बिजनेस स्टैंडर्ड - मॉनसून देर से और कम भी
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, July 17, 2019 10:23 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम जिरह खबर

मॉनसून देर से और कम भी

अभिषेक वाघमारे / नई दिल्ली 05 14, 2019

केरल में तीन दिन देरी से पहुंचेगा मॉनसून

सूखे की 15 फीसदी आशंका, कई राज्यों में कम बारिश की आशंका
मराठवाड़ा और विदर्भ में नौ फीसदी तक कम हो सकती है बारिश

बिजनेस स्टैंडर्ड मॉनसून देर से और कम भीमौसम का पूर्वानुमान व्यक्त करने वाली निजी एजेंसी स्काईमेट ने आज दावा किया कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सामान्य तिथि से तीन दिन बाद 4 जून को केरल के तट पर पहुंचेगा। एजेंसी ने अपने पहले के पूर्वानुमान को बरकरार रखते हुए मॉनसून के दौरान सामान्य से सात फीसदी कम यानी 93 फीसदी बारिश की भविष्यवाणी की है। ग्रामीण मांग और औद्योगिक उत्पादन में सुस्ती के बाद अब मॉनसून के मोर्चे पर इस तरह का अनुमान अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक है।

सूखे से जूझ रहे महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में मॉनसून की बारिश सामान्य से करीब नौ फीसदी कम रह सकती है। इसी तरह गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश के सामान्य से कम रहने की आशंका है। स्काईमेट का कहना है कि राजस्थान, उत्तरी कर्नाटक और रायलसीमा में भी सामान्य से कम बारिश हो सकती है। इस मॉडल में पांच फीसदी घटबढ़ हो सकती है। इसी तरह मॉनसून के आने की तारीख भी दो दिन आगे-पीछे हो सकती है। 

स्काईमेट के प्रबंध निदेशक जतिन सिंह ने संवाददाताओं से कहा, 'इस सत्र में सभी चारों क्षेत्रों में सामान से कम बारिश होने का अनुमान है। पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में पश्चिमोत्तर और दक्षिण प्रायद्वीप की तुलना में कम बारिश होगी।' एजेंसी के मुताबिक जून में प्रायद्वीपीय भारत में मॉनसून की चाल सुस्त रहेगी। यह अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर नहीं है क्योंकि स्काईमेट ने कई कृषि क्षेत्रों में सामान्य से बहुत कम बारिश का अनुमान जताया है।

दूसरी तरफ मौसम का पूर्वानुमान व्यक्त करने वाली वैश्विक एजेंसियों के पर्यवेक्षकों का कहना है कि मॉनसून के दौरान अल नीनो की कमजोर स्थिति के कारण कुछ हद तक बारिश की कमी की भरपाई हो सकती है। हालांकि भारतीय मॉनसून व्यवस्था की जटिलता के कारण लंबी अवधि के सभी पूर्वानुमानों के गलत साबित होने की आशंका है। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) भी अगले कुछ दिनों में अपना पूर्वानुमान व्यक्त कर सकता है।

विभाग के पहले दीर्घावधि अनुमान में मॉनसून के सामान्य के निचले क्रम में रहने का अनुमान जताया गया था।  सिंह ने कहा कि जून की बारिश देश के दक्षिणी, पश्चिमी और मध्य इलाकों में बुआई के लिए अहम है लेकिन जरूरी नहीं है कि मॉनसून के देर से आने या जून में कम बारिश का संबंध पूरे सत्र में खराब बारिश से हो। कृषि के लिहाज से जुलाई और अगस्त की बारिश फसलों के उत्पादन के लिए सबसे अहम है।

स्काईमेट का कहना है कि इन दो महीनों के दौरान मॉनसून के सामान्य से कम रहने की आशंका है। अच्छे मॉनसून से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का योगदान बढ़ता है और ग्रामीण खपत में बढ़ोतरी होती है। रेटिंग्स एजेंसी क्रिसिल का कहना है कि इस वित्त वर्ष में आर्थिक विकास को पटरी पर लाने के लिए मॉनसून और तेल की कीमतें सबसे अहम मानक हैं।

मौसम पर नजर रखने वाले स्वतंत्र पर्यवेक्षक कुछ हद तक इससे सहमत हैं। उनका कहना है कि पश्चिमी विक्षोभों के कारण तापमान में कुछ गिरावट आई है जिससे दिल्ली और दूसरे राज्यों में गरज के साथ छींटे पड़ रहे हैं। इससे देश के मध्य इलाकों और रेगिस्तान में कम दबाव का क्षेत्र बनने में देरी हो रही है। 

30 साल से मॉनसून का अध्ययन कर रहे मुंबई के राजेश कपाड़‍िया ने कहा, 'मई में छह में चार अहम सूचकांक नकारात्मक सीमा में हैं। इससे ऐसा लगता है कि हिंद महासागर से मुख्य भूमि की ओर मजबूत दबाव का क्षेत्र बनने में देरी होगी।' दूसरे विशेषज्ञों की राय है कि मार्च में तापमान सामान्य से कम रहा, अप्रैल में सामान्य से अधिक रहा और मई में मध्य भारत में इसमें मामूली गिरावट आई है। आमतौर पर इस तरह की स्थिति से मॉनसून के आने में देरी होती है।
Keyword: agri, farmer, crop, monsoon, IMD, skymet,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या आईबीसी में संशोधन से बैंकों को मिलेंगे ज्यादा अधिकार?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.