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टाइगर पर्यटन विकसित करने के साथ आदिवासियों का भी होगा विकास

सुशील मिश्र / मुंबई May 28, 2019

महाराष्ट्र सरकार प्रकृति पयर्टन को बढ़ावा देने के लिए टाइगर जोन में स्कूली विद्यार्थियों के अलावा स्वतंत्रता सेनानियों, महिलाओं और अन्य नागरिकों के भी कैम्प आयोजित करेगी। राज्य में टाइगर रिजर्व के क्षेत्र में मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए स्थानीय लोगों की सुविधाओं में बढ़ोतरी करने की भी योजना है ताकि उन लोगों की जंगलों पर निर्भरता कम हो और उन्हें रोजगार के दूसरे साधन भी उपलब्ध हो सके।  महाराष्ट्र सरकार राज्य में पर्यटन को उद्योग के तौर पर विकसित करने की जरूरतों पर काम करने की योजना तैयार करना शुरू किया है। इसके लिए जरूरी है कि जंगल में रहने वाले आदिवाशियों के सहुलियत और रोजगार के साथ उनका जीवन स्तर ऊंचा उठाया जाए। साथ ही यहां आने वाले पर्यटकों को अच्छी और सटीक जानकारी भी दी जाए। महाराष्ट्र के वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने स्पाइडर म्यूजियम को बेहतर तरीके से विकसित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आज बाघ परियोजना के क्षेत्र में प्रकृति पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए केवल स्कूली विद्यार्थियों का कैम्प आयोजित किया जाता है और इसमें सुधार लाते हुए स्वतंत्रता सेनानियों, महिलाओं और अन्य नागरिकों का भी कैम्प आयोजित किया जाए और यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि इलाके के लोगों को टाइगर रिजर्व का दौरा करने के लिए कुछ रियायत मिल सकती है। इसका भी अध्ययन किया जाए। उन्होंने कहा कि टाइगर पर्यटन में, पर्यटकों को जैव विविधता, अन्य जानवरों, पशुपालन, बाघ और उनके जीवन चक्र के बारे में जानकारी मुहैया कराई जानी चाहिए।
 
वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की अध्यक्षता में टाइगर कंजर्वेशन फाउंडेशन के नियामक बोर्ड की बैठक में राज्य के छह टाइगर परियोजनाओं के लिए स्थापित की गई टाइगर रिजर्व प्रतिष्ठान 2019-20 में किये जाने वाले विभिन्न कामों और प्रस्तावित प्रावधानों को मान्यता दी गई है। बैठक में कहा गया कि यदि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों को सुविधाएं प्रदान की जाए, तो वे जंगलों पर निर्भरता कम कर देंगे, और इस बात पर विचार करते हुए काम की योजना बनाई गई तो उनके जंगल में यह मानव वन्यजीव संघर्ष को कम करने में मदद कर सकता है। मुनगंटीवार ने कहा कि राज्य में सभी टाइगर प्रोजेक्ट्स 500 महिलाओं के लिए शिलाई मशीन यूनिट की स्थापना की जाएगी, उन्हें कपास के बैग बनाने, आदिवासी आश्रम स्कूलों की वर्दी की शिलाई करने और वन कर्मचारियों की वर्दी की शिलाई के माध्यम से रोजगार मुहैया कराया जाए। उनके द्वारा तैयार किए गए बैग और अन्य उत्पादों को बेचने के लिए मार्केट चेन को विकसित किया जाना चाहिए। महिलाओं को विभिन्न कामों का सिलाई मशीनों पर प्रशिक्षण देकर उनकी क्षमता को बढ़ाया जाना चाहिए।
 
पुनर्वासित गांवों के युवाओं को ड्राइविंग के साथ ही अन्य उद्योग धंधों में प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बफर क्षेत्र में पानी की व्यवस्था बढऩे और चारागाह क्षेत्र बढऩे के कारण गांवों में आने वाले वन्य-प्राणियों की संख्या में कमी आएगी। इन प्राणियों को वहीं पर चारा मुहैया हो जाएगा। इसके परिणामस्वरूप खेती के नुकसान से भी बचा जा सकता है। वन विभाग को इन दोनों चीजों पर ध्यान देते हुए काम करना चाहिए। बफर क्षेत्र में सौर-आधारित ईंधन कुओं की संख्या में बहुत वृद्धि की जानी चाहिए। उन्होंने वन क्षेत्र में जल संरक्षण के काम और बांस से संबंधित विस्तृत प्रस्तुतिकरण देने के लिए एक प्रस्ताव पेश करने का भी आदेश दिया है। चेन लिंक फेंसिंग के माध्यम से किसानों के खेत का नुकसान रोकना संभव है। वन विभाग ने इसकी योजना तैयार कर ली है। जंगल के समीप बसे सभी गांवों के 100 फीसदी एलपीजी गैस कनेक्शन मुहैया कराने के लिए उचित योजना बनाई जानी चाहिए।
Keyword: maharashtra, mumbai, tiger reserve,,
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