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पूर्ण बहुमत हासिल करेगा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन : प्रधान

बीएस संवाददाता /  April 21, 2019

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय जनता पार्टी की संभावनाओं, लोकसभा चुनाव और ओडिशा विधानसभा चुनावों पर बिज़नेस स्टैंडर्ड से बात की। संपादित अंश:

 
लोकसभा और ओडिशा विधानसभा चुनावों में भाजपा की क्या संभावनाएं हैं?
 
भाजपा केंद्र में सरकार बनाएगी और राष्टï्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को पिछली बार से ज्यादा सीटें मिलेंगी। ओडिशा में भी हमारा बहुमत आएगा और सरकार बनेगी। 
 
सीटों के बारे में कोई पूर्वानुमान?
 
मैं केवल इतना कह सकता है कि ओडिशा बड़े बदलाव की तरफ अग्रसर है। इसके दो प्रमुख कारण हैं। नवीन पटयानक सरकार के 19 साल के कार्यकाल में कोई काम नहीं हुआ, भ्रष्टïाचार चरम पर है। यह सरकार सुस्त और संवेदनहीन है। यही वजह है कि लोग इस बार इस सरकार को बदलने के मूड में हैं। दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कल्याणकारी राजनीति के कारण लोगों के दिल में उनके लिए जगह बनी है। प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सौभाग्य योजना, गरीबों के लिए शौचालय, रेल, सड़क और वायु सेवाओं के लिए अधिक निवेश और राज्य के विकास के लिए अधिक फंड देने से यह स्थिति बनी है। मोदी के पक्ष में हवा बह रही है। विरले ही ऐसा होता है। ओडिशा भाजपा के पक्ष में दो चीजें हैं। पहली यह कि वह ओडिशा में विपक्षी दल है और उसे बीजू जनता दल सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर का फायदा मिलेगा। इसके अलावा उसे अपनी अच्छी छवि का भी फायदा होगा। इन दो कारणों से इस बार भाजपा को ओडिशा में अनपेक्षित परिणाम मिलेगा। 
 
क्या आप केंद्र में सरकार बनाने के लिए बीजद का साथ लेंगे या राज्य में उसे सरकार बनाने के लिए समर्थन करेंगे?
 
इस तरह के गठबंधन का सवाल ही पैदा नहीं होता। हम केंद्र में अपने दम पर सरकार बनाएंगे और साथ ही ओडिशा में भी हमारा बहुमत आएगा। 
 
क्या आपको ओडिशा में उस तरह की सफलता की उम्मीद है जैसी दो साल पहले पंचायत चुनावों में देखने को मिली थी?
 
उससे भी बेहतर नतीजे आएंगे। उस समय तो बीजद की इज्जत बच गई थी। लेकिन इस बार उसका सफाया हो जाएगा। 
 
पंचायत चुनावों में दोनों दलों के वोट प्रतिशत में आठ फीसदी का अंतर था....
 
इस बार हम उस अंतर को पाट देंगे।
 
ओडिशा में आप किन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे?
 
पूरे राज्य में। हर गांव में बीजद को समस्या हो रही है। उनके पास कोई जवाब नहीं है। आप पटनायक के प्रचार को देख सकते हैं। वह चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने के लिए जनादेश मांग रहे हैं। वह किस मुद्दे पर वोट मांग रहे हैं? क्या उन्होंने किसी भी मुद्दे जिक्र किया है कि मैं क्या करूंगा? कुछ भी नहीं। वह केवल मोदी पर ओडिशा को नजरंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं। उनका अपने आंकड़े कुछ और कह रहे हैं। वर्ष 2014 में संप्रग के दूसरे कार्यकाल में ओडिशा को 490,000 मकान मिले थे। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रति इकाई राशि 75,000 रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दी। ओडिशा सरकार की वेबसाइट के मुताबिक पिछले पांच साल में केंद्र सरकार ग्रामीण गरीबों को 800,000 मकान दे चुकी है और 200,000 निर्माणाधीन हैं। यानी पिछले पांच साल में दस लाख मकान। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में सालाना औसत खर्च 2,500 करोड़ रुपये पहुंच चुका है जबकि 2009-2014 के दौरान यह 1,100 करोड़ रुपये था। इसी तरह रेलवे बजट में 2009 से 2014 के बीच हमें 5,000 करोड़ रुपये से कम राशि मिली थी। पिछले पांच साल में हमें 27,000 करोड़ रुपये मिले हैं। फिर भी पटनायक मोदी पर राज्य को नजरंदाज करने का आरोप लगा रहे हैं। पटनायक की राज्य के लिए क्या योजना है? वह राज्य में रोजगार की स्थिति में कैसे सुधार करेंगे? वे गरीबी को चरणबद्घ तरीके से कैसे दूर करेंगे?
 
लेकिन पटनायक अभी लोकप्रिय चेहरा हैं...
 
ओडिशा में लोग बीजद सरकार के खिलाफ बगावत कर रहे हैं। राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीर स्थिति पैदा हो गई है। महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। पहले लोगों को लगता था कि पटनायक का कोई विकल्प नहीं है। आज मोदी का विकास का मॉडल उनका विकल्प है। लोग भाजपा को विकल्प के रूप में देख रहे हैं। लोग मोदी पर भरोसा करते हैं और ओडिशा में आज हमारा मजबूत सांगठनिक आधार है। हमने पंचायत चुनावों में अपनी ताकत दिखाई थी और इन चुनावों में हम अधिकांश सीटें जीतकर एक बार फिर अपनी ताकत दिखाएंगे। 
 
लेकिन भाजपा ने दूसरे दलों के नेताओं को साथ लेकर अपना आधार बढ़ाया है....
 
यह कोई कारण नहीं है। हमारे अध्यक्ष अमित शाह पहले दिन से ही इस दिशा में काम कर रहे हैं। वह खुद को सफल राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में स्थापित कर चुके हैं। अपना जनाधार बढ़ाने के लिए हमने तीन-चार तरीके अपनाए। आपको दूसरे दलों के प्रभावशाली व्यक्तियों को अपनी पार्टी में लाना होता है। ओडिशा में हमने यही किया। 
 
दूसरे तरीके क्या हैं?
 
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना, ज्यादा लोगों को पार्टी से जोडऩा, सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की गतिविधियां बढ़ाना और जमीनी स्तर पर ज्यादा सांगठनिक व्यवस्था।
 
भाजपा एक विकल्प बनकर उभरी है। लेकिन नवीन पटनायक के विकल्प के तौर पर उसके पास कोई चेहरा है?
 
वैकल्पिक व्यक्तित्व की जरूरत नहीं है? लोग वैकल्पिक व्यवस्था को वोट देंगे। यह लोकतंत्र है। ओडिशा की राजनीति में सामंतवाद नहीं है। यहां भाजपा प्रधानमंत्री मोदी के नाम पर चुनाव लड़ रही है। राज्य में प्रतिभावान नेताओं की कमी नहीं है। अगर हमें बहुमत मिला तो हम सरकार की अगुआई करने के लिए किसी चेहरे का चयन कर लेंगे। मुख्यमंत्री का चेहरा जरूरी नहीं है। महाराष्टï्र और उत्तर प्रदेश में कौन भाजपा का मुख्यमंत्री का चेहरा था?
 
भाजपा का आर्थिक एजेंडा क्या है?
 
ओडिशा के लोग प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा क्यों करते हैं? क्योंकि उन्हें विश्वास है कि मोदी का विकास मॉडल ज्यादा आर्थिक सशक्तिकरण आएगा। रोजगार और स्वरोजगार के ज्यादा अवसर मिलेंगे। ओडिशा में इसकी पर्याप्त संभावनाएं हैं। ओडिशा में खनिज भंडार हैं, जल संसाधन हैं, उपजाऊ जमीन है और लोग मेहनती हैं। साथ ही हमारी लंबी तटरेखा है, प्राकृतिक सौंदर्य है और पुरी जैसी सांस्कृतिक धरोहर है। साथ ही राज्य में कई अहम मंदिर और सिमलीपाल, कंधमाल और कोरापुट में वन संपदा मौजूद है। लोग जंगल सफारी के लिए अफ्रीका जा रहे हैं जबकि हमारा सिमलीपाल और कंधमाल इससे कम नहीं है। यह ब्रांडिंग, सुविधाएं विकसित करने और बुनियादी ढांचा बनाने का मुद्दा है। केवल पर्यटन के दम पर ही ओडिशा विकास कर सकता है। हमारे पास कृषि, पर्यटन और औद्योगिक विकास की संभावनाएं हैं। देश में बनने वाली वस्तुओं का ओडिशा से दक्षिणपूर्व एशिया को निर्यात किया जा सकता है। हमारे पास पर्याप्त कोयला है जिससे हम सस्ती बिजली की आपूर्ति कर सकते हैं। हमारे पास सर्वोत्तम गुणवत्ता का लौह अयस्क और बॉक्साइट है। हमारे पास तेलशोधक कारखाना है जिससे आपको पेट्रोकेमिकल उत्पाद मिलते हैं। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से लेकर औद्योगिक सामान तक ओडिशा दक्षिणपूर्व एशिया के लिए निर्यात का प्रमुख केंद्र बन सकता है। अगर हमारे लोग प्लंबिंग के लिए पूरी दुनिया में जा रहे हैं तो हम यहां प्लंबिंग का सामान बनाने का उद्योग क्यों नहीं लगा सकते हैं? तटीय राज्य होने से ओडिशा में पंजाब, उत्तर प्रदेश या मध्य प्रदेश की तुलना में विनिर्माण सस्ता पड़ेगा। 
 
आप इस बार चुनाव में क्यों नहीं उतरे?
 
मैं पार्टी का एक छोटा कार्यकर्ता हूं। मेरी पार्टी ने मुझे दूसरी जिम्मेदारी दी है। मैं मंत्रिमंडल में अपने काम से खुश हूं। मैंने पूरे लगन के साथ काम किया है। मैं अपने भविष्य का फैसला नहीं कर सकता हूं। इसका फैसला पार्टी करेगी। मैंने कभी नहीं सोचा कि मैं विधायक या सांसद का चुनाव लडूंगा। मैं दो बार अलग-अलग राज्यों से राज्यसभा में जा चुका हूं। इसका फैसला हमेशा पार्टी करती है। 
 
दूसरे कार्यकाल में आप प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को कैसे देखते हैं?
 
अगर मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बनते हैं तो जून के बाद नई विश्व व्यवस्था देखने को मिलेगी। राजग के तीसरे और मोदी के दूसरे कार्यकाल में दुनिया में सत्ता का केंद्र शिफ्ट हो जाएगा। भारत दुनिया की प्रमुख महाशक्ति होगी। मैंने दुनिया के प्रमुख नेताओं के साथ मोदी के व्यक्तिगत रिश्तों को देखा है। पिछले पांच साल में हमने जो विकास देखा है वह अगले पांच साल में दस गुना हो जाएगा।
 
ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की क्या स्थिति होगी?
 
उपभोक्ता होने के नाते हम दुनिया में ऊर्जा परिदृश्य को प्रभावित कर रहे हैं। मोदी ने नई विश्व व्यवस्था बनाने के लिए इसका इस्तेमाल किया है। दुनिया के कई देश इस बात को स्वीकार कर रहे हैं। मोदी ने एक नया कूटनीति आर्थिक मॉडल बनाया है। अगर चीन को व्यापार और वाणिज्य में हमारे साथ अच्छे रिश्ते चाहिए तो उसे हमें गैर बासमती चावल के निर्यात की अनुमति देनी होगी। इससे ओडिशा जैसे राज्यों को फायदा होगा।
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