बिजनेस स्टैंडर्ड - सोने में निवेश करने के लिए डिजिटल गोल्ड बेहतर विकल्प
 Search  BS Hindi  Web   BS E-Paper|      Follow us on 
Business Standard
Monday, August 26, 2019 08:48 AM     English | हिंदी

होम

|

बाजार

|

कंपनियां

|

अर्थव्यवस्था

|

मुद्रा

|

विश्लेषण

|

निवेश

|

जिंस

|

क्षेत्रीय

|

विशेष

|

विविध

|

अर्थनामा

 
होम विश्लेषण खबर

सोने में निवेश करने के लिए डिजिटल गोल्ड बेहतर विकल्प

तिनेश भसीन /  April 14, 2019

पेटीएम और फोनपे के बाद अब गूगल पे अपने ऐप के जरिए डिजिटल गोल्ड की सुविधा देने जा रही है। खबरों के अनुसार डिजिटल गोल्ड की सुविधा देने के लिए भुगतान ऐप गूगल पे ने एमएमटीसी-पीएएमपी इंडिया के साथ साझेदारी की है। भौतिक तरीके से सोना खरीदने की चाह रखने वालों के लिए डिजिटल गोल्ड अधिक सुविधाजनक और लागत-प्रभावी तरीका है। इन तीनों ऐप के अलावा मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज और स्टॉक होल्डिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसएचसीआईएल) भी इस तरह के उत्पाद उपलब्ध करा रही हैं।

 
भौतिक तौर पर सोना रखने में सबसे बड़ी समस्या उसकी सालाना भंडारण/रखरखाव लागत है। अधिकतर इसे सुरक्षा की दृष्टि से बैंक लॉकर मेंं रखना सही मानते हैं। लेकिन सरकारी बैंक एक छोटे लॉकर के लिए 800 रुपये सालाना से अधिक शुल्क वसूलते हैं तो वहीं निजी बैंक द्वारा लिया जाने वाला सालाना शुल्क 3,000 रुपये से शुरू होता है। साथ ही, अगर आप भौतिक रूप में सोना खरीदते हैं तो कम से कम एक ग्राम सोना खरीदना होगा। 
 
एक रुपये से शुरू करें खरीद
 
डिजिटल सोना खरीदने की सुविधा देने वाले अधिकांश प्लेटफॉर्म ने एमएमटीसी-पीएएमपी से साझेदारी की है। मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज में सहयोगी निदेशक और प्रमुख (कमोडिटी और करेंसी) किशोर नारने कहते हैं, 'हम खनन और शोधन कंपनी के लिए वितरक की तरह काम करते हैं।' ये सभी उत्पाद एमएमटीसी-पीएएमपी द्वारा बनाए जाते हैं इसलिए इनकी विशेषताएं भी एकसमान होती हैं। कोई भी व्यक्ति कम से कम 1 रुपये तक का सोना (करीब 0.0003 ग्राम) भी खरीद सकता है। मोतीलाल ओसवाल और एसएचसीआईएल के लिए यह न्यूनतम राशि अधिक (1,000 रुपये) है। 
 
एक बार खरीदारी करने के बाद इस सोने को एमएमटीसी-पीएएमपी लॉकर में 5 सालों के लिए रखा जाता है। समय के साथ कोई भी व्यक्ति सोने को छोटी-छोटी मात्रा में खरीद सकता है और जब उसकी मात्रा 1 ग्राम या अधिक हो जाए तो उसकी डिलिवरी करा सकता है। दूसरी ओर, वे इसे ऑनलाइन ही बेच भी सकते हैं। खरीदने और बेचने की सभी कीमतें लाइव रहती हैं। एक बार व्यक्ति सोना खरीदने की मात्रा का चुनाव कर लेता है तो 5 मिनट के भीतर खरीद करनी होगी वरना कीमतों में बदलाव हो सकता है। 
 
आप किसी भी समय ऑनलाइन सोना खरीद सकते हैं। भौतिक तौर पर सोना मंगाने के अलावा खरीदार इस सोने को दोबारा उसी प्लेटफॉर्म पर भी बेच सकता है। यहां सोने की बिक्री भी लाइव कीमतों पर आधारित होती हैं तो खरीदार को ई-कॉमर्स वेबसाइटों पर या जौहरियों द्वारा बेचे जाने वाले सोने के सिक्कों से कम मूल्य देना पड़ता है। हालांकि बायबैक कीमतें खरीदारी वाली कीमतों से काफी कम होती हैं। इसलिए अगर आप डिजिटल गोल्ड में निवेश की योजना बना रहे हैं तो अगर सोने की कीमतें लगातार नहीं बढ़तीं (खरीद कीमत से कम से कम 5-6 प्रतिशत अधिक) तो आपको लाभ नहीं हो पाएगा। 
 
नहीं है निवेश योजना
 
भौतिक तौर पर सोना खरीदने की चाह रखने वालों के लिए डिजिटल सोना बेहतर विकल्प हो सकता है। डिजिटल सोने की कीमतें प्रतिस्पर्धी हैं लेकिन एक बार जब आप डिलिवरी का निर्णय ले लेते हैं तो आपके उसका मेकिंग चार्ज भी देना होगा। हालांकि इसके बाद भी यह जौहरियों या बैंक से खरीदने से सस्ता ही होगा। फोनपे की निदेशक और प्रमुख (बिल पे, रीचार्ज, सोना और राजस्व) प्रिया नरसिम्हन कहती हैं, 'डिजिटल सोना वित्तीय योजना नहीं है। यह भौतिक सोने को रखने का बेहतर, लागत प्रभावी और पारदर्शी तरीका है।'
 
सोने में निवेश की चाह रखने वालों के लिए सॉवरिन गोल्ड बॉन्ड बेहतर विकल्प है। इसमें निवेश की अवधि के दौरान सालाना ब्याज भी मिलता है। दूसरा विकल्प गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) है लेकिन निवेशकों को कुछ शुल्क (व्यय अनुपात) देना पड़ता है जो सालाना 0.006 प्रतिशत से लेकर 2.51 प्रतिशत तक हो सकता है। हालांकि डिजिटल गोल्ड में काफी तरलता है क्योंकि आप इसे किसी भी समय बेच सकते हैं। 
 
जौहरियों की योजना से अधिक सुविधाजनक
 
डिजिटल गोल्ड जौहरियों द्वारा दी जाने वाली विभिन्न योजनाओं के मुकाबले अधिक सुविधाजनक है। किसी योजना में हो सकता है कि आपको चुने गए समय के लिए प्रत्येक महीने एक  निश्चित राशि जमा करानी होगी। जब यह अवधि समाप्त होती है तो आप कुल जमा राशि के बदले उस जौहरी से सोना खरीद सकते हैं। कुछ जौहरी पिछली चुकाई गई किस्त पर 55 प्रतिशत से 75 प्रतिशत तक की छूट देते हैं। कुछ जौहरी मेकिंग चार्ज पर छूट देते हैं। अगर आप एक साल के लिए एकसमान किस्त के तौर पर 12,000 रुपये देते हैं तो खरीद के समय जौहरी 550-750 रुपये तक की छूट देंगे। अगर कोई ग्राहक बैंक में इसी राशि को आवर्ती जमा खाते में जमा करे तो बैंक उसे 7.5 प्रतिशत का ब्याज देगा और उसे साल के अंत में 550 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।  हालांकि ब्याज दरें आकर्षक लग सकती हैं लेकिन जमाकर्ता को योजना की परिपक्वता पर प्रचलित मूल्य पर सोना मिलता है। लेकिन अगर आप डिजिटल गोल्ड खरीदते हैं तो आप विभिन्न कीमतों पर सोना खरीद सकते हैं और कीमतों में उतार-चढ़ाव का लाभ ले सकते हैं।  इसके अलावा, आप अपनी क्षमता के आधार पर प्रत्येक महीने सोना खरीद सकते हैं और ऑनलाइन खरीदारी में मासिक तौर पर सोना खरीदने के लिए कोई निश्चित सीमा तय नहीं की जाती। 
Keyword: gold, jewelary, silver, paytm, google pay, apps,,
Advertisements
  Cover from Earthquake & Floods. Buy Home Insurance
   Get seamless access to Business Standard & WSJ.com starting at just Rs. 49/- per month*
Display Name  Email-Id  
Post your comment

CAPTCHA Image Reload Image Enter Code*:
  आपका मत
 क्या बैंकों को नई पूंजी मिलने से कर्ज आवंटन में आएगी तेजी?
हां नहीं  
पढ़िये
ईमेल
About us Authors Partner with us Jobs@BS Advertise with us Terms & Conditions Contact us RSS Site Map  
Business Standard Private Ltd. Copyright & Disclaimer feedback@business-standard.com
This site is best viewed with Internet Explorer 6.0 or higher; Firefox 2.0 or higher at a minimum screen resolution of 1024x768
* Stock quotes delayed by 10 minutes or more. All information provided is on "as is" basis and for information purposes only. Kindly consult your financial advisor or stock broker to verify the accuracy and recency of all the information prior to taking any investment decision. While due diligence is done and care taken prior to uploading the stock price data, neither Business Standard Private Limited, www.business-standard.com nor any independent service provider is/are liable for any information errors, incompleteness, or delays, or for any actions taken in reliance on information contained herein.