बिजनेस स्टैंडर्ड - इस साल देश में राइट्स इश्यू की होगी भरमार
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, July 20, 2019 08:50 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

इस साल देश में राइट्स इश्यू की होगी भरमार

सचिन मामबटा / मुंबई May 09, 2019

दूरसंचार क्षेत्र की दिग्गज वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल का 25,000-25,000 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू इस वित्त वर्ष को करीब तीन दशक बाद ऐसे इश्यू के मामले में सबसे बड़ा बना देगा। एक ओर जहां वोडाफोन का राइट्स इश्यू पूरा हो चुका है, वहीं एयरटेल का राइट्स इश्यू 17 मई को बंद होगा। इसके जरिए जुटाई जा रही करीब 50,000 करोड़ रुपये की रकम वित्त वर्ष 2007-08 के मुकाबले ज्यादा होगी, जिसके नाम अभी बड़े मार्जिन के साथ रिकॉर्ड है। वित्त वर्ष 2008 में ऐसे 29 इश्यू के जरिये कुल 26,229 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। यह जानकारी प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों से मिली।
 
राइट्स इश्यू तब पेश होता है जब कंपनी अपने मौजूदा शेयरधारकों से रकम जुटाती है। मौजूदा शेयरधारकों को उनके मौजूदा हिस्सेदारी के हिसाब से प्रतिभूति का आवंटन होता है। प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया ने कहा, राइट्स इश्यू से जुटाई गई रकम मोटे तौर पर दो फर्मों की है, जिन्होंने यह मार्ग चुना है। राइट्स इश्यू तब सामने आता है जब कंपनियां नकदी की तंगी से जूझती हैं और वहां बाहरी खुदरा या संस्थागत खरीद की इच्छा न हो। लीगल ऐंड कंसल्टिंग फर्म कॉरपोरेट प्रोफेशनल्स के संस्थापक पवन कुमार विजय ने कहा, राइट्स इश्यू कंपनी के प्रवर्तकों को कंपनी में अपनी रकम झोंकने का मौका देता है और वह भी कीमत संबंधी नियमों की चिंता किए बिना, जो निजी नियोजन में लागू होगा। इसके अतिरिक्त खुली पेशकश की भी दरकार नहीं होती, जिसकी आवश्यकता हिस्सेदारी बढ़ोतरी के समय अधिग्रहण संहिता के तहत होती है। बाजार नियामक सेबी खुली पेशकश से छूट देता है, अगर इसे राइट्स इश्यू के तहत पेश किया गया हो। यह तब भी कारगर होता है जब मांग को लेकर अनिश्चितता हो।
 
उन्होंने कहा, अगर वे सार्वजनिक निर्गम मसलन क्यूआईपी या एफपीओ लेकर आते हैं तो इस बात की संभावना है कि इसे कम आवेदन मिलें। वोडाफोन और एयरटेल दूरसंचार क्षेत्र में रिलायंस जियो के प्रवेश के बाद बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच रकम जुटा रही हैं। इन दोनों के अलावा कम से कम पांच कंपनियों के पास राइट्स इश्यू पेश करने की मंजूरी है। ये हैं कॉसबोर्ड इंडस्ट्रीज, ईशान डाइज ऐंड केमिकल्स, लासा सुपरजेनेरिक्स, ओंकार स्पेशियलिटी केमिकल्स और श्री केशव सीमेंट्स ऐंड इन्फ्रा। इनकी योजना 274 करोड़ रुपये जुटाने की है। पिछले साल आठ राइट्स इश्यू के जरिये महज 1,999 करोड़ रुपये जुटाए गए थे, ऐसे में अनिश्चितता के दौर में इस मार्ग का इस्तेमाल अब तक अन्य के मुकाबले ज्यादा लोकप्रिय नजर आ रहा है।
 
वित्त वर्ष 2019 में 13 क्यूआईपी के जरिये 10,489 करोड़ रुपये जुटाए गए। इस साल अप्रैल में अब तक कोई क्यूआईपी पेश नहीं हुआ है। वित्त वर्ष 2015 से अब तक एफपीओ भी पेश नहीं हुआ है। विजय ने कहा कि राइट्स इश्यू का क्रियान्वयन आसान है और कंपनी इसके तेजी से रकम जुटा सकती है। उन्होंने कहा, अन्य कंपनियां भी राइट्स इश्यू के जरिये रकम जुटाने पर विचार कर सकती हैं।  इस बीच, कुल मिलाकर रकम जुटाने के संदर्भ में राजनीतिक माहौल पर नजर रखी जाएगी। हल्दिया ने कहा, अगले कुछ हफ्तों तक हमें विराम देखने को मिल सकता है जब तक कि नई सरकार पर स्थिति स्पष्ट न हो जाए। नई सरकार के गठन के बाद हम इसमें तेजी देख सकते हैं, जो केंद्र में सरकार की स्थिरता पर निर्भर करेगी।
Keyword: vodafone, idea, IPO,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

सोने में तेजी और ऊंची लागत से फीकी पड़ रही है टाइटन की चमक

Investmentsजून तिमाही में ऊंचे मूल्यांकन और धीमी वृद्घि से टाइटन कंपनी के शेयर में 12

सोने में तेजी और ऊंची लागत से फीकी पड़ रही है टाइटन की चमक

लौह अयस्क कीमतों में तेजी से एनएमडीसी को ताकत

रेटिंग में गिरावट से मारुति पर दबाव!

न्यूनतम शेयरधारिता बढ़ाने से सरकार को ज्यादा फायदा !

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.