बिजनेस स्टैंडर्ड - दलहन आयात के नए नियम
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दलहन आयात के नए नियम

सुशील मिश्र / मुंबई April 17, 2019

दलहन कारोबारियों की लगातार मांग और देश में दलहन उत्पादन कम होने की आशंका से सरकार ने दालों के आयात में ढील दी है। दलहन आयातकों पर नजर रखने के लिए आयात के नए नियम तय करने के साथ-साथ आयातकों को लाइसेंस लेना भी अनिवार्य किया गया है। इस साल रबी सीजन के दौरान दलहन फसलों का उत्पादन करीब 10 फीसदी कम रहने का अनुमान लगाया गया है।   किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए सरकार ने आयात पर कोटे की बंदिश भी लगा रखी है। दलहन कारोबारियों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी कि सरकार आयात की बंदिशें खत्म करे या फिर आयात कोटे को बढ़ाए। कारोबारियों की मांग मानते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में कुछ किस्म की दालों के आयात के लिए नियम-प्रकियाएं तय की हैं। इसके लिए आयातकों को लाइसेंस लेना होगा। इस संबंध में मंत्रालय ने मिल मालिकों से आवेदन आमंत्रित किए हैं।
 
मंत्रालय के तहत आने वाले विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) के मुताबिक मिल मालिकों और दाल प्रसंस्करण करने वाली इकाइयों को ऐसी दालों के आयात के लिए लाइसेंस की जरूरत होगी। डीजीएफटी ने एक नोटिस में कहा है कि कुल 2,00,000 टन तुअर (अरहर) दाल, 1,50,000 टन उड़द दाल, 1,50,000 टन मूंग दाल और 1,50,000 टन मटर के आयात के लिए प्रक्रिया निर्धारित कर दी गई है। इससे पहले सरकार ने दलहन आयात के लिए जो कोटा तय किया था उसके अनुसार 2019-20 के लिए मटर, मूंग और उड़द की आयात सीमा 1,50,000 टन और तुअर के लिए 2,00,000 लाख टन आयात सीमा तय की थी।
 
दलहन आयातकों को लाइसेंस लेते वक्त तय किए गए नियमों को मानना होगा। तय की गई प्रक्रिया के मुताबिक प्रत्येक रिफाइनिंग-प्रसंस्करण इकाई को अपने आवेदन में दस्तावेज प्रस्तुत करके अपनी रिफाइनिंग और प्रसंस्करण क्षमता के बारे में बताना होगा। यह दस्तावेज किसी केंद्रीय, राज्य या जिले के अधिकारी द्वारा जारी होना चाहिए। इसके अलावा आयातकों को बंदरगाहों पर पहुंचे आयातित माल का मासिक ब्योरा भी जारी करना होगा। भारत सालाना 40 लाख से 60 लाख टन तक दालों का आयात करता है। देश में सालाना 2.4 करोड़ टन दलहन खपत होती है। देश में दलहन के भारी उत्पादन को देखते हुए सरकार ने इसके आयात पर कोटे की पाबंदी लगाई हुई है। 
 
कृषि मंत्रालय के अनुमान के मुताबिक 2018-19 में दलहन फसलों का कुल उत्पादन 240 लाख टन रहने वाला है जो पिछले साल 2017-18 के बराबर ही है। लेकिन रबी सीजन में दलहन फसलों का उत्पादन पिछले रबी सीजन के मुकाबले करीब 10 फीसदी कम रहने वाला है। इस बार रबी सीजन में दलहन फसलों का कुल उत्पादन 142.8 लाख टन रहने का अनुमान है जबकि पिछले रबी सीजन में देश में 158.9 लाख टन दलहन फसलों का उत्पादन हुआ था। उत्पादन कम होने के साथ-साथ आयात भी कम है। 2018-19 (अप्रैल-दिसंबर) में 4,001 करोड़ रुपये मूल्य की 13,72,177 टन दलहन का आयात हुआ जबकि 2017-18 के दौरान 19,053 करोड़ रुपये की 56,76,2778 टन दलहन का आयात किया गया था।
Keyword: agri, farmer, pulses, export, import,,
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