बिजनेस स्टैंडर्ड - बाजार हिस्सेदारी: जापानी कंपनियां आगे
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बाजार हिस्सेदारी: जापानी कंपनियां आगे

शैली सेठ मोहिले / मुंबई April 11, 2019

वर्ष 2018-19 में यात्री वाहन बनाने वाली अधिकतर कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी वास्तविक नहीं दिख रही है। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2019 में भारतीय बाजार में हुई बिक्री में महज 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई जो पिछले चार वर्षों में सबसे कम है। वाहन विनिर्माताओं के संगठन में शामिल 16 सदस्यों में से महज चार ने ही 31 मार्च को समाप्त वर्ष के लिए अपनी बाजार हिस्सेदारी में बढ़त दर्ज कीं। इनमें से तीन जापान की वाहन कंपनियों की भारतीय इकाइयां- सुजूकी, होंडा और टोयोटा- हैं। टाटा मोटर्स एकमात्र ऐसी भारतीय कंपनी है जिसने अपनी बाजार हिस्सेदारी में मामूल वृद्धि दर्ज की है।

हालांकि यह बेहद मामूली अंतर है लेकिन यह वृद्धि भारतीय, यूरोपीय और अमेरिकी यात्री वाहन विनिर्माताओं की कीमत पर दर्ज की गई हैं। जबकि कम बाजार हिस्सेदारी वाली कंपनियों की बिक्री और बाजार हिस्सेदारी दोनों मोर्चे पर गिरावट का सामना करना पड़ा। चालू वित्त वर्ष 2019-20 इन कंपनियों के लिए कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

यात्री कार बाजार की अग्रणी कंपनी मारुति सुजूकी इंडिया की इस श्रेणी में बाजार हिस्सेदारी मामूली वृद्धि के साथ 51.2 फीसदी हो गई जो एक साल पहले 50 फीसदी रही थी। कुल मिलाकर, वैगनआर और बलेनो जैसे सफल मॉडल बनाने वाली कंपनी की बिक्री 5.2 फीसदी बढ़कर 17,29,826 वाहन हो गई। जबकि हुंडई की बाजार हिस्सेदारी 16.31 फीसदी से घटकर 16.14 फीसदी रह गई।

अपेक्षाकृत कमजोर आधार के बावजूद टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 6.85 फीसदी हो गई जो एक साल पहले करीब 6.4 फीसदी रही थी। इसी प्रकार यात्री वाहन श्रेणी में टाटा मोटर्स की बिक्री 10 फीसदी बढ़कर 2,31,512 वाहन हो गई। लेकिन नए मॉडलों के बल पर वृद्धि हासिल करने के बावजूद वह महिंद्रा ऐंड महिंद्रा को तीसरे पायदान से डिगा नहीं पाई।

महिंद्रा ऐंड महिंद्रा बिक्री में पिछले साल के मुकाबले 2 फीसदी की बढ़त के साथ टाटा मोटर्स से आगे बरकरार है। साल के दौरान महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने 2,54,351 वाहनों की बिक्री की। मुंबई की कंपनी ने साल के दौरान तीन नए मॉडल उतारे लेकिन यात्री कार बाजार में उसकी हिस्सेदारी 7.57 फीसदी से घटकर 7.53 फीसदी रह गई।

होंडा कार्स इंडिया ने साल के दौरान जबरदस्त वापसी की। उसकी बिक्री 8 फीसदी बढ़कर 1,83,787 वाहन हो गई जो इससे पिछले साल 1,70,026 वाहन रही थी। कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 5.17 फीसदी से बढ़कर 5.44 फीसदी हो गई। इस बढ़त को मुख्य तौर पर अमेज सिडैन से सहारा मिला।

टोयोटा किर्लोस्कर की बाजार हिस्सेदारी मामूली बढ़त के साथ 4.28 फीसदी से बढ़कर 4.46 फीसदी हो गई। देश में बिकने वाली हरेक 10 में से आठ कार इन शीर्ष पांच कंपनियों की होती हैं। किया मोटर्स और एमजी मोटर्स जैसी नई कंपनियों के बाजार में उतरने से प्रतिस्पर्धा कहीं अधिक बढऩे के आसार हैं।
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