बिजनेस स्टैंडर्ड - एस्सार के लेनदारों के बीच वितरण के लिए सिर्फ 39,500 करोड़ रुपये
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, May 26, 2019 01:46 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

एस्सार के लेनदारों के बीच वितरण के लिए सिर्फ 39,500 करोड़ रुपये

आशिष आर्यन / नई दिल्ली May 16, 2019

एस्सार स्टील इंडिया लिमिटेड की लेनदारों की समिति ने गुरुवार को नैशनल कंपनी लॉ अपील ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) को बताया कि आर्सेलरमित्तल की 42,000 करोड़ रुपये की बोली की रकम में से सिर्फ 39,500 करोड़ रुपये ही विभिन्न लेनदारों को वितरित करने के लिए हैं। बाकी 2,500 करोड़ रुपये कॉरपोरेट सॉल्वेंसी समाधान प्रक्रिया लंबित रहने के दौरान कंपनी के वित्तीय लेनदारों के लिए कार्यशील पूंजी के तौर पर न्यूनतम गारंटी के तौर पर रखे गए हैं। एनसीएलएटी को सीओसी के वकील गोपाल सुब्रमण्यम ने बताया, सर्वोच्च न्यायालय में 42,000 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी। लेकिन अंतिम फैसले में सर्वोच्च न्यायालय ने 35,000 करोड़ रुपये की पिछली पेशकश को संदर्भित किया गया। अंतत: काफी बातचीत के बाद इसे बढ़ाकर 39,500 करोड़ रुपये किया गया।
 
सुब्रमण्यम ने एनसीएलएटी से कहा, 39,500 करोड़ रुपये विभिन्न लेनदारों के बीच वितरित करने के लिए रखे गए हैं और वित्तीय लेनदारों को इसका ज्यादातर हिस्सा मिलेगा क्योंंकि परिचालक लेनदारों के मुकाबले उनका दावा ज्यादा है। उन्होंने स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के आरोपों को खारिज कर दिया कि ओडिशा स्लरी पाइपलाइन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का कर्ज भी एस्सार स्टील की समाधान योजना में शामिल किया गया था। उन्होंने कहा, अगर दिवालिया समाधान प्रक्रिया के दौरान कंपनी कोई लाभ अर्जित नहीं करती है तो इसके लिए 2,500 करोड़ रुपये अलग रखे गए हैं। यह रकम रखे जाने के बावजूद 42,000 करोड़ रुपये के अग्रिम भुगतान में कटौती नहीं होगी। 
 
सीओसी का जवाब तब सामने आया जब स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने यह आरोप लगाते हुए एनसीएलएटी का दरवाजा खटखटाया कि लेनदारों ने 42,000 करोड़ रुपये की बोली के मुकाबले आर्सेलरमितत्तल से 39,500 करोड़ रुपये स्वीकार कर लिए हैं। स्टैंडर्ड चार्टर्ड ने आरोप लगाया था कि सीओसी ने ओडिशा स्लरी पाइपलाइन लिमिटेड के कर्ज को एस्सार स्टील के साथ जोड़ दिया था ताकि बकाया कर्ज की रिकवरी हो, जिससे आर्सेलरमित्तल की तरफ से अग्रिम भुगतान में कमी आएगी। एनसीएलएटी अब इस मामले पर 20 मई को सुनवाई करेगा।
Keyword: essar steel, NCLT,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

भारत में उपभोग थमने नहीं जा रहा है : खेमानी

Investmentsअमेरिका और चीन में व्यापार पर चल रही खींचतान और चुनाव नतीजों को लेकर

वोल्टास, ब्लू स्टार के लिए अच्छी संभावनाएं

ल्यूपिन : देसी बाजार में कमजोर बिक्री

नोवेलिस के दमदार प्रदर्शन से मार्च तिमाही में चमकी हिंडाल्को

टाटा स्टील: यूरोप में विफल सौदे का दर्द दूर करेगा भारतीय करोबार

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.