बिजनेस स्टैंडर्ड - तीन क्षेत्रों का आएगा ईटीएफ
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तीन क्षेत्रों का आएगा ईटीएफ

अरूप रॉयचौधरी / नई दिल्ली 05 12, 2019

बैंक, ऊर्जा और धातु एवं जिंस क्षेत्र की तैयारी

बैंक, ऊर्जा और धातु एवं जिंस क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के ईटीएफ की तैयारी

बिजनेस स्टैंडर्ड तीन क्षेत्रों का आएगा ईटीएफवित्त मंत्रालय का निवेश एवं सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) चालू वित्त वर्ष में तीन क्षेत्रों के एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) लाने की योजना बना रहा है। बिज़नेस स्टैंडर्ड को मिली जानकारी के मुताबिक बैंकिंग, ऊर्जा और धातु एवं कमोडिटी क्षेत्र में ईटीएफ लाने पर विचार किया जा रहा है। दीपम विभाग नई सरकार आने पर ही अपनी इस योजना का खाका पेश करेगा। लेकिन वह सार्वजनिक उपक्रमों की इस क्षेत्र-आधारित ईटीएफ योजना को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। बैंक, ऊर्जा और धातु एवं कमोडिटी क्षेत्रों के ईटीएफ इसी वित्त वर्ष में उतार दिए जाएंगे।

बैंकिंग क्षेत्र के ईटीएफ बास्केट में 19 सूचीबद्ध सार्वजनिक बैंकों में से कुछ बैंकों के शेयर रखे जाने की संभावना है। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी), बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे प्रमुख बैंकों के शेयर इस फंड में रखे जा सकते हैं। इसके अलावा 75 फीसदी से अधिक सरकारी हिस्सेदारी वाले कुछ अन्य बैंकों को भी इस ईटीएफ में जगह दी जा सकती है। ऐक्सिस बैंक में केंद्र सरकार की आंशिक हिस्सेदारी भी इस फंड का हिस्सा बन सकती है। एक अधिकारी ने इस योजना के बारे में कहा, 'पुनर्पूंजीकरण बॉन्ड कार्यक्रम के बाद अगला कदम सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में केंद्र की हिस्सेदारी घटाने का है। सार्वजनिक बैंकों के ईटीएफ लाना इसी दिशा में उठाया जाने वाला कदम है। दीपम और वित्तीय सेवा विभाग एक पीएसबी ईटीएफ लाने का खाका तैयार करने में लगे हुए हैं।'

ऊर्जा क्षेत्र के केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों के ईटीएफ में तेल एवं गैस और ऊर्जा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों के शेयरों को जगह दिए जाने की संभावना है। इन कंपनियों में ओएनजीसी, ऑयल इंडिया, गेल, दो तेल विपणन कंपनियां, पावर ग्रिड, एनएचपीसी और एनटीपीसी के अलावा भी कुछ उपक्रम शामिल हो सकते हैं। वहीं धातु एवं कमोडिटी क्षेत्र के ईटीएफ में कोल इंडिया, सेल, एनएमडीसी, नैशनल एल्युमीनियम कंपनी, हिंदुस्तान कॉपर, नेयवेली लिग्नाइट और कुछ अन्य सार्वजनिक कंपनियां हो सकती हैं। 

बिजनेस स्टैंडर्ड तीन क्षेत्रों का आएगा ईटीएफअधिकारियों का कहना है कि इन तीनों क्षेत्रों के ईटीएफ में शामिल कंपनियों के अंतिम स्वरूप पर अभी चर्चा चल रही है। अधिकारी ने कहा, 'फंड का अंतिम स्वरूप कई कारकों पर निर्भर करेगा जिनमें इन कंपनियों में सरकारी स्वामित्व का अनुपात, उनके बैलेंस शीट और वित्तीय हालात के अलावा निवेशकों का हित भी पहलू होगा।' उनका कहना है कि ईटीएफ के रूप में निवेशकों को ऐसा निवेश साधन मुहैया कराने की सोच है जहां वे एक क्षेत्र में निवेश कर अपने जोखिमों का दायरा बढ़ा सकें।

हालांकि इतना तय है कि ईटीएफ लाने की प्रक्रिया त्वरित नहीं होगी। राजनीतिक नेतृत्व से मंजूरी मिलने के बाद दीपम विभाग को ईटीएफ के प्रबंधन के लिए वित्तीय एवं कानूनी सलाहकारों और परिसंपत्ति प्रबंधकों की नियुक्ति करनी होगी। निवेशकों के लिए रोडशो भी आयोजित किए जाएंगे। ऐसी स्थिति में ईटीएफ के वित्त वर्ष के दूसरे हिस्से में ही आने की संभावना अधिक है।

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