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एनबीएफसी करें पर्याप्त प्रावधान

अनूप राय / मुंबई May 24, 2019

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के संबंध में एक मसौदा परिपत्र जारी किया है। इसमें आरबीआई ने कहा कि बैंकों की तर्ज पर एनबीएफसी को भी लिक्विडिटी कवरेज रेशियो (एलसीआर) रखना चाहिए। इसके साथ ही आरबीआई ने कहा है कि एनबीएफसी को पर्याप्त मात्रा में ऐसी परिसंपत्तियां भी रखना चाहिए, जिनका इस्तेमाल नकदी की जरूरतें पूरी करने के लिए हो सके । परिपत्र के अनुसार यह प्रावधान 1 अप्रैल, 2020 से प्रभावी हो जाएगा। हालांकि इस मसौदे में संकटग्रस्त एनबीएफसी क्षेत्र के लिए नकदी के संभावित समाधान के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन आरबीआई ने इतना जरूर कहा है एनबीएफसी क्षेत्र के बेहतर परिचालन को बढ़ावा देने के लिए वह प्रतिबद्ध है। केंद्रीय बैंक ने अपने मसौदा परिपत्र मेंं कहा है कि मुश्किल घड़ी में कम से कम 30 दिनों नकदी के प्रावधान के लिए कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में परिसंपत्तियां होनी चाहिए। 
 
आरबीआई ने मसौदा परिपत्र में कहा, 'आपात या सामान्य स्थिति में नकदी जुटाने के लिए एनबीएफसी के पास पर्याप्त मात्रा में परिसंपत्तियां होनी चाहिए।' परिपत्र में कहा गया है कि एनबीएफसी को सक्रिय तौर पर ऐसी परिसंपत्तियों का प्रबंधन करना चाहिए और इन पर निगरानी रखनी चाहिए ताकि समय बद्ध तरीके से इनका इस्तेमाल हो सके। इसके साथ ही सभी एनबीएफसी के पास विपरीत परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त आपात वित्तीय योजनाएं होनी चाहिए और इन इकाइयों को अपनी नकदी की स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। परिपत्र के अनुसार इससे निवेशकों को सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। 
 
हालांकि सभी एनबीएफसी के लिए नकदी संबंधी नियम लाए गए थे, लेकिन 5,000 करोड़ रुपये से अधिक पूंजी और जमा रकम लेने वाली एनबीएफसी के लिए एलसीआर अनिवार्य था। हसल में ही आरबीआई ने बड़ी एनबीएफसी को खातों में परिसंपत्ति-देनदारी असंतुलन का प्रबंधन करने के लिए रिस्क ऑफिसर (जोखिम अधिकारी) नियुक्त करने का निर्देश दिया है।   केंद्रीय बैंक ने मसौदा दिशानिर्देश में कहा, 'एलसीआर से एनबीएफसी को नकदी की समस्या से निपटने में सक्षम होगी और उच्च गुणवत्ता वाली नकद परिसंपित्तयां (एचक्यूएलए) अपने पास सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे मुश्किल घड़ी में कम से कम 30 दिनों तक कारोबार आराम से कर पाएंगी।' एचक्यूएलए समान्यत: नकदी या सरकारी प्रतिभूतियां होती हैं, जिन्हें बेचकर बाजार से त्वरित गति से रकम जुटाई जा सकती हैं। 
 
आरबीआई ने कहा कि एक अप्रैल, 2024 तक बड़ी और जमा लेने वाली एनबीएफसी का अगले 30 कैलेंडर दिनों में शुद्घ नकदी प्रवाह का न्यूनतम 100 फीसदी एचक्यूएलए होना चाहिए।  मसौदा दिशानिर्देशों में कहा गया है, 'एलसीआर आवश्यकता एक अप्रैल, 2020 से एनबीएफसी पर बाध्यकारी होगी और उनका न्यूनतम एचक्यूएलए एलसीआर का 60 फीसदी होना चाहिए। इसके बाद इसे एक अप्रैल, 2024 तक 100 फीसदी के स्तर पर पहुंचाना होगा।' केंद्रीय बैंक ने सभी एनबीएफसी में नकदी प्रबंधन के नियमों में आमूलचूल बदलावों का प्रस्ताव किया है।  100 करोड़ रुपये और उससे अधिक परिसंपत्ति कारोबार वाली सभी गैर जमा एनबीएफसी, अहम निवेश कंपनियों और जमा लेने वाली सभी एनबीएफसी को छोटी अवधि के आधार पर अपनी नकदी जांचने को कहा गया है। इसमें एक से सात दिन, 8 से 14 दिन और 15 से 30 दिन की अवधि शामिल है। 
Keyword: NBFC, bank, micro finance, RBI,
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