बिजनेस स्टैंडर्ड - तेल में उछाल के बावजूद ब्याज दरें घटाने की गुंजाइश
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तेल में उछाल के बावजूद ब्याज दरें घटाने की गुंजाइश

बीएस बातचीत
पुनीत वाधवा /  April 26, 2019

ईरान पर सख्त पाबंदी के डर से साल 2019 में ब्रेंट क्रूड पहली बार 75 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया। इन्वेस्को म्युचुअल फंड के मुख्य निवेश अधिकारी ताहिर बादशाह ने पुनीत वाधवा को दिए साक्षात्कार में कहा कि महंगाई व बढ़त की गतिशीलता को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के पास अभी भी ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश...

ब्रेंट क्रूड की कीमतें साल 2019 में पहली बार 75 डॉलर प्रति बैरल को छू गई है। क्या बाजार इसके चलते ज्यादा राजकोषीय घाटे की संभावना को मानकर चल रहा है?

पिछले कुछ वर्षों से तेल की कीमतें कई मौकों पर 50 से 85 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में रही है और सामान्य तौर पर यह भूराजनैतिक कारणों से चढ़ा है। मौजूदा मांग-आपूर्ति का संतुलन और विकल्प की उपलब्धता तेल की कीमतों को स्वत: नियंत्रित करने की व्यवस्था के तौर पर काम करेगा। र्ईंधन की कीमतों के विनियंत्रित होने से तेल की ऊंची कीमतों का भार खुद झेलने के बजाय उपभोक्ताओंं पर डाला जाता रहा है।

इस पर भारतीय रिजर्व बैंक किस तरह की प्रतिक्रिया जता सकता है?

मुख्य महंगाई लंबे समय तक नरम बनी रह सकती है, भले ही निकट भविष्य में खाद्य महंगाई आदि की दरें बढ़ जाएं। मौजूदा महंगाई और बढ़त की गतिशीलता को देखते हुए आरबीआई के पास दरों में कटौती की गुंजाइश होगी।

क्या बाजारों में कम समय में काफी तेजी से बढ़ोतरी हुई है?

पिछले दो महीने में निफ्टी-50 में 11 फीसदी और मिडकैप व स्मॉलकैप सूचकांकों में 10-15 फीसदी की उछाल आई है, लेकिन भारत दुनिया भर में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल रहा है। लंबी अवधि के औसत के लिहाज से लार्जकैप का मूल्यांकन 35 फीसदी प्रीमियम पर होना अभी भी चुनौती बना हुआ है। हालांकि मिडकैप व स्मॉलकैप का मूल्यांकन घटा है और समायोजित पीई के आधार पर अब यह लंबी अवधि के औसतन 14 फीसदी छूट के मुकाबले 25 फीसदी छूट पर कारोबार कर रहा है, ऐसे में यह ज्यादा उपयुक्त नजर आ रहा है।

क्या 2019 में मिडकैप व स्मॉलकैप का प्रदर्शन लार्जकैप के मुकाबले बेहतर रहेगा?

मिडकैप व स्मॉलकैप का मूल्यांकन आकर्षक रहने के चलते पिछले छह महीने से इस क्षेत्र को लेकर हमारा रचनात्मक नजरिया बना हुआ है। हमें लगता है कि नरम मूल्यांकन की अवधि, बाजार की अनिश्चितता आदि के दौरान मिडकैप व स्मॉलकैप की खरीद सबसे अच्छी होती है।
Keyword: crude Oil, brent crude, Iran, Market, Fiscal Deficit, Reserve Bank, Mid Cap, Index,
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