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स्टर्लिंग बायोटेक के परिसमापन के खिलाफ एनसीएलएटी जाएंगे लेनदार

देव चटर्जी / मुंबई May 13, 2019

पिछले हफ्ते स्टर्लिंग बायोटेक को परिसमापन में भेजने के एनसीएलटी के फैसले के खिलाफ भारतीय बैंक नैशनल कंपनी लॉ अपील ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) का दरवाजा खटखटाने की योजना बना रहे हैं। पिछले हफ्ते हुई लेनदारों की समिति की बैठक में लेनदारों ने इस आदेश के खिलाफ अपील करने का फैसला लिया क्योंकि परिसमापन से उन्हें भारी नुकसान होगा। भारतीय बैंकों ने पहले भगोड़े प्रवर्तकों से 3,110 करोड़ रुपये की एकमुश्त निपटान पेशकश पर सहमति जताई थी, लेकिन एनसीएलटी ने 8 मई को इसे खारिज कर दिया।
 
केंद्र सरकार की विभिन्न इकाइयों की तरफ से इस पेशकश पर अदालतों में विपरीत रुख अपनाने के बाद ऐसा हुआ, वहीं बैंकों ने स्टर्लिंग बायोटेक के भगोड़े प्रवर्तकों की पेशकश स्वीकार कर ली थी। बैंकिंग नियामक आरबीआई ने इस पर अपनी राय नहीं दी है। कंपनी मामलों के मंत्रालय ने इस पेशकश को ठुकरा दिया, वहीं बाजार नियामक सेबी ने कहा कि वह कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की योजना बना रहा है। कंपनी बैंक धोखाधड़ी पर प्रवर्तन निदेशालय व सीबीआई की कार्रवाई का सामना कर रही है और ईडी ने उसकी परिसंपत्तियां जब्त कर ली है।
 
यह पेशकश कंपनी के भगोड़े प्रवर्तकों संदेसरा बंधुओं ने पिछले साल अगस्त में की थी, जिसमें बैंकों को अपने कुल बकाया 9,000 करोड़ रुपये पर 65 फीसदी कटौती लेनी थी। एनसीएलटी के आदेश के मुताबिक, आरबीआई ने अदालत के सामने 28 जुलाई 2015 को जारी परिपत्र (जो एनपीए से जुड़ा था) पर अपना पक्ष रखा था, जिसमें यह बताया गया है कि बैंक किस तरह से निपटान कर सकते हैं। परिपत्र में कहा गया है कि बैंकों को इरादतन चूक करने वालों और उधार लेने वालों में फर्क करना होगा, जिसने आपात परिस्थितियों में भुगतान में चूक की है।
 
आरबीआई ने कहा, कोई भी निपटान धनशोधन निरोधक दिशानिर्देश के तहत नो योर कस्टमर गाइडलाइंस के अनुपालन और धनशोधन निरोधक अधिनियम 2002 के प्रावधानों के हिसाब से होना चाहिए। हालांकि आरबीआई ने अपना रुख लिखित तौर पर जमा नहीं कराया है बल्कि इससे जुड़े परिपत्र के बारे में जानकारी दी है। एनसीएलटी ने कहा, आरबीआई के जवाब का कोई महत्व नहीं है। दूसरी ओर ईडी ने कहा, प्रवर्तक अभी जांच के घेरे में हैं और पीएलएमए अदालत दिल्ली में हमने अपना पक्ष रखकर प्रवर्तकों को आर्थिक अपराधी घोषित करने की मांग की है। ईडी ने कहा, पीएलएमए अधिनियम व आईबीसी 2016 का मुख्य मकसद एक दूसरे से अलग है।
Keyword: sterling biotech, IBC, NCLT,,
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