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वसीयत बनाते समय परिवार की भी लें राय

सरबजीत के सेन /  April 17, 2019

वैसे लोग, जिनके पास संपत्तियां हैं और वे इन्हें आसानी से अगली पीढ़ी को हस्तांतरित करना चाहते हैं, उनके लिए वसीयत तैयार करना बहुत जरूरी है। मगर आम तौर पर इस काम की अनदेखी की जाती है। कोई भी व्यक्ति इस दस्तावेज के जरिये यह सुनिश्चित कर सकता है कि उसकी संपत्तियां उसके वारिसों में ठीक उसी तरह और उसी अनुपात में बंटे, जिस तरह वह चाहता है। वसीयत से वारिसों में संपत्ति को लेकर झगड़े से बचने में भी मदद मिलती है। इससे यह भी सुनिश्चित होता है कि किसी व्यक्ति की संपत्तियों के बारे में उसके वारिसों को पता ही नहीं हो और उन्हें लेकर दावा नहीं किया जाए।  वसीयत उस व्यक्ति की स्वतंत्र इच्छा पर होनी चाहिए, जो उसे लिखा रहा है। उस पर कम से कम दो गवाहों के हस्ताक्षर भी होने चाहिए। इसके अलावा वसीयत लिखने के लिए किसी व्यक्ति को नियुक्त किया जाना चाहिए। यहां अहम मसला यह है कि इस प्रक्रिया में परिवार को किस स्तर तक शामिल किया जाना चाहिए। 

 
वसीयत लिखते समय क्या करें 
 
परिवार को दें जानकारी : वसीयत का मकसद पत्नी, बच्चों और पोते-पोतियों को वित्तीय मदद मुहैया कराना है। हालांकि आपको उन्हें वसीयत के प्रावधानों के बारे में बताने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन्हें दस्तावेजों और मुख्य मकसदों के बारे में सूचित करना चाहिए। परिवार के साथ वसीयत के बारे में चर्चा करने का एक अहम फायदा यह है कि व्यक्ति वसीयत में लिए गए फैसलों के पीछे के मकसद के बारे में बता सकता है। इससे इस बात के आसार कम हो जाते हैं कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद परिवार के सदस्य वसीयत को चुनौती देंगे। वे उसकी इच्छाएं जानते हैं, इसलिए उनसे वसीयत का सम्मान किए जाने की उम्मीद होती है। एमके वेल्थ मैनेजमेंट की सहायक उपाध्यक्ष (उत्तराधिकार योजना) नमिता अग्रवाल ने कहा, 'परिवार की भागीदारी से वसीयत लिखने वाले को यह पता चल जाता है कि परिवार का हर व्यक्ति कौन सी संपत्ति लेना चाहता है। वे कुछ संपत्तियों को बेचने या उन कुछेक कारोबारों को बंद करने का सुझाव दे सकते हैं, जिन्हें वे नहीं लेना चाहते।'
 
वसीयत के बारे में सीमित जानकारी दें
 
वसीयत निजी दस्तावेज है। वसीयत लिखने वाले को इस बारे में सतर्क रहना चाहिए कि उसे वसीयत की कितनी चीजें अपने परिवार को बतानी हैं। डब्ल्यूजीसी वेल्थ में मुख्य निवेश अधिकारी राजेश चेरुवु ने कहा, 'अगर वसीयत से परिवार के किसी सदस्य को बाहर रखा जा रहा है तो इसकी सूचना पहले नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि ऐसी स्थिति में वसीयत में उस सदस्य को बाहर रखने की वजह बताई जानी चाहिए।'  अगर वसीयत के ब्योरे का पहले ही खुलासा कर दिया गया तो परिवार के वे सदस्य जो यह मानते हैं कि उनके साथ भेदभाव किया गया है, वे वसीयतकर्ता पर अपने फैसले को बदलने का दबाव बनाना शुरू कर सकते हैं। अग्रवाल कहती हैं, 'वसीयत को गोपनीय रखने की एक आम वजह यह है कि व्यक्ति की अपने वारिसों के बीच संपत्ति को बांटने की योजना उसके परिवार के सदस्यों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरे। ऐसे में वे वसीयतकर्ता पर इसमें बदलाव करने का दबाव बनाना शुरू कर सकते हैं। इससे परिवार के सदस्यों में विवाद भी पैदा हो सकता है।'
 
एक्जिक्यूटर नियुक्त करें 
 
वसीयत लिखने वाले व्यक्ति को अपने परिवार को यह सूचना देनी चाहिए कि वसीयत कहां है। इसके अलावा उसे परिवार के सदस्यों को यह निर्देश देना चाहिए कि वसीयत को कैसे क्रियान्वित किया जाना चाहिए। इसके लिए एक विश्वसनीय एक्जीक्यूटर नियुक्त किया जाना चाहिए, जो वसीयत का लाभार्थी नहीं होना चाहिए। उसे वसीयत के बारे में बताया जाना चाहिए। उससे एक्जिक्यूटर की भूमिका की उम्मीद की जानी चाहिए। हालांकि व्यक्ति को उसे वसीयत के बारे में बताने से बचना चाहिए।  टेरेंशिया कंसल्टेंट्स के एमडी और सीईओ संदीप नारलेकर के मुताबिक परिवार के नजदीकी सदस्यों को उस व्यक्ति के बारे में बताया जाना चाहिए, जिसके पास वसीयत रखी गई है। वह कहते हैं, 'कम से कम अपनी पत्नी, एक नजदीकी दोस्त और अपने बच्चों को यह जानकारी दी जानी चाहिए कि आपने वसीयत लिखी है और इसे कहां रखा गया है। आपको उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कौन एक्जिक्यूटर है और किसके पास वसीयत की प्रति है।'
 
पंजीकरण है उपयोगी 
 
कानून के तहत वसीयत का पंजीकरण कराना अनिवार्य नहीं है, लेकिन ऐसा करने से वारिसों को फायदा मिल सकता है। चेरुवू ने कहा, 'वसीयत का पंजीकरण उसकी वास्तविकता और उसके लिखे जाने के समय का सबूत होता है। हालांकि पंजीकरण नहीं कराने का यह मतलब नहीं है कि वह वसीयत असल नहीं है, बशर्ते कि यह कानूनी सलाहकार की मदद से ठीक से बनाई गई हो। अगर पहले की वसीयत का पंजीकरण कराया गया था तो उसके बाद के वर्जन को पंजीकरण कराना अच्छा है। हालांकि यह कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं है।'
 
वसीयत लिखने के बाद 
 
वसीयत लिखना कदम है, लेकिन इसके बाद निश्चिंत नहीं हुआ जा सकता। आपको इसके बाद भी कुछ कदम उठाने होंगे। 
 
वसीयत को अद्यतन करें 
 
आपको बदलती परिस्थितियों के साथ अपनी वसीयत को अद्यतन बनाने की जरूरत पड़ सकती है। आपकी संपत्ति एवं देनदारी बदल सकती है और आपके परिवार के सदस्यों में भी बदलाव आ सकता है। एक उदाहरण देखिए। हो सकता है कि आपने अपने तीन बच्चों और परिवारों के लिए एक बड़े मकान की योजना बनाई हो। लेकिन अगर वे बाद में अलग-अलग रहने का फैसला करते हैं तो आप अपनी वसीयत में बदलाव के बारे में विचार कर सकते हैं ताकि उन्हें अपने-अपने घरों के लिए भुगतान किया जा सके। नारलेकर ने कहा, 'संपत्तियों में बदलाव, संपत्ति वितरण, लाभार्थियों में घटत या बढ़त से आपको अपनी वसीयत में बदलाव करना पड़ सकता है। आप इसमें बदलाव के लिए पूरक दस्तावेज शामिल कर सकते हैं। अगर आप लाभार्थियों और संपत्ति के बंटवारे में बदलाव कर रहे हैं तो इसे फिर से तैयार करना उचित होगा।' विवाद के चलते पहले ही वसीयत स्वत: ही रद्द हो जाती है। चेरुवु ने कहा, 'जब भी आपकी व्यक्तिगत परिस्थितियों में बदलाव हो जैसे शादी, फिर से शादी, तलाक, जन्म या गोद लेना, पत्नी की या एक्जीक्यूर की मृत्यु तो वसीयत के फेरबदल के बारे में विचार करना चाहिए। भारतीय उत्तराधिकार कानून के तहत विवाह से स्वत: ही आपकी वर्तमान वसीयत रद्द हो जाती है। इसका मतलब है कि आपको फिर से वसीयत लिखनी होगी।' कानून या आपके वित्तीय हालात में बदलाव होने पर भी वसीयत में बदलाव करना जरूरी है। 
 
नॉमिनी और एक्जिक्यूटर के नाम अपडेट करें
 
आम तौर पर वसीयत लिखने वाले लोग यह उल्लेख करते हैं कि उनकी संपत्तियां उस व्यक्ति को मिलनी चाहिए, जिसका नाम नॉमिनी में लिखा गया है। ऐसी परिस्थितियों में व्यक्ति को समय-समय पर नॉमिनी का नाम अपडेट करना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति ने परिवार के सदस्य या दोस्त को वसीयत का एक्जिक्यूटर नियुक्त किया है और उस दोस्त की पहले ही मृत्यु हो जाती है तो नई वसीयत लिखना जरूरी हो जाता है, जिसमें नए एक्जिक्यूटर का नाम होना चाहिए।  
 
बदलते लक्ष्यों के साथ तालमेल 
 
परिवार के सदस्यों के बदलते वित्तीय लक्ष्यों से वसीयत में बदलाव करना जरूरी बन सकता है। उदाहरण के लिए आप अपने पोते या पोती की शिक्षा के लिए एक बड़ी राशि को अलग रख सकते हैं। हालांकि अगर उसकी शिक्षा आपके जीवित रहने के दौरान ही पूरी हो जाती है तो वसीयत में बदलाव किया जा सकता है और उस पैसे को अन्य उद्देश्य के लिए आवंटित किया जा सकता है। 
Keyword: property, will,,
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