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औद्योगिक वृद्घि आई 20 महीने नीचे

शुभायन चक्रवर्ती / नई दिल्ली April 12, 2019

निर्माण उत्पादन, खासकर पूंजीगत और उपभोक्ता वस्तु खंड में आई कमी की वजह से फरवरी में औद्योगिक वृद्घि गिरकर 0.1 प्रतिशत के अपने 20 महीने के निचले स्तर पर रह गई।  इससे पहले, जनवरी के महीने में यह वृद्घि 1.43 प्रतिशत दर्ज की गई थी। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में नवंबर 2018 से नरमी दर्ज की गई है और कमजोर निर्यात, ग्रामीण दबाव, ऋण समस्याओं तथा चुनाव परिणाम से जुड़ी अनिश्चितता की वजह से इसकी रफ्तार नरम बनी रहने के आसार हैं। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-फरवरी की अवधि में औद्योगिक उत्पादन पूर्ववर्ती वित्त वर्ष की समान अवधि के 4.3 प्रतिशत की तुलना में 4 प्रतिशत बढ़ा।
 
निर्माण सेगमेंट का आईआईपी में 77.6 प्रतिशक का योगदान है जो फरवरी में 0.3 प्रतिशत तक घट गया। वहीं जनवरी में इसमें (निर्माण सेगमेंट) 0.93 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई थी। इससे पहले, दिसंबर 2018 में निर्माण का आंकड़ा  2.95 प्रतिशत था। आंकड़ों से आईआईपी में लगातार अस्थिरता का पता चलता है। पूंजीगत वस्तु सेगमेंट में उत्पादन वृद्घि 8.8 प्रतिशत की कमी के साथ नकारात्मक रही। पूर्ववर्ती महीने (जनवरी) में इसमें 3.42 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई थी। मशीनरी और भारी परिवहन की मदद से पूंजीगत वस्तु उत्पादन अक्टूबर तक मजबूत बना हुआ था। 
 
इंडिया रेटिंग्स ऐंड रिसर्च में मुख्य अर्थशास्त्री देवेंद्र कुमार पंत ने कहा, 'पूंजीगत वस्तु क्षेत्र में जहां वित्त वर्ष 2019 के दौरान अप्रैल-अक्टूबर में 8.9 प्रतिशत की औसत वृद्घि दर्ज की गई थी और इससे अर्थव्यवस्था में निवेश में सुधार की उम्मीद बढ़ गई थी, लेकिन फिर से इसकी चमक फीकी पड़ती दिख रही है। दिसंबर 2018 को छोड़कर, पूंजीगत वस्तु ने नवंबर से हरेक महीने में नकारात्मक वृद्घि दर्ज की है।' केयर रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, '1.2 प्रतिशत के साथ उपभोक्ता वस्तु उत्पादन से उन इन्वेंट्री का भी पता चलता है जो वर्ष की तीसरी तिमाही में जमा हुईं, जब क्षमता इस्तेमाल में सुधार आया था। लेकिन मांग धीमी पडऩे से उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ी है।'
 
दूसरी तरफ, कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स के लिए फरवरी में वृद्घि दर 4.3 प्रतिशत पर रही जो जनवरी में 3.3 फीसदी थी। अन्य सभी इस्तेमाल आधारित सेगमेंट में या तो वृद्घि में कमी दर्ज की गई या इसमें सिर्फ एक अंक में तेजी आई। सबनवीस ने कहा कि पूरे वर्ष के लिए कुल आईआईपी वृद्घि लगभग 4.5 प्रतिशत होगी, जो हमारे पिछले अनुमान से आधा प्रतिशत कम है। निर्माण में 23 उप-क्षेत्रों में से 13 ने फरवरी में सालाना आधार पर गिरावट दर्ज की, जबकि जनवरी के लिए यह आंकड़ा 11 था। 
Keyword: IIP, WPI, economy,,
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