बिजनेस स्टैंडर्ड - बैंकों के विलय के लिए बीओबी मॉडल
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बैंकों के विलय के लिए बीओबी मॉडल

सोमेश झा / नई दिल्ली May 30, 2019

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार अपने दूसरे कार्यकाल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (पीएसबी) के बड़े विलय का विकल्प छोड़ सकती है, जैसा कि परामर्श और विचार विमर्श के दौरान सामने आया था। इस मामले से जुड़े सूत्रों ने नाम न दिए जाने की शर्त पर बताया कि इसकी जगह सरकार बैंंक आफ बड़ौदा (बीओबी) जैसा मॉडल अपना सकती है, जिसके तहत 2 या 3 बैंकों का एक साथ विलय हो सकता है।  सूत्रों ने कहा कि इस महीने की शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंंक के डिप्टी गवर्नर एमके जैन ने वित्तीय मामलों के सचिव राजीव कुमार और वित्त मंत्रालय के अन्य अधिकारियों से दिल्ली में मुलाकात कर सरकारी बैंकों के विलय पर अनौपचारिक रूप से चर्चा की थी। इसके बाद वित्त मंत्रालय के अधिकारियों की रिजर्व बैंंक के साथ कुछ और बैठकें हुई थीं। सरकारी बैंकों के विलय की योजना तैयार करने के पहले केंद्र सरकार बैंकिंग कंपनीज (एक्विजिशन ऐंड ट्रांसफर आफ अंडरटेकिंग्स) ऐक्ट 1970 और 1980 के मुताबिक रिजर्व बैंक से परामर्श करेगी। 
 
बैठक के दौरान सरकारी बैंकों के विलय के विभिन्न तरीकों पर चर्चा की गई। एक प्रस्ताव यह भी था कि 8-9 बैंकों का एकीकरण कर एक बड़ा विलय किया जाए। एक अन्य व्यक्ति ने कहा, 'बहरहाल यह योजना खत्म कर दी गई। हम उम्मीद कर सकते हैं कि इस वित्त वर्ष में बैंंक आफ बड़ौदा के एकीकरण की तर्ज पर कम से कम दो विलय होंगे।' बैंक आफ बड़ौदा, देना बैंंक और विजया बैंक का विलय पिछले साल सितंबर में करने के बाद सरकार ने रिजर्व बैंक से सरकारी बैंकों के संभावित एकीकरण पर राय मांगी थी, जिससे कि इसे व्यापक बनाने के साथ तालमेल स्थापित किया जा सके। 
 
आश्विन पारेख एडवाइजरी के मैनेजिंग पार्टनर आश्विन पारेख ने कहा, 'अगर ज्यादा बैंकों का एकीकरण होता है तो यह एकीकरण प्रक्रिया के हिसाब से कठिन हो जाएगा और इससे लक्ष्य से भटकाव हो सकता है। तीन बैंकों के विलय का प्रबंधन किया जा सकता है क्योंकि इसमें आम राय बनाना आसान होगा।' बहरहाल उन्होंने कहा कि बैंकों का विलय अच्छा विचार है। सरकार विलय के विभिन्न संयोजन तैयार कर रही है और पंजाब नैशनल बैंक पहला बैंक हो सकता है, जिसमें कुछ अन्य बैंकों का विलय किया जाए। यूनियन बैंक और बैंक आफ इंडिया के पंजाब नैशनल बैंंक में विलय के संयोजन पर भी विचार किया गया।
 
मोदी सरकार के कार्यकाल में पहली बार दो विलय हुए। पांच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक का विलय भारतीय स्टेट बैंक में किया गया और देना बैंक व विजया बैंक का विलय बैंक आफ बड़ौदा में कर दिया गया।  इस साल की शुरुआत में पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा था, 'भारत को कुछ और बड़े बैंकोंं की जरूरत है, जो हर हिसाब से मजबूत हों। उधारी देने से लेकर अधिकतम उपयोग तक बैंकिंग क्षेत्र हर जगह अहम है।' पहली बार बैंकों के विलय की सिफारिश नरसिम्हन समिति की रिपोर्ट में 1991 में की गई थी, जिसमें तीन टियर बैंकिंग ढांचे का सुझाव दिया गया था और कहा गया था कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के 3 बड़े बैंक होने चाहिए, 8 से 10 राष्ट्रीय बैंंक और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय बैंंक होने चाहिए।
Keyword: bank, loan, debt, RBI, NPA, BOB,,
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