बिजनेस स्टैंडर्ड - फिर उठी जीएसटी दर कटौती की मांग
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फिर उठी जीएसटी दर कटौती की मांग

विवेट सुजन पिंटो, राघवेंद्र कामत और शैली मोहिले / मुंबई May 30, 2019

नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार द्वारा दूसरे कार्यकाल की जिम्मेदारी संभालने के साथ ही कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, वाहन और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों की कंपनियों ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती के लिए मांग तेज कर दी है। मोदी और उनके मंत्रियों ने राष्टï्रपति भवन में 6,000 से अधिक लोगों की उपस्थिति में गुरुवार को पद की शपथ ली। ड्यूरेबल कंपनियों का कहना है कि एयर कंडीशनर और बड़े टेलीविजनों जैसे उत्पादों की कर दर को तर्कसंगत बनाए जाने की मांग सरकार से लंबे समय से की जाती रही है। ये उत्पाद 28 प्रतिशत के कर दायरे में हैं। गोदरेज अप्लायंसेज के व्यवसाय प्रमुख और कार्यकारी उपाध्यक्ष कमल नंदी कहते हैं, 'पिछले साल जुलाई से कई अप्लायंसेज और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों को 28 प्रतिशत कर दायरे से हटाकर 18 प्रतिशत की श्रेणी में शामिल किया गया है और कंपनियों ने एसी और बड़े टीवी (32 इंच से अधिक) को भी कम कर दायरे में रखे जाने की मांग की है।' उनका कहना है, 'एसी और टीवी लक्जरी उत्पाद नहीं हैं, बल्कि जरूरी सामान हैं। इन्हें ऊंचे कर दायरे में डालना समझदारी नहीं है। कर कटौती जरूरी होगी क्योंकि इससे कीमतें नीचे लाने और मांग बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।' 
 
विश्लेषकों का कहना है कि एसी पर जीएसटी दर में 10 प्रतिशत की गिरावट से उत्पाद कीमतों के संदर्भ में 7-8 प्रतिशत की कमी आएगी, जो उपभोक्ताओं के लिए ऐसे समय में एक बड़ी राहत होगी जब नए ऊर्जा लेबलिंग मानकों से कीमतों में प्रति उत्पाद (एसी) कम से कम 5,000 रुपये तक की वृद्घि हुई है।  सायम के अध्यक्ष राजन वढ़ेरा ने पत्रकारों को बताया कि वाहन उद्योग की संस्था सायम ने भी सरकार से वाणिज्यिक एवं यात्री वाहनों पर जीएसटी दर मौजूदा 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने का अनुरोध किया है। कारों और दोपहिया समेत सभी यात्री वाहनों पर 28 प्रतिशत का जीएसटी लागू है। इंजन के आकार, वाहन की लंबाई और ईंधन के प्रकार के आधार पर वाहनों पर 1-15 प्रतिशत के बीच अतिरिक्त उपकर लगता है। 
 
वहीं रियल एस्टेट कंपनियों का भी मानना है कि सरकार को बिक्री बढ़ाने के लिए सभी कीमत खंडों में जीएसटी की एक समान दर पर विचार करना चाहिए। मौजूदा समय में 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले मकानों पर जीएसटी 8 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया गया है। वहीं अन्य आवास सेगमेंट पर 5 प्रतिशत जीएसटी है, जो पहले 12 प्रतिशत था। शोभा डेवलपर्स के वाइस चेयरमैन जे सी शर्मा ने कहा, 'सरकार को 75 लाख रुपये तक की कीमत के आवासों पर जीएसटी घटाकर 1 प्रतिशत करनी चाहिए जिससे कि बड़ी तादाद में घर खरीदार लाभान्वित हो सकें।' एनारॉक की एक ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के विभिन्न शहरों में बगैर बिके 6.73 लाख मकानों में से लगभग 85,000 मकान रेडी-टु-मूव-इन हैं और इनमें से 60 प्रतिशत 80 लाख के दायरे में हैं। जीएसटी घटने से बिक्री को बढ़ावा मिलेगा जिससे बगैर बिके मकानों की संख्या घटाने में मदद मिलेगी। 
Keyword: GST, वस्तु एवं सेवा कर, जीएसटी,,
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