बिजनेस स्टैंडर्ड - जीएसपी पर बड़ी छूट मांग रहा अमेरिका
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जीएसपी पर बड़ी छूट मांग रहा अमेरिका

इंदिवजल धस्माना / नई दिल्ली April 11, 2019

अमेरिका द्वारा भारत से व्यापार में मांगी जा रही छूट उसके द्वारा जनरल स्कीम ऑफ प्रिफरेंस (जीएसपी) वापस लिए जाने से देश को होने वाले राजस्व नुकसान की तुलना में काफी ज्यादा है। इससे अमेरिका द्वारा इन दर रियायतों को समाप्त करने की दिशा में दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की संभावना पर पानी फिर गया है। 

सूत्रों का कहना है कि द्वारा जीएसपी वापस लिए जाने से भारत को 19-24 करोड़ डॉलर सालाना के राजस्व को गंवाना पड़ेगा, जबकि जीएसपी बरकरार रखे जाने के बदले अमेरिका द्वारा आईटी उत्पादों पर जो दर छूट मांगी जा रही है, वह 3.2 अरब डॉलर होगी। जीएसपी से भारत को कुछ खास उत्पादों के  संदर्भ में शून्य दर पर अमेरिका को निर्यात करने की अनुमति मिली है।

इसके अलावा, अमेरिका ने भारत द्वारा चिकित्सा उपकरणों पर निर्धारित की गई कीमत सीमा का भी विरोध किया है। भारत में इन चिकित्सा उपकरणों का 7 अरब डॉलर का बाजार है। यह बाजार आयुष्मान भारत के पूरी तरह अमल में आने के बाद 12 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है। वहीं अगले 2-3 वर्षों में इसके 20 अरब डॉलर पर पहुंच जाने का अनुमान है। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका द्वारा जिन अन्य रियायतों की मांग की गई है, उनमें भारत में डेरी उत्पादों में प्रमाणन प्रक्रिया को सुगम बनाना भी शामिल है। 

मार्च में, अमेरिका ने जीपीएस समाप्त करने का निर्णय लिया था जिस पर मई के पहले सप्ताह में अमल किया जाएगा। भारत ने 2017-18 में 5.6 अरब डॉलर के सामान का अमेरिका को निर्यात किया था। कर छूट वापस लिए जाने से भारत को कर वृद्घि के तौर पर 24 करोड़ डॉलर का नुकसान होगा। जीएसपी के तहत एक हजार से अधिक उत्पादों पर शुल्क शून्य था, जिनमें गैर-जैविक और जैविक केमिकल, खीरा और ककड़ी जैसे कृषि उत्पाद, और कुछ खास तरह की पशु खाल मुख्य रूप से शामिल हैं।

जहां भारत का रुख है कि जीएसपी विकसित देशों द्वारा विकासशील देशों को दिए गए गैर-पारस्परिक और गैर-भेदभावूपर्ण लाभ थे, वहीं अमेरिका खासकर भारत द्वारा कीमत नियंत्रण व्यवस्था और दरों को लेकर असहमत था। भारत ने इन मामलों पर अमेरिका को अपने रुख से अवगत करा दिया है। आईटी उत्पादों पर शुल्कों को लेकर भारत ने कहा है कि 10-15 प्रतिशत पर ये दरें नरम हैं और इससे आयात प्रभावित नहीं होगा। 

अधिकारियों ने कहा है कि भारत चिकित्सा उपकरणों पर कीमत नियंत्रण के संदर्भ में अमेरिका की चिंता को दूर करने को इच्छुक है। वह एक उचित समय-सीमा में उपयुक्त व्यापार मार्जिन दृष्टिकोण अपनाने को तैयार है। हालांकि उसे ग्राहकों के लिए इन उत्पादों की किफायत को ध्यान में रखने की जरूरत होगी।

Keyword: US, India, Trade, GSP, General Scheme of Preference, Data, Revenue, Product,
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