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प्रतिभूतिकरण बाजार में एसबीआई बड़ा खरीदार

नम्रता आचार्य / कोलकाता April 15, 2019

क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि सख्त नकदी परिदृश्य के बीच, एनबीएफसी एमएफआई (गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी-सूक्ष्म ऋण संस्थानों) ने वित्त वर्ष 2018-19 में प्रतिभूतिकरण सौदों के जरिये लगभग 26,200 करोड़ रुपये जुटाए, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 170 प्रतिशत की वृद्घि है। एनबीएफसी एमएफआई ने वित्त वर्ष 2018 में 9700 करोड़ रुपये की रकम जुटाई थी। एमएएफआई के अनुसार, प्रतिभूतिकरण सौदों में तेजी के पीछे कारकों में से एक यह भी था कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एनबीएफसी से 45,000 करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो खरीदने का निर्णय लिया। आईएलऐंडएफएस द्वारा ऋण चूक के बाद सितंबर 2018 में एनबीएफसी क्षेत्र में पैदा हुए नकदी संकट के पश्चात एसबीआई ने नकदी स्थिति सुगम बनाने के लिए कई एनबीएफसी के पोर्टफोलियो खरीदने की घोषणा की थी। 

 
उदाहरण के लिए, सबसे बड़े एनबीएफसी-एमएफआई में से एक आरोहण के प्रबंध निदेशक मनोज नांबियार के अनुसार, आरोहण ने एसबीआई को अपने 600 करोड़ रुपये के ऋण बेचे। एक एनबीएफसी-एमएफआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस साल, एसबीआई एनबीएफसी एमएफआई क्षेत्र में प्रतिभूति बाजार में सबसे बड़े खरीदारों में से एक रहा।' इसके अलावा, 2017-18 में एनबीएफसी एमएफआई द्वारा प्रतिभूतिकरण सौदों का आकार कोष उगाही में ज्यादातर वृद्घि डायरेक्ट असाइनमेंट (डीए) की वजह से दर्ज की गई। इक्रा के अनुमानों के अनुसार, डीए के जरिये एनबीएफसी एमएफआई द्वारा किए गए सौदों का आकार वित्त वर्ष 2019 के लिए लगभग 13,500 करोड़ रुपये पर था, जबकि वित्त वर्ष 2018 और वित्त वर्ष 2017 में यह 4,000 करोड़ रुपये और 3,000 करोड़ रुपये था।
 
इक्रा में स्ट्रक्चर्ड फाइनैंस रेटिंग्स के गु्रप हेड विभोर मित्तल के अनुसार, 'प्रतिभूतिकरण एनबीएफसी-एमएफआई के लिए हमेशा से एक महत्वपूर्ण फंडिंग टूल रहा है, लेकिन निर्भरता खासकर वित्त वर्ष 2019 की दूसरी छमाही के दौरान काफी अधिक थी।' मित्तल के अनुसार, 'वित्त वर्ष 2018 और वित्त वर्ष 2019 की पहली छमाही में, प्रतिभूतिकरण का कुल कोष वितरण में सिर्फ 18-20 प्रतिशत का योगदान था। हालांकि यह आंकड़ा बढ़कर 37 प्रतिशत हो गया है और वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही और वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में बढ़कर 50 प्रतिशत पर अनुमानित है। दूसरे शब्दों में कहें तो वित्त वर्ष 2019 की चौथी तिमाही में कुल रकम वितरण का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा प्रतिभूतिकरण के विकल्प के जरिये पूरा होने का अनुमान है।' लगभग 43 कंपनियों ने वित्त वर्ष 2019 में प्रतिभूतिकरण विकल्प के जरिये कोष उगाही की, जबकि वित्त वर्ष 2018 में इन कंपनियों की तादाद सिर्फ 24 थी। इनमें से 14 कंपनियों ने प्रतिभूति बाजार में पहली बार कदम रखा। इक्रा के अनुसार वित्त वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही में प्राथमिक क्षेत्र की उधारी (पीएसएल) और गैर-पीएसएल लेनदेन, दोनों में प्रतिफल में वित्त वर्ष 2018 की तुलना में 100-150 आधार अंक की तेजी दर्ज की गई । 
Keyword: credit, rating, icra, NBFC,,
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