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ऑनलाइन शिक्षा नामांकन 63 लाख होने के आसार

विनय उमरजी / अहमदाबाद April 30, 2019

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा भारत में विश्वविद्यालयों को ऑनलाइन डिग्री पाठ्यक्रम पेश करने की अनुमति देने और सकल नामांकन अनुपात में सुधार पर सरकारी प्रयासों से ऑनलाइन उच्च शिक्षा उद्योग को मजबूती मिलेगी। टीमलीज समूह की कंपनी स्कूलगुरू एडूसर्व की एक ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।  'ऑनलाइन लर्निंग बाजार में रुझान और अवसर' शीर्षक वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑनलाइन डिग्री या डिप्लोमा नामांकनों में तेजी आने से वर्ष 2022 तक यह संख्या 14.5 प्रतिशत सालाना चक्रवद्घि दर (सीएजीआर) के साथ 63.6 लाख पर पहुंच जाने का अनुमान है। जब अमेरिका और यूरोप जैसे पश्चिमी बाजारों से तुलना की जाए तो भारत में ऑनलाइन नामांकन वृद्घि समान हो सकती है। शैक्षिक वर्ष 2015-17 के दौरान, अमेरिका और यूरोप में ऑनलाइन उच्च शिक्षा नामांकन 16 प्रतिशत और 12 प्रतिशत थे।

 
अध्ययन के अनुसार, यह सकारात्मक अनुमान सिर्फ औपचारिक उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं है बल्कि इसमें ऑनलाइन शिक्षा तंत्र शामिल है। इसमें औपचारिक डिग्री, डिप्लोमा प्रोग्राम और री-स्किलिंग प्रोग्राम भी शामिल हैं। इनमें अच्छी वृद्घि देखने को मिलेगी। ऑनलाइन शिक्षा में कुल नामांकन 33.6 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़कर वर्ष 2022 तक 2.12 करोड़ हो जाने का अनुमान है। ऑनलाइन री-स्किलिंग और सर्टिफिकेशन बाजार (रिपेयर एवं अपग्रेड के लिए) वर्ष 2022 3,333 करोड रुपये पर पहुंच जाने की संभावना है।
 
स्कूलगुरू एडूसर्व के मुख्य कार्याधिकारी एवं संस्थापक शांतनु रूज के अनुसार, ऑनलाइन शिक्षा न सिर्फ तेजी से बढ़ रहा उद्योग है बल्कि यह लागात, पूंजी और रोजगार की चुनौतियों को भी दूर कर सकता है। रूज ने कहा, 'ऑनलाइन लर्निंग उच्च शिक्षा में बदलाव के लिए एक मजबूत विकल्प मुहैया करा सकती है जिससे देश को अपनी जीईआर दर मौजूदा 25 प्रतिशत से सुधारकर 30 प्रतिशत पर पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यदि ऑन-जॉब लर्निंग के साथ इसे शामिल किया जाए तो ऑनलाइन शिक्षा में हमारे युवाओं की रोजगार क्षमता में सुधार लाने की व्यापक संभावना है।' वृद्घि के प्रमुख वाहकों के संदर्भ में, ज्ञान हासिल करने (33 प्रतिशत) और बेहतर रोजगार परिदृश्य तलाशने (27 प्रतिशत) से छात्रों को ऑनलाइन उच्च शिक्षा का चयन करने की प्रेरणा मिल रही है। इसके अलावा विषयों के संदर्भ में बात की जाए तो आर्ट, साइंस और कॉमर्स नामांकन वृद्घि के मुख्य वाहक हो सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि वर्ष 2018 और 2022 के बीच, भारतीय उच्च शिक्षा बाजार 6.09 प्रतिशत की सीएजीआर दर से बढऩे के लिए तैयार है। ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम अब तक भारत में कानूनी नहीं थे और विश्वविद्यालय 2019 से ये पाठ्यक्रम पेश करना शुरू करेंगे।
Keyword: education, school, college, UGC,,
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