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नए वित्त वर्ष में आईपीओ बाजार की अच्छी शुरुआत

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा / मुंबई/नई दिल्ली April 11, 2019

वित्त वर्ष 2019-20 में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम बाजार की अच्छी शुरुआत हुई है। मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर और पॉलिकैब इंडिया ने आईपीओ के जरिए इस साल अप्रैल में 2,550 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसे संस्थागत निवेशकों के मजबूत निवेश से सहारा मिला। अप्रैल के दौरान जुटाई गई रकम जुलाई 2018 के बाद सबसे ज्यादा रहा है, जब दो कंपनियों ने प्राथमिक बाजार से 3,925 करोड़ रुपये जुटाए थे। पिछले साल अप्रैल में किसी भी कंपनी ने रकम जुटाने के लिए आईपीओ का सहारा नहीं लिया। लेकिन अप्रैल 2017 में एस चांद ऐंड कंपनी ने आईपीओ के जरिए 728 करोड़ ररुपये जुटाए थे।

जहां तक हालिया पेशकश की बात है, पॉलिकैब इंडिया के आईपीओ में पात्र संस्थागत खरीदार की श्रेणी में 92 गुना आवेदन मिले हैं, वहीं मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर के मामले में यह नौ गुना रहा। एक्सचेंज के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। विश्लेषकों ने इसकी वजह द्वितीयक बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की रुचि है, जहां एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी-50 पिछले हफ्ते अपने-अपने सर्वोच्च स्तर को छू गए। पिछले एक महीने में इन सूचकांकों में क्रमश: 6 फीसदी व 5 फीसदी की उछाल आई है। एफपीआई ने इस अवधि में 38,018 करोड़ रुपये का निवेश किया  है।

इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, आकर्षक कीमत, अच्छे कारोबारी मॉडल और साफ-सुथरे प्रबंधन वाली कंपनियों के शेयर निवेशक हाथों-हाथ खरीद लेंगे। द्वितीयक बाजार में मिडकैप व स्मॉलकैप कंपनियों की स्थिति सुधर रही है और प्राथमिक बाजार में भी इन कंपनियों के शेयर के खरीदार मिल रहे हैं। विशेषज्ञों ने कहा कि प्राथमिक बाजार में रकम जुटाने का रुख इस पर निर्भर करेगा कि आम चुनाव के नतीजे और वैश्विक संकेतों की पृष्ठभूमि में द्वितीयक बाजार का प्रदर्शन कैसा रहता है।

प्राइम डेटाबेस के प्रबंध निदेशक प्रणव हल्दिया का मानना है कि चुनाव के नतीजों का कंपनियों की रकम जुटाने की योजना पर सीधा असर दिखेगा। उनके मुताबिक, अगर चुनाव में खंडित जनादेश मिलता है तो कंपनियां आगे बढऩा शायद पसंद नहीं करेंगी। दूसरी ओर, स्थिर सरकार का गठन होने की स्थिति में कई आईपीओ पेश हो सकते हैं। करीब 64 कंपनियों को 63,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए बाजार नियामक सेबी की मंजूरी मिल चुकी है जबकि आठ कंपनियां करीब 7,600 करोड़ रुपये जुटाना चाह रही हैं।

Keyword: IPO, Company, Regulator, SEBI, Prime Database, Mid cap, Small cap, FPI, Equinomics, Nifty, Polycab,
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