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रमेश बावा और दो बैंक सीईओ को एनसीएलटी का नोटिस

सुब्रत पांडा / मुंबई April 26, 2019

राष्ट्रीय कंपनी लॉ पंचाट (एनसीएलटी) के मुंबई पीठ ने आईएलऐंडएफएस फाइनैंशियल सर्विसेज के पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी रमेश बावा, ऐक्सिस बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्याधिकारी अमिताभ चौधरी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक इंडिया की मुख्य कार्याधिकारी जरीन दारूवाला को आज नया नोटिस जारी किया है। इन सभी को दो हफ्तों के अंदर आईएलऐंडएफएस के पूर्व निदेशकों को अपनी संपत्तियों का निपटान नहीं करने के एनसीएलटी के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप पर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जून को होगी।

पंचाट ने कंपनी मामलों के मंत्रालय को बावा की पत्नी और बेटी को मूल मामले में प्रतिवादी बनाने की अनुमति दे दी। ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि बावा के कार्यकाल के दौरान कथित तौर पर ये भी आईएलऐंडएफ समूह की कंपनियों की लाभार्थी थीं। इसबे साथ ही पंचाट ने अपने आदेश में आईएलऐंडएफएस के निदेशकों के साथ ही बावा की पत्नी और बेटी पर भी अपनी संपत्तियों के निपटान पर रोक लगा दी है।

एनसीएलटी ने 3 दिसंबर, 2018 के अपने अंतरिम आदेश में आईएलऐंडएफएस समूह के 9 पूर्व कार्याधिकारियों को अदालत में अपनी संपत्तियों का सार्वजनिक तौर पर खुलासा करने का निर्देश दिया था। इनमें संपत्ति, वित्तीय निवेश, बैंक खाते, लॉकरों का भी खुलासा करने की बात कही गई थी। रमेश बावा व अन्य को एनसीएलटी का नोटिस 

इसके साथ ही पूर्व अधिकारियों को अगले आदेश तक आईएलऐंडएफएस समूह या उसकी सहायक इकाइयों में अपने शेयर को बेचने से भी मना कर दिया था। हालांकि उन्हें प्रति माह अपने एक बैंक खाते से 2 लाख रुपये निकासी करने की अनुमति दी थी। 

कंपनी मामलों के मंत्रालय ने अपने तर्क में कहा था कि बावा ने 3 दिसंबर को अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से 3.84 करोड़ रुपये अपनी बेटी के खाते में हस्तांतरित किए थे जबकि उन्हें यह पता था कि एनसीएलटी में उनकी संपत्तियों को जब्त करने की याचिका दायर की गई है। इसके बाद एक बार फिर बावा ने अपने ऐक्सिस बैंक के खाते से 1.14 करोड़ रुपये अपनी बेटी के खाते में हस्तांतरित किए थे।

आईएलऐंडएफएस के निदेशकों को अपनी संपत्तियों के निपटान की मनाही के आदेश के बाद भी बावा ने ऐक्सिस बैंक और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक में अपने लॉकरों को खोला था। सरकार को इसकी जानकारी नहीं है कि उन लॉकरों में क्या थे और उसके साथ क्या किया गया। सरकार ने आरोप लगाया कि पंचाट के आदेश का नोटिस देने के बावजूद लॉकरों और बैंक खातों से लेनदेन किया गया। गुरुवार को कंपनी मामलों का मंत्रालय दो बैंकों के मुख्य कार्याधिकारियों और बावा के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की थी।

Keyword: Ramesh Bawa, Axis Bank, Standard Chartered Bank, Investor, IL&FS, NCLT, Locker, Banking,
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