बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार से स्पेक्ट्रम खरीद सकती है जियो
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Saturday, July 20, 2019 08:52 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम बाजार खबर

बाजार से स्पेक्ट्रम खरीद सकती है जियो

अमृता पिल्लई / मुंबई April 19, 2019

हर महीने औसतन 1 करोड़ ग्राहक जोड़ रही और 30 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा छू चुकी रिलायंस जियो अपनी सेवाएं बिना किसी गतिरोध के बनाए रखने के लिए माना जा रहा है कि वह खुले बाजार से स्पेक्ट्रम खरीद सकती है। इस बीच, विश्लेषकों का मानना है कि फाइबर व टावर परिसंपत्तियों को अलग इकाई में हस्तांतरित करने के कंपनी के मुद्रीकरण के कदम से आने वाले समय में एबिटा घटेगा क्योंंकि इसका परिचालन खर्च (लीज रेंटल के चलते) बढ़ जाएगा। पिछली तिमाही में कंपनी ने स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए रिलायंस कम्युनिकेशंस के साथ हुआ करार समाप्त कर दिया क्योंकि दूरसंचार विभाग ने इस सौदे को मंजूरी देने से मना कर दिया और कंपनी आरकॉम के पिछले बकाए के भुगतान पर सहमत नहीं हुई। दोनों कंपनियों ने दिसंबर 2017 में इस बाबत समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। अभी जियो, आरकॉम का 850 मेगाहट्र्ज स्पेक्ट्रम मुंबई समेत 21 सर्किल में साझा कर रही है। कंपनी ने कहा है कि उसके पास हर सर्किल में 850, 1800 व 2300 मेगाहट्र्ज में पर्याप्त स्पेक्ट्रम है, लेकिन विश्लेषकों ने कहा कि बिना किसी गतिरोध के सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए कंपनी को स्पेक्ट्रम का अधिग्रहण की दरकार पड़ सकती है।
 
एक विश्लेषक ने कहा, आरकॉम के साथ स्पेक्ट्रम साझा करने के कानूनी निहितार्थ हैं। इसने मुंबई सर्किल के लिए दूरसंचार विभाग को भुगतान की समयसीमा गंवा दी, जिसके बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अगर बकाया नहीं चुकाया जाता है तो सरकार स्पेक्ट्रम का लाइसेंस वापस ले सकती है। इससे जियो की सेवाएं प्रभावित होगी। जियो के रणनीति व योजना प्रमुख अंशुमन ठाकुर ने कंपनी की चौथी तिमाही के नतीजे की घोषणा के समय कहा, जरूरी हुआ तो कंपनी और स्पेक्ट्रम खरीदने के लिए तैयार है। हमारे पास पर्याप्त स्पेक्ट्रम है और यह आरकॉम के साथ करार समाप्त होने के चलते प्रभावित नहीं होगा। लेकिन जरूरी हुआ तो हम और स्पेक्ट्रम खरीद सकते हैं।
 
विश्लेषकों ने कहा कि ऑप्टिक फाइबर और टावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को अलग कर दो कंपनियों (एसपीवी) को हस्तांतरित करने से इसका परिचालन खर्च बढ़ जाएगा। यह कदम जियो के लिए हल्की परिसंपत्ति मॉडल के तहत उठाया जाएगा, जो इसकी बैलेंस शीट को दुरुस्त करने में मदद करेगा। क्रेडिट सुइस के विश्लेषकों ने कहा, हालांकि इनविट ढांचा कर पश्चात लाभ के लिहाज से तटस्थ रह सकता है, लेकिन घोषित लाभ पर इसका असर काफी ज्यादा रह सकता है। अभी 1 अरब डॉलर की ब्याज लागत जियो में पूंजीकृत हो रही है, जो इनविट के बाद बढ़ जाएगा। क्रेडिट सुइस ने कहा कि दूरसंचार कंपनी का एबिटा भी प्रभावित हो सकता है।
 
जियो का एबिटा 2018-19 की चौथी तिमाही में क्रमिक आधार पर 6.8 फीसदी बढ़कर 4,329 करोड़ रुपये रहा। साल दर साल के हिसाब से यह 60 फीसदी ज्यादा है। एबिटा मार्जिन भी 39 फीसदी पर है। जियो ने हालांकि कहा कि बुनियादी ढांचा परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से कीमत सृजन में मदद मिलेगी। इसमें जियो अहम किराएदार होगी। इसके पास 20 साल का करार है और पहले इनकार का अधिकार भी, साथ ही टावर के किराए में छूट भी मिल रही है। कंपनी ने कहा कि जियो डिजिटल फाइबर के पास फाइबर परिसंपत्तियां हैं और इसका मूल्यांकन साख वाले अंतरराष्ट्रीय मूल्यांकनकर्ता ने किया है। जियो डिजिटल फाइबर का उचित मूल्यांकन 1.65 लाख करोड़ रुपये है। उचित कीमत व लागत मूल्य के बीच अंतर के बराबर रिलायंस इंडस्ट्रीज को तरजीही शेयर का आवंटन किया गया है। इसलिए इसे अलग करने से जियो की देनदारी 1.07 लाख करोड़ रुपये कम करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त 78,000 करोड़ रुपये के तरजीही शेयर आरआईएल को जारी किए गए हैं।
Keyword: reliance, jio, optic fiber, spectrum,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:

स्मार्ट इंवेस्टर

सोने में तेजी और ऊंची लागत से फीकी पड़ रही है टाइटन की चमक

Investmentsजून तिमाही में ऊंचे मूल्यांकन और धीमी वृद्घि से टाइटन कंपनी के शेयर में 12

सोने में तेजी और ऊंची लागत से फीकी पड़ रही है टाइटन की चमक

लौह अयस्क कीमतों में तेजी से एनएमडीसी को ताकत

रेटिंग में गिरावट से मारुति पर दबाव!

न्यूनतम शेयरधारिता बढ़ाने से सरकार को ज्यादा फायदा !

आगे पढ़े
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.