बिजनेस स्टैंडर्ड - एसबीआई को ब्याज आय से बल
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Wednesday, September 18, 2019 01:02 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम मुद्रा खबर

एसबीआई को ब्याज आय से बल

बीएस संवाददाता / मुंबई May 10, 2019

देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में 838 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया जबकि वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में उसे 7,718 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। तिमाही के दौरान डूबते ऋण के लिए प्रावधान में उल्लेखनीय कमी और ब्याज आय बढऩे से मुनाफे को बल मिला।  तिमाही के दौरान एसबीआई की शुद्ध ब्याज आय 15 फीसदी बढ़कर 22,954 करोड़ रुपये हो गई। जबकि घरेलू बाजार में शुद्ध ब्याज मार्जिन 20 आधार अंक बढ़कर 3.02 फीसदी हो गया। इस दौरान गैर-ब्याज आय 1.5 फीसदी बढ़कर 12,685 करोड़ रुपये हो गई।
 
पूरे वित्त वर्ष 2019 के लिए एसबीआई ने 862 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया जबकि वित्त वर्ष 2018 के लिए उसने 6,547 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था, 'वित्त वर्ष 2019 हमारे लिए उम्मीद का वर्ष होगा। हम उम्मीद करते हैं कि सभी मानदंडों पर हमारा प्रदर्शन उम्दा रहेगा।' गैर-निष्पादित आस्तियों (एनपीए) में गिरावट के साथ ही बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्त्ता में सुधार दिख रहा है। मार्च 2019 में बैंक का सकल एनपीए घटकर 7.53 फीसदी रह गया जो मार्च 2018 में 10.91 फीसदी रहा था। डूबते ऋण के लिए बैंक का प्रावधान कवरेज अनुपात मार्च 2019 में बढ़कर 78.73 फीसदी हो गया जो एक साल पहले 66.17 फीसदी रहा था।
 
तिमाही के दौरान बैंक का कुल अग्रिम 12 फीसदी बढ़कर 22.93 लाख करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा घरेलू रिटेल बुक 18.5 फीसदी बढ़कर 6.47 लाख करोड़ रुपये हो गया। कॉरपोरेट ऋण खाता 15 फीसदी बढ़त के साथ 8.51 लाख करोड़ रुपये हो गया। कुमार ने कहा कि तमाम बैंकों के कॉरपोरेट ऋण खाते सीमित हैं और इससे हमारे लिए अवसर पैदा होगा। तिमाही के दौरान बैंक की कुल जमा 7.6 फीसदी बढ़कर 29.11 लाख करोड़ रुपये हो गई जिसमें चालू एवं बचत खातों का योगदान महज 6 आधार अंक बढ़कर 45.74 फीसदी हो गया। जबकि पूंजी पर्याप्तता अनुपात 12.72 फीसदी रहा।
 
इलाहाबाद बैंक का शुद्ध घाटा 3,834 करोड़ रुपये
 
सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक का शुद्ध नुकसान मार्च में समाप्त तिमाही में 3,834 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में करीब 3,510 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2019 की दूसरी तिमाही में इसका शुद्ध नुकसान करीब 733 करोड़ रुपये था। कुल उधारी के फीसदी के तौर पर बैंक का एनपीए पिछली तिमाही में 17.55 फीसदी रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में 15.96 फीसदी रहा था। बैंंक का शुद्ध एनपीए इस अवधि में 5.22 फीसदी रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 8.04 फीसदी रहा था। बैंक ने एनपीए के लिए 5,279 करोड़ रुपये का प्रावधान किया, जो पिछले साल की समान अवधि में 5,126 करोड़ रुपये रहा था। पिछली तिमाही में बैंक में सरकार ने 6,896 करोड़ रुपये की पूंजी डाली। इस साल फरवरी में आरबीआई ने इलाहाबाद बैंक को पीसीए के दायरे से बाहर निकलने की अनुमति दी थी। बैंक इस वित्त वर्ष में क्यूआईपी के जरिए 1,200 करोड़ रुपये जुटाने पर विचार कर रहा है। 
 
सिंडिकेट बैंक को चौथी तिमाही में लाभ
 
सार्वजनिक क्षेत्र के सिंडिकेट बैंक को बीते वित्त वर्ष की चौथी जनवरी-मार्च की तिमाही में 128.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ। मूल आय और डूबे कर्ज के अनुपात में मामूली सुधार से बैंक मुनाफा कमाने में सफल रहा है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 2,195.12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। बीते वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में बैंक ने 107.99 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। तिमाही के दौरान उसकी कुल आय बढ़कर 6,345.22 करोड़ रुपये पर पहुंच गई जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 6,046 करोड़ रुपये थी। तिमाही के दौरान बैंक की ब्याज आय 5,610.26 करोड़ रुपये रही जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,357.24 करोड़ रुपये रही थी। पूरे वित्त वर्ष 2018-19 में बैंक को शुद्ध रूप से 2,524.20 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में बैंक को 3,111.69 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष के दौरान बैंक की कुल आय घटकर 24,012.75 करोड़ रुपये पर आ गई।
 
केनरा बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार
 
सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता केनरा बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में मार्च 2019 में समाप्त तिमाही के दौरान सुधार के संकेत दिखे। तिमाही के दौरान बैंक ने 551.53 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज किया जबकि एक साल पहले की समान अवधि में उसे 4,859.77 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। हालांकि बैंक ने दिसंबर तिमाही में 317.52 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। चौथी तिमाही के दौरान कर के मद में बैंक का व्यय करीब 2,000 करोड़ रुपये रहा। जबकि कुल आय 21 फीसदी बढ़कर 14,000.43 करोड़ रुपये हो गई। पूरे वित्त वर्ष 2019 के लिए बैंक ने 347 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है जबकि इससे पिछले वित्त वर्ष में उसे 4,222.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वित्त वर्ष के दौरान बैंक के प्रावधान में करीब 3,200 करोड़ रुपये की कमी आई। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कुल आय 11 फीसदी बढ़कर 53,385.30 करोड़ रुपये हो गई। वित्त वर्ष 2019 के दौरान बैंक की सकल एनपीए घटकर 8.83 फीसदी हो गईं। 
Keyword: bank, loan, debt, RBI, NPA, SBI,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या तेल के दाम बढऩे से राजकोषीय घाटे पर बढ़ेगा दबाव?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.