बिजनेस स्टैंडर्ड - 300+ सीट जीतने का दावा
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300+ सीट जीतने का दावा

बीएस संवाददाता / नई दिल्ली May 17, 2019

आम चुनावों के लिए काफी लंबा, थका देने वाला और कड़वाहट से भरा प्रचार अभियान आज शाम समाप्त हो गया लेकिन राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर इसके बाद भी चलता रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने संवाददाता सम्मेलन किया जिसमें मोदी सवालों पर मौन रहे जबकि शाह ने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी संवाददाता सम्मेलन करके मोदी और शाह पर अहंकारी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने आम लोगों की पीड़ा की कोई परवाह नहीं की। 
 
शाह ने कहा कि 23 मई को आने वाले आम चुनावों के नतीजों में केवल भाजपा को 300 से ज्यादा सीटें मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब लोगों का नारा एक बार फिर मोदी नहीं बल्कि बार-बार मोदी है। भाजपा अध्यक्ष में दावा किया कि मोदी सरकार देश में अब तक सबसे ज्यादा काम करने वाली सरकार है। उसने 133 से अधिक योजनाएं शुरू की और इसमें सुधार के लिए निरंतर लाभार्थियों के साथ संवाद किया।  शाह ने कहा, 'हमें हमारे काम से जनादेश मिलता है। यह दिल्ली के ड्राइंग रूम में दो नेताओं के हाथ मिलाने से नहीं आता है जो फिर अपने समर्थकों को अपने फरमान के मुताबिक वोट देने का आदेश देते हैं।' उनका इशारा समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी की मायावती के बीच हुए चुनावी गठबंधन की तरफ था।' उन्होंने कहा कि उन्हें केवल इस बात का अफसोस है कि मोदी सरकार ने अपनी सदिच्छा और कड़ी मेहनत से लोगों का दिल जीता लेकिन वह मीडिया का दिल जीतने में नाकाम रही। 
 
मोदी ने कहा कि यह भारत की खूबी है कि क्रिकेट और आईपीएल के साथ देश का सामान्य कामकाज भी चलता रहा और साथ-साथ चुनाव भी संपन्न हुए। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार दूसरों से इस मायने में अलग है कि वह समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के प्रति समर्पित रही। प्रधानमंत्री ने कहा, 'आज 17 मई है। पांच साल पहले 17 मई को कई लोग बरबाद हो गए थे क्योंकि उन्होंने कांग्रेस को 150 और भाजपा को 218 सीटें मिलने पर सट्टा लगाया था।' उन्होंने दावा किया के उनकी सरकार एक बार फिर पूर्ण बहुमत के साथ वापसी करेगी। 
 
मौजूदा और संभावित सहयोगियों के बारे में शाह ने केवल इतना कहा कि जब पार्टी 23 मई को सरकार बनाएगी तो मौजूदा सहयोगी दल उसका हिस्सा होंगे और हमारे दरवाजे उन सभी दलों के लिए खुले हैं जो हमारे सिद्घांतों और नीतियों का समर्थन करते हैं। शाह कई सवालों पर मौन रहे। भाजपा के तीन उम्मीदवारों प्रज्ञा सिंह ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े और नलिन कुमार कटील को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे का महिमामंडन करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इस बारे में पूछे जाने पर शाह ने कहा कि एक अनुशासन समिति इन उम्मीदवारों का पक्ष सुनेगी और उन पर कार्रवाई की सिफारिश करेगी। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर को उम्मीदवार बनाने के फैसले और गोडसे के बारे में उनकी टिप्पणी को जोडऩा सही नहीं है। भाजपा प्रमुख ने कहा, 'हमने हिंदुओं को आतंकवादी कहने वालों के खिलाफ सत्याग्रह के रूप में उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया था। हम गांधीजी के हत्यारों के बारे में उनकी टिप्पणी का समर्थन नहीं करते हैं।'
 
राहुल गांधी ने कहा कि भाजपा सरकार ने अपनी मार्केटिंग की और टेलीविजन पर प्रचार किया लेकिन कांग्रेस के पास सच्चाई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सभी संस्थाओं को कमजोर बनाया और भारत निर्वाचन आयोग को भी शक्तिहीन करने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, 'पूरा चुनाव अभियान नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार कार्यक्रम की सहूलियत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया। पूरा देश इसे समझता है।' राहुल ने कहा, 'हमने बेरोजगारी, किसानों के संकट, राफेल में भ्रष्टाचार का मुद्दा, अर्थव्यवस्था की खराब स्थिति, नोटबंदी, गब्बर सिंह टैक्स जैसे मुद्दे को उठाया लेकिन हमारे किसी भी सवालों का जवाब मोदी ने नहीं दिया। मुझे नहीं पता कि वह किस दुनिया में रहते हैं।'
 
राहुल ने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा का सामान्य लक्ष्य नरेंद्र मोदी को हटाना है लेकिन उन्होंने कहा कि विपक्षी एकजुटता की दिशा में आगे कोई भी कदम उठाने का फैसला 23 मई के बाद ही किया जाएगा। उन्होंने कहा, 'मैं देश की जनता के फैसले पर कुछ नहीं कहना चाहता हूं। मैं उनके फैसले का आदर करता हूं।' राहुल ने कहा, 'मैंने सुना कि प्रधानमंत्री संवाददाता सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। मैं भी उनसे सवाल करना चाहता हूं कि आखिर उन्होंने राफेल सौदे में देश के लोगों का 30,000 करोड़ रुपये एक कारोबारी को क्यों दे दिया।' उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी हिंसा के फलसफे में  यकीन करते हैं और यह गांधी का दर्शन नहीं है।
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