बिजनेस स्टैंडर्ड - घटते निवेश से एमएफ चिंतित
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घटते निवेश से एमएफ चिंतित

जश कृपलानी / मुंबई 05 09, 2019

अप्रैल में 60 फीसदी घटा निवेश

एमएफ  में निवेश 31 महीने के निचले स्तर पर

बिजनेस स्टैंडर्ड घटते निवेश से एमएफ चिंतितफंसे कर्ज की समस्या से जूझ रहे 24 लाख करोड़ रुपये के म्युचुअल फंड (एमएफ) उद्योग को इक्विटी निवेश में भारी गिरावट से जबरदस्त झटका लगा है। अप्रैल में इक्विटी योजनाओं (कर बचत योजनाओं सहित) में निवेश में पिछले महीने की तुलना में 60 फीसदी की कमी आई और यह 4,608 करोड़ रुपये रहा। सितंबर 2016 के बाद यह सबसे कम आंकड़ा है। पिछले महीने सेंसेक्स और निफ्टी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद इक्विटी निवेश में कमी आई है। 18 अप्रैल को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सेंसेक्स और निफ्टी में करीब पांच फीसदी की गिरावट आई है। जानकारों का कहना है कि चुनाव की अनिश्चितता और बाजार में उथलपुथल के कारण इक्विटी आवंटन में कमी आई है।

सुंदरम एमएफ के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी सुनील सुब्रमण्यन ने कहा, 'मई में भी इक्विटी प्रवाह सुस्त रहने की आशंका है क्योंकि निवेशकों का रुख सतर्क रह सकता है।' विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इक्विटी प्रवाह कमजोर बना रहता है तो इससे एमएफ कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है क्योंकि इक्विटी उत्पाद ज्यादा प्रतिफल देते हैं।  पिछले 12 महीनों के 9,321 करोड़ रुपये के औसत की तुलना में अप्रैल में इक्विटी प्रवाह 21 फीसदी कम रहा। कुल मिलाकर अप्रैल में निवेशकों ने इक्विटी योजनाओं में से 12,830 करोड़ रुपये निकाल लिए जबकि 17,000 करोड़ रुपये से अधिक निवेश किए। 

विशेषज्ञों का कहना है कि इक्विटी निवेश में तेज गिरावट चिंता का विषय है क्योंकि शुद्घ इक्विटी प्रवाह सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लांस (एसआईपी) के जरिये आने वाले प्रवाह से बहुत कम है। उद्योग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'अगर एसआईपी निवेश नहीं होता तो उद्योग के लिए आंकड़ा नकारात्मक हो सकता था। यह अच्छा संकेत नहीं है।' अप्रैल के एसआईपी के जरिये योगदान 8,200 करोड़ रुपये रहा जो पिछले महीने की तुलना में दो फीसदी अधिक है। सालाना आधार पर एसआईपी योगदान 22 फीसदी अधिक है। उद्योग के अनुमानों के मुताबिक एसआईपी का अधिकांश हिस्सा इक्विटी योजनाओं में गया। लेकिन कुछ कितनी राशि इन योजनाओं में गई, यह पता नहीं चल पाया।

ग्रेड घटने और क्रेडिट संबंधी घटनाओं की आशंका के कारण ऋण योजनाओं में क्रेडिट जोखिम फंड पर निवेशकों के बाहर निकलने का दबाव बना हुआ है। अप्रैल में इन फंडों से निवेशकों ने 2,248 करोड़ रुपये निकाले जबकि निवेश केवल 994 करोड़ रुपये रहा। शुद्घ आधार पर इस श्रेणी में निवेशकों ने करीब 1,200 करोड़ रुपये निकाले। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी एन एस वेंकटेश ने कहा, 'इस श्रेणी में हम निवेशकों की तात्कालिक प्रतिक्रिया देख रहे हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशियल सर्विसेज संकट के बाद ग्रेड में कमी और चूक के भी कुछ मामले सामने आए हैं। इससे निवेशक जोखिम को लेकर सतर्क हो गए हैं।'

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