बिजनेस स्टैंडर्ड - एच1बी आवेदकों को करना होगा सख्त जांच का सामना
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Sunday, August 18, 2019 04:48 PM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम क्षेत्रीय खबर

एच1बी आवेदकों को करना होगा सख्त जांच का सामना

नेहा अलावधी / नई दिल्ली April 26, 2019

अमेरिकी आव्रजन एजेंसी के अधिकारियों द्वारा अन्य देशों की तुलना में भारतीय एच1बी वीजा आवेदकों के लिए ज्यादा रिक्वेस्ट फॉर एविडेंस (आरएफई) जारी किए जाने की संभावना है। वीजागाइड.वल्र्ड द्वारा हाल में किए गए विश्लेषण में यह जानकारी दी गई है। आरएफई एक ऐसी अतिरिक्त पूछताछ है जिसके लिए अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) एच1बी मामले में निर्णय लेने के लिए अतिरिक्त साक्ष्य मांग सकती है। आरएफई या तो लाभार्थी या याची, या फिर दोनों के बारे में जानकारी से संबंधित हो सकती है।

वेब पोर्टल द्वारा एकत्रित आंकड़े के अनुसार, भारत के 72.4 प्रतिशत आवेदकों और शेष दुनिया के 61.2 प्रतिशत आवेदकों को आरएफई जारी किए गए। वर्ष 2018 में एच1बी वीजा के लिए 309,986 आवेदन या कुल एच1बी आवेदनों के 73.9 प्रतिशत भारत से थे।

एच1बी कार्य वीजा अमेरिका में ग्राहक साइटों पर कार्य के लिए भारतीय आईटी पेशेवरों द्वारा सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला प्रमुख वीजा है। यह भारतीय आईटी कंपनियों के लिए पसंदीदा वीजा रहा है और इससे उन्हें लागत नियंत्रित करने तथा अमेरिका में इंजीनियर भेजकर बहुराष्ट्रीय कंपनियों की तुलना में अधिक मार्जिन हासिल करने में मदद मिलती है।

हालांकि आईटी सेवा कंपनियों ने लॉटरी-आधारित व्यवस्था के दुरुपयोग का आरोप लगाया है क्योंकि इससे सामान्य श्रेणी में 65,000 वीजा और अमेरिका में मान्यताप्राप्त संस्थान से स्नातक डिग्री वाले लोगों के लिए अतिरिक्त 20,000 वीजा की अनुमति मिली है। डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन के कार्यकाल में अमेरिका ने एच1बी वीजा से संबंधित नियमों को सख्त बनाया है। जनवरी में अमेरिका ने नए एच1बी वीजा नियम की घोषणा की थी जो अप्रैल से प्रभावी है। इसके तहत उन विदेशी श्रमिकों को प्राथमिकता दी जाएगी जिन्होंने अमेरिकी विश्वविद्यालयों से डिग्री ली हो। 

पिछले साल नवंबर में प्रस्तावित अन्य बदलाव से भी एच1बी वीजा व्यवस्था में बदलाव आया है और डिग्रीधारकों को एच1बी वीजा मिलने की संभावना मजबूत हुई है। उद्योग संस्था नैसकॉम ने पिछले साल मई में कहा था कि अमेरिकी सरकार द्वारा प्रस्तावित नए नियमों की वजह से भारतीय आईटी कंपनियों के लिए निगरानी में इजाफा होगा। 

इसके परिणामस्वरूप, भारतीय आईटी कंपनियों ने अमेरिकी बाजार में अपनी नियुक्तियों में इजाफा किया है, जिससे मार्जिन पर दबाव पड़ रहा है, लेकिन उनका कहना है कि वे कुशल श्रमिकों के स्थानांतरण के लिए एच1बी वीजा पर लंबे समय तक निर्भर नहीं रह सकतीं।

Keyword: H1B Visa, America, US, Citizenship, RFE, Web Portal, IT Professional, Lottery, Company, Engineer, Donald Trump, Nasscom,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या वाहन उद्योग को प्रोत्साहन मिलने से अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.