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बहुमत साबित करें कमलनाथ: भाजपा

संदीप कुमार /  May 20, 2019

मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र लिखकर विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि प्रदेश की कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार बहुमत खो चुकी है और उसे सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है। एग्जिट पोल में यह बात उभरकर आई थी कि लोकसभा चुनाव में भाजपा और राजग को बहुमत मिलने जा रहा है। राज्यपाल को लिखे पत्र में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा है कि मौजूदा सरकार के छह महीने के शासनकाल में कानून व्यवस्था खराब हुई है, पेयजल संकट उत्पन्न हुआ है और किसान भ्रमित हैं। भार्गव ने इन आधार पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। भार्गव ने कहा कि उनकी पार्टी कांग्रेस सरकार का शक्ति परीक्षण भी कराना चाहती है।  

 
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, 'भाजपा पहले दिन से ही ऐसी कोशिश कर रही है। मैंने पांच महीने में कम से कम चार बार बहुमत साबित किया है। वे फिर से ऐसा करना चाहते हैं तो हमें कोई परेशानी नहीं है। वे मौजूदा सरकार को परेशान करने की भरसक कोशिश करेंगे ताकि वे खुद की पोल खुलने से बच सकें। सरकार बहुमत साबित करने के लिए तैयार है।' कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जफर ने भाजपा के दावों को खारिज करते हुए बिज़नेस स्टैंडर्ड से कहा, ' अगर उनके पास ऐसी कोई जुगत है तो वे आगे बढ़ें कांग्रेस हर हालत से निपटने के लिए तैयार है।' 
 
रविवार को भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि कमलनाथ प्रदेश में 22 लोकसभा सीटें जीतने का ख्वाब देख रहे हैं जबकि यह भी तय नहीं है कि उनकी सरकार 22 दिन भी चलेगी या नहीं। एग्जिट पोल में कहा गया है कि भाजपा प्रदेश की 29 में से 27 सीटें जीत सकती है।  मध्य प्रदेश में कांग्रेस को 230 सीटों वाली विधानसभा के चुनाव में 114 सीटों पर जीत मिली थी। भाजपा को 109 सीटों पर जीत हासिल हुई। कांग्रेस ने बसपा और सपा के सहयोग से सरकार बनाई। लोकसभा चुनाव के दौरान बसपा के गुना के उम्मीदवार लोकेंद्र सिंह राजपूत ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे नाराज मायावती ने कहा था कि कांग्रेस को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।  
 
राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर पूरे प्रकरण पर अलग रुख रखते हैं। उनके मुताबिक, 'भार्गव के इन दावों में कोई सचाई नहीं है। उनके मुताबिक विजयवर्गीय और भार्गव जैसे नेता केवल अपना नाम चमकाना चाहते हैं। उन्हें डर है कि लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान प्रदेश में वापस अपनी खोई जगह पा सकते हैं। इसलिए ये केवल हालात का फायदा उठाना चाह रहे हैं।' 
Keyword: madhya pradesh, BJP, congress, kamalnath, shivraj singh,,
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