बिजनेस स्टैंडर्ड - मॉनसून से पहले चावल स्टॉक ने बढ़ाई खाद्य निगम की चिंता
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मॉनसून से पहले चावल स्टॉक ने बढ़ाई खाद्य निगम की चिंता

दिलीप कुमार झा / मुंबई April 17, 2019

खाद्यान्न खरीद करने वाली सरकारी एजेंसी भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) मॉनसून की बारिश से पहले अपने केंद्रीय भंडार में चावल का अब तक का सर्वाधिक स्टॉक कम करने का रास्ता खोजने की जद्दोजहद में जुटा है। बढ़ते भंडार से एफसीआई काफी चिंतित है। एफसीआई ने मार्च 2019 में अपने केंद्रीय भंडारण के चावल स्टॉक में सर्वाधिक 2.639 करोड़ टन के साथ 16 प्रतिशत की क्रमबद्ध उछाल दर्ज की है जबकि फरवरी 2019 में यह स्टॉक 2.279 करोड़ टन था। मार्च 2018 में 2.328 करोड़ टन चावल स्टॉक था जबकि इससे पिछले महीने यह 1.989 करोड़ टन था।
 
एफसीआई और इसके सहयोगी संस्थानों के स्वामित्व तथा प्रबंधन की वास्तविक भंडारण क्षमता की तुलना में अधिक खरीद होने के कारण खाद्यान्न के स्टॉक का प्रबंध करना एफसीआई के लिए कई सालों से चुनौतीपूर्ण रहा है। भंडारण सुविधा की कमी के कारण मॉनसून सीजन से पहले यह काम और अधिक कठिन हो जाता है। चूंकि चावल तेजी से पानी सोखता है। इसलिए खराब होने की आशंका के कारण मॉनसून के सीजन में इसका भंडारण बड़ी चुनौती होता है। एफसीआई के एक वरिष्ठï अधिकारी ने कहा, 'हमने इस सीजन में धान की रिकॉर्ड खरीद की है। 7 अप्रैल, 2019 तक एफसीआई ने 3.76 करोड़ टन चावल के बराबर छह करोड़ टन धान की अब तक की सबसे अधिक खरीद दर्ज की है। इससे जोखिम पैदा हो रहा है।' मार्च 2019 तक एफसीआई के केंद्रीय भंडारण में कुल खाद्यान्न स्टॉक 4.65 करोड़ टन रहा जिसमें गेहूं के स्टॉक का योगदान 2.011 करोड़ टन था। एफसीआई के पास केंद्रीय भंडारण में 2.045 करोड़ टन बिना पेराई वाला धान और 1,15,000 टन मोटे अनाज का स्टॉक भी था। अलबत्ता गेहूं को लेकर निजी क्षेत्र के माध्यम से खाद्यान्न बिक्री के लिए मुक्त बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) लाने के संबंध में एफसीआई ने अपने मूल मंत्रालय यानी केंद्रीय खाद्य मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा है। इलेक्ट्रॉनिक नैशनल एग्रीकल्चर मार्केट (ई-नाम) के अलावा एफसीआई निजी क्षेत्र के जिंस पोर्टल एनसीडीईएक्स के स्पॉट एक्सचेंज लिमिटेड (एनस्पॉट) के माध्यम से भी अपने खाद्यान्न की नीलामी करता है।
 
चुनावी सीजन की वजह से सरकार को केंद्रीय भंडारण में चावल स्टॉक कम करने के लिए कोई ठोस नीति बनाने से पहले इसकी मंजूरी के लिए चुनाव आयोग के पास जाना पड़ेगा। इसलिए एफसीआई फिलहाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की सामान्य व्यवस्था के जरिये इसे जारी करने की कवायद में लगा है।  एफसीआई के एक अधिकारी ने कहा, 'हमने पिछले साल (वित्त वर्ष 2018-19) ओएमएसएस के माध्यम से 82 लाख टन गेहूं बेचा। हमने खाद्य मंत्रालय से इस साल भी इसी तरह की ओएमएसएस नीति शुरू करने की सिफारिश की है। हमें विश्वास है कि सरकार मंजूरी के लिए इसे चुनाव आयोग ले जाएगी। इसलिए गेहूं स्टॉक का कोई मसला नहीं है। हालांकि चावल का स्टॉक अब भी चुनौती बना हुआ है।'
 
कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के आंकड़ों के अनुसार 2018-19 के दौरान भारत का कुल चावल उत्पादन 11.5 करोड़ टन रहने का अनुमान है जबकि पिछले वर्ष यह 11.1 करोड़ टन था। 2018-19 में गेहूं उत्पादन का अनुमान 9.912 करोड़ टन जताया गया था जो पिछले वर्ष 9.711 करोड़ टन था।
Keyword: agri, farmer, crop, monsoon, FCI,,
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