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डॉलर के मुकाबले रुपये में बड़ी उछाल

बीएस संवाददाता / मुंबई May 20, 2019

एग्जिट पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की वापसी के संकेत से भारतीय रुपये में 0.69 फीसदी की बड़ी उछाल दर्ज हुई। राजग सरकार के फिर से सत्ता संभालने और राजनीतिक स्थिरता की संभावना भारतीय परिसंपत्तियों में निवेश की खातिर विदेशी निवेशकों के लिए अहम रहेगी और शेयर सूचकांकों में उछाल में यह प्रतिबिंबित हुआ। सोमवार को सेंसेक्स 1,421.9 अंक चढ़ा जबकि निफ्टी-50 में 421.1 अंकों की उछाल आई। रुपये ने भी इस सेंटिमेंट को प्रतिबिंबित किया और डॉलर के मुकाबले 69.74 पर बंद हुआ। 
 
सुबह के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 69.45 पर पहुंचा, लेकिन कमजोर पड़ गया क्योंकि  तेल विपणन कंपनियों समेत विभिन्न आयातकों ने भविष्य की अपनी प्रतिबद्धताओं के लिए सस्ते डॉलर की खरीदारी शुरू कर दी। निर्यातकों को रुपये की बिकवाली करते भी देखा गया क्योंकि इन्हें डर है कि आगामी दिनों में रुपया मजबूत हो सकता है। इससे पहले रुपये में 18 मार्च को ऐसी उछाल देखी गई थी। पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद तेल की कीमतें स्थिर बने रहने के बाद भी रुपये में मजबूती देखी गई। अमेरिकी डॉलर की मजबूती की माप अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं से करने वाला डॉलर इंडेक्स 0.07 फीसदी फिसलकर 97.92 पर आ गया। अन्य एशियाई मुद्राओं में भी थोड़ी मजबूती आई, लेकिन रुपये की तरह नहीं। विशेषज्ञों ने कहा, रुपये में और मजबूती की गुंजाइश है। इस साल अब तक रुपया 0.38 फीसदी मजबूत हुआ है। एशिया की ज्यादातर मुद्राएं डॉलर के मुकाबले एक साल पहले के स्तर से कमजोर बनी रही। 10 साल का बॉन्ड प्रतिफल भी घटकर 7.29 फीसदी रह गया, जो पहले 7.36 फीसदी पर बंद हुआ था। प्रतिफल घटने पर बॉन्ड की कीमतें बढ़ती हैं।
 
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप लिमिटेड के मुख्य अर्थशास्त्री ए प्रसन्ना ने कहा, बाजार ने एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया जताई। अगर अंतिम नतीजे मोटे तौर पर इसके मुताबिक रहते हैं तो अल्पावधि में रुपये में तेजी की रफ्तार बनी रहेगी। करेंसी डीलरों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक मोटे तौर पर बाजार से अनुपस्थिर रहा और आयातकों को हेजिंग करने दी। मैकलाई फाइनैंशियल के उपाध्यक्ष रितेश भंसाली ने कहा, सोमवार को रुपये की चाल ने मोटे तौर पर सरकार गठन के वास्तविक घटनाक्रम का रुख बताया। लेकिन मजबूत रुपये का रुख बना रहेगा। हालांकि अगर वास्तविक आंकड़े राजग के लिए 260-270 रहते हैं तो बाजार नकारात्मक प्रतिक्रिया जता सकता है। भंसाली ने कहा, अगर राजग को बड़ा बहुमत मिलता है तो विदेशी निवेश में मजबूती आएगी और डॉलर के मुकाबले रुपया 68-68.5 के स्तर पर जा सकता है।
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