधे ऋण दिया था। 
 
दोहा बैंक ने आरोप लगाया है कि इन बैंकों ने आरकॉम के लिए रिलायंस इन्फ्राटेल द्वारा दी गई कॉरपोरेट गारंटी का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे रिलायंस इन्फ्राटेल का कर्ज बहुत अधिक बढ़ गया है। इसने आरोप लगाया है कि बैंकों के कॉरपोरेट गारंटी को भुनाने से दोहा बैंक समेत चार ऋणदाताओं के समूह के मत अधिकारों में भारी कमी आई है। इस बैंक समूह का रिलायंस इन्फ्राटेल पर करीब 1,523 करोड़ रुपये का कर्ज है। दोहा बैंक की तरफ से पेश हुए वकील ने दावा किया कि पहले इन चार बैंकों के पास रिलायंस इन्फ्राटेल सीओसी में 55 फीसदी मत अधिकार थे, जो बैंकों के कॉरपोरेट गारंटी का इस्तेमाल करने से घटकर 15 फीसदी रह गए हैं और अंतरिम आरपी दावों को स्वीकार कर रहा है। इसने कहा है कि इससे सीओसी में दोहा बैंक हाशिए पर आ जाएगा। 
 
आरकॉम की घोषणा के मुताबिक ऋणदाताओं ने रिलायंस इन्फ्राटेल पर 12,687 करोड़ रुपये के दावे किए हैं। अब तक अंतरिम आरपी ने 9665 करोड़ रुपये के दावे स्वीकार किए हैं और 3,022 करोड़ रुपये की राशि के दावों का सत्यापन किया जा रहा है। आरकॉम पर ऋणदाताओं ने 49,193 करोड़ रुपये के दावे किए हैं और अंतरिम आरपी ने 47,038 करोड़ रुपये के दावे स्वीकर कर लिए हैं। रिलायंस टेलीकॉम ने 24,306 करोड़ रुपये का दावा किया है और अंतरिम आरपी ने 10,015 करोड़ रुपके दावे स्वीकार कर लिए हैं। 
Keyword: reliance, infratel, NCLT,,
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